जयपुर में UPI पेमेंट की जानकारी देख सब्जीवाले ने की बुजुर्ग की हत्या, 3 लाख रुपये ट्रांसफर किए।
Jaipur News: जयपुर के जगतपुरा इलाके में एक दिल दहलाने वाली घटना ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। 88 वर्षीय रिटायर्ड कस्टम अधिकारी ....
जयपुर के जगतपुरा इलाके में एक दिल दहलाने वाली घटना ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। 88 वर्षीय रिटायर्ड कस्टम अधिकारी ओमप्रकाश खोब्रागड़े की हत्या किसी अपराधी या लुटेरे ने नहीं, बल्कि उनके पड़ोस में सब्जी बेचने वाले कमलेश कुमार शर्मा ने की। इस हत्या के पीछे की वजह थी UPI पेमेंट के दौरान देखा गया बैंक बैलेंस। कमलेश ने लालच में आकर ओमप्रकाश का UPI पिन चुराया और उनकी हत्या कर उनके खाते से 3 लाख रुपये अपने खाते में ट्रांसफर कर लिए। पुलिस ने कॉल डिटेल, बैंक ट्रांजैक्शन, और CCTV फुटेज के आधार पर कमलेश को गिरफ्तार किया, जिसने पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया।
यह चौंकाने वाली घटना जयपुर के जगतपुरा इलाके में 29 जुलाई 2025 को हुई। ओमप्रकाश खोब्रागड़े, जो एक रिटायर्ड कस्टम अधिकारी थे, अपने फ्लैट में अकेले रहते थे। उनकी उम्र 88 साल थी, और वह नियमित रूप से अपनी गली में सब्जी बेचने वाले कमलेश कुमार शर्मा से सब्जियां खरीदते थे। 28 जुलाई 2025 को ओमप्रकाश ने कमलेश से सब्जियां खरीदीं और भुगतान के लिए UPI का इस्तेमाल किया। इस दौरान कमलेश ने उनके फोन की स्क्रीन पर उनका बैंक बैलेंस देख लिया। पुलिस के अनुसार, ओमप्रकाश के खाते में लाखों रुपये थे, जिसने कमलेश के मन में लालच पैदा कर दिया।
कमलेश ने मौके का फायदा उठाते हुए ओमप्रकाश के UPI पिन को चुराने की योजना बनाई। उसने चोरी-छिपे उनके फोन की स्क्रीन का वीडियो बना लिया, जिसमें पिन डालने की प्रक्रिया रिकॉर्ड हो गई। अगली सुबह, 29 जुलाई 2025 को, कमलेश सुबह करीब 6 बजे ओमप्रकाश के फ्लैट में पहुंचा। उसने बहाना बनाया कि वह सब्जियां देने आया है। जब ओमप्रकाश ने दरवाजा खोला, कमलेश ने मौके का फायदा उठाया और उनका गला घोंटकर उनकी हत्या कर दी। हत्या के बाद उसने ओमप्रकाश का मोबाइल फोन लिया और उनके UPI अकाउंट से अपने खाते में 3 लाख रुपये ट्रांसफर कर लिए।
ओमप्रकाश के पड़ोसियों को जब कई घंटों तक उनकी कोई हलचल नहीं दिखी, तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी। जगतपुरा थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और ओमप्रकाश को उनके फ्लैट में मृत पाया। शुरुआती जांच में पुलिस को हत्या का शक हुआ, क्योंकि उनके गले पर निशान थे और घर में कोई लूटपाट के संकेत नहीं मिले। पुलिस ने तुरंत तकनीकी जांच शुरू की और ओमप्रकाश के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल, बैंक ट्रांजैक्शन, और आसपास के CCTV फुटेज की जांच की।
CCTV फुटेज में कमलेश सुबह के समय ओमप्रकाश के फ्लैट के पास दिखाई दिया। बैंक रिकॉर्ड से पता चला कि उनके खाते से 3 लाख रुपये एक अनजान खाते में ट्रांसफर किए गए थे। इस खाते का मालिक कमलेश कुमार शर्मा निकला, जो ओमप्रकाश का पड़ोसी और नियमित सब्जीवाला था। पुलिस ने कमलेश को हिरासत में लिया और सख्त पूछताछ की। शुरुआत में उसने अपराध से इनकार किया, लेकिन जब पुलिस ने CCTV फुटेज और बैंक ट्रांजैक्शन का सबूत दिखाया, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
