बिहार के आरा में सनसनीखेज डबल मर्डर: सगाई की मिठाई खरीदने गए पिता-पुत्र की गोली मारकर हत्या, पुलिस ने शुरू की जांच।
बिहार के भोजपुर जिले के आरा शहर में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। मुफस्सिल थाना क्षेत्र के बेलघाट गांव के पास 30 अक्टूबर 2025 की सुबह एक
बिहार के भोजपुर जिले के आरा शहर में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। मुफस्सिल थाना क्षेत्र के बेलघाट गांव के पास 30 अक्टूबर 2025 की सुबह एक पिता और उनके पुत्र के शव बरामद हुए, जिनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मृतक प्रमोद महतो (52 वर्ष) और उनके बेटे प्रियांशु महतो (22 वर्ष) कसाप गांव के निवासी थे। वे मिठाई की दुकान चलाते थे। परिवार के अनुसार, पिता-पुत्र 29 अक्टूबर को शाम को सगाई समारोह के लिए बाजार करने निकले थे। वे आरा के बाजार से मिठाई और अन्य सामग्री खरीदकर लौट रहे थे। लेकिन घर से करीब 20 किलोमीटर दूर बेलघाट के एक सुनसान इलाके में उनकी हत्या कर दी गई। दोनों के सिर और छाती में गोली के निशान मिले। घटना की सूचना मिलते ही मुफस्सिल थाना पुलिस और एसएसपी मंजुनाथ ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी। अभी तक हत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है, लेकिन पुलिस पुरानी रंजिश या लूटपाट की आशंका जता रही है। परिवार ने संदेह जताते हुए कहा कि यह सुनियोजित हत्या है। यह घटना बिहार में बढ़ते अपराधों को उजागर कर रही है, जहां चुनावी माहौल के बीच कानून-व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
घटना के विवरण के अनुसार, प्रमोद महतो और प्रियांशु आरा शहर के कसाप गांव में रहते थे। वे गांव में एक छोटी मिठाई की दुकान चलाते थे, जो स्थानीय लोगों के बीच लोकप्रिय थी। प्रमोद परिवार के मुखिया थे और उनकी पत्नी सुनीता देवी घर संभालती थीं। प्रियांशु उनकी इकलौती संतान थे, जो कॉलेज की पढ़ाई के साथ-साथ दुकान में हाथ बंटाते थे। परिवार ने बताया कि 29 अक्टूबर को प्रियांशु की सगाई तय हो गई थी। खुशी के माहौल में प्रमोद और प्रियांशु शाम साढ़े चार बजे घर से निकले। वे आरा बाजार गए, जहां से मिठाई, मिठाई का डिब्बा और अन्य सामग्री खरीदी। परिवार का अनुमान था कि वे रात नौ बजे तक लौट आएंगे। लेकिन जब वे देर रात तक नहीं लौटे, तो सुनीता देवी ने फोन किया। फोन बंद था। सुबह सात बजे स्थानीय लोगों ने बेलघाट के एक खेत के किनारे दो शव देखे और पुलिस को सूचना दी। शवों की पहचान प्रमोद और प्रियांशु के रूप में हुई। दोनों के हाथ बंधे हुए थे और मुंह पर कपड़ा लपेटा गया था, जो हत्या की योजना का संकेत देता है। पास में उनकी मोटरसाइकिल भी मिली, लेकिन सामान गायब था।
पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर फॉरेंसिक टीम बुलाई। एसएसपी मंजुनाथ ने कहा कि दोनों को करीब सिर और छाती में दो-दो ग गोली मारी गई। मौत तुरंत हो गई। प्रथम दृष्टया यह पुरानी दुश्मनी का मामला लगता है। प्रमोद पर पहले भी जमीन विवाद के दो मामले दर्ज थे। लेकिन प्रियांशु का कोई आपराधिक इतिहास नहीं था। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू कर दिए। आरा बाजार के कैमरों में पिता-पुत्र दिखे, लेकिन उसके बाद ट्रेस खो गया। बेलघाट इलाका जंगलों से घिरा है, जहां अपराधी आसानी से छिप सकते हैं। मुफस्सिल थाना प्रभारी ने कहा कि हमने पांच टीम गठित की हैं। संदिग्धों को हिरासत में लिया जा रहा है। परिवार ने किसी पर संदेह नहीं जताया, लेकिन कहा कि प्रमोद ने कभी जमीन के झगड़े में धमकी मिली थी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने पर और स्पष्टता होगी। पुलिस ने आईपीसी की धारा 302 (हत्या) और 120बी (षड्यंत्र) के तहत केस दर्ज किया।
परिवार शोक में डूबा है। सुनीता देवी ने रोते हुए कहा कि मेरे पति और बेटा खुश थे। सगाई की तैयारियां चल रही थीं। कौन इतनी नफरत रखता था। प्रियांशु की होने वाली दुल्हन का परिवार भी सदमे में है। गांव में सन्नाटा पसर गया। स्थानीय लोगों ने कहा कि प्रमोद सज्जन व्यक्ति थे। वे कभी किसी से दुश्मनी नहीं रखते। लेकिन बेलघाट इलाका अपराध का केंद्र रहा है। यहां लूट और हत्या के कई केस हो चुके हैं। एक ग्रामीण ने बताया कि रात में गोलियां चलने की आवाज सुनी, लेकिन डर के मारे चुप रहे। पुलिस ने गांववालों से गवाही लेनी शुरू कर दी। यह घटना बिहार के भोजपुर जिले में बढ़ते अपराध दर को दर्शाती है। एनसीआरबी के अनुसार, बिहार में 2024 में हत्या के 3,500 से ज्यादा केस दर्ज हुए। भोजपुर में ही 150 से अधिक। चुनाव के समय अपराध बढ़ जाते हैं।
राजनीतिक दलों ने प्रतिक्रिया दी। विपक्षी आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि सुशासन बाबू की सरकार में बिहार जंगलराज में बदल रहा है। पिता-पुत्र की हत्या दुखद है। सरकार को जवाब देना होगा। जदयू ने इसे व्यक्तिगत मामला बताया। कहा कि पुलिस पूरी तत्परता से जांच कर रही। भाजपा ने भी शोक जताया। लेकिन विपक्ष ने कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। भोजपुर जिला मजिस्ट्रेट ने सुरक्षा बढ़ाने के आदेश दिए। ग्रामीण इलाकों में पेट्रोलिंग तेज कर दी गई। परिवार को सरकारी सहायता का आश्वासन दिया। सगाई स्थगित हो गई। गांव में शोक सभा हुई।
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