कमलेश ने बताया कि उसने ओमप्रकाश का बैंक बैलेंस देखकर लालच में यह कदम उठाया। उसने कहा, "मुझे पता था कि उनके पास बहुत पैसा है। मैंने सोचा कि कोई शक नहीं करेगा, क्योंकि मैं उनका नियमित सब्जीवाला था।" पुलिस ने कमलेश के फोन से वह वीडियो भी बरामद किया, जिसमें उसने ओमप्रकाश का UPI पिन रिकॉर्ड किया था।
ओमप्रकाश खोब्रागड़े एक सम्मानित रिटायर्ड कस्टम अधिकारी थे, जिन्होंने अपनी सेवा के दौरान कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई थीं। वह मूल रूप से महाराष्ट्र के रहने वाले थे, लेकिन रिटायरमेंट के बाद जयपुर के जगतपुरा में बस गए थे। उनके बच्चे विदेश में रहते हैं, और वह अपने फ्लैट में अकेले रहते थे। पड़ोसियों के अनुसार, ओमप्रकाश एक शांत और सज्जन व्यक्ति थे, जो नियमित रूप से सुबह की सैर करते थे और गली के सब्जीवाले कमलेश से सब्जियां खरीदते थे। उनकी मृत्यु ने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया है।
यह घटना डिजिटल पेमेंट की बढ़ती लोकप्रियता के साथ आने वाले खतरों को सामने लाती है। UPI (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) ने भारत में भुगतान को आसान बना दिया है, लेकिन इस घटना ने इसकी सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि लोग अक्सर अपने UPI पिन को दूसरों के सामने डालते हैं, जिससे धोखाधड़ी का खतरा बढ़ जाता है। इस मामले में कमलेश ने ओमप्रकाश के पिन को चुराने के लिए उनके फोन की स्क्रीन का वीडियो बनाया, जो एक गंभीर सुरक्षा चूक को दर्शाता है।
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि UPI पेमेंट करते समय लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए। कुछ सुझाव इस प्रकार हैं:
UPI पिन डालते समय फोन की स्क्रीन को ढकें, ताकि कोई इसे देख न सके।
नियमित रूप से अपने बैंक खाते के ट्रांजैक्शन की जांच करें।
संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत बैंक को सूचित करें।
अपने फोन में स्क्रीन लॉक और UPI ऐप में अतिरिक्त पासवर्ड का उपयोग करें।
इस घटना ने जगतपुरा के स्थानीय लोगों में गुस्सा और डर पैदा कर दिया है। पड़ोसियों ने कहा कि कमलेश एक जाना-पहचाना चेहरा था, और किसी को उस पर शक नहीं था। एक पड़ोसी ने कहा, "हम रोज उससे सब्जियां खरीदते थे। यह सोचकर डर लगता है कि वह इतना बड़ा अपराध कर सकता है।" कई लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि डिजिटल पेमेंट की सुरक्षा के लिए जागरूकता अभियान चलाए जाएं।
पुलिस ने कमलेश के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) और 380 (चोरी) के तहत मामला दर्ज किया है। उसे जयपुर की एक स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां उसे 7 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि क्या कमलेश ने पहले भी इस तरह की कोई धोखाधड़ी या अपराध किया था।
जयपुर के जगतपुरा में हुई इस घटना ने न केवल एक बुजुर्ग की दुखद हत्या को सामने लाया, बल्कि डिजिटल पेमेंट की बढ़ती लोकप्रियता के साथ आने वाले खतरों को भी उजागर किया। ओमप्रकाश खोब्रागड़े की हत्या एक ऐसी कहानी है, जो लालच और विश्वासघात की क्रूरता को दर्शाती है। कमलेश कुमार शर्मा, जो एक सामान्य सब्जीवाले के रूप में जाना जाता था, ने अपने लालच के कारण एक निर्दोष बुजुर्ग की जान ले ली।
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