झारखंड में ट्रक बेचकर फंसा मालिक: खरीददार ने नहीं चुकाई फाइनेंस की किस्तें, ₹8.30 लाख की धोखाधड़ी पर FIR
झारखंड के पलामू जिले में ट्रक बेचने के बाद मालिक फाइनेंस के जाल में फंस गया। खरीददार द्वारा समय पर किस्तें न चुकाने के कारण पीड़ित को ₹8.30 लाख का नुकसान हुआ, जिसके बाद नावा जयपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई।

- पलामू में वाहन बिक्री के नाम पर ठगी: गाड़ी ले जाकर किस्त देना भूला खरीददार, पूर्व मालिक को लगा 8.30 लाख का झटका
- नावा जयपुर थाने में धोखाधड़ी का केस: ट्रक बेचने के बाद भी फाइनेंस कंपनी के बकाये में उलझा मालिक
- कमर्शियल वाहन बेचने में लापरवाही पड़ी भारी: फाइनेंस ट्रांसफर न कराने से ट्रक मालिक पर चढ़ा ₹8,30,000 का कर्ज
झारखंड के पलामू जिले में कमर्शियल वाहन की खरीद-बिक्री में लापरवाही और आपसी भरोसे के चलते एक वाहन मालिक के गंभीर वित्तीय संकट में फंसने का मामला सामने आया है। मेदिनीनगर क्षेत्र निवासी ट्रक मालिक ने अपने वाहन की बिक्री तो कर दी, लेकिन फाइनेंस की शेष किस्तों का बैंक ट्रांसफर विधिवत पूरा न कराने के कारण उस पर 8,30,000 रुपये की भारी देनदारी आ गई। खरीददार द्वारा तय समझौते के अनुसार फाइनेंस कंपनी की मासिक किस्तों का भुगतान न किए जाने पर पीड़ित ने जिले के नावा जयपुर थाने में धोखाधड़ी की लिखित शिकायत दर्ज कराई है।
प्राथमिकी के अनुसार, पीड़ित ट्रक मालिक ने अपना वाहन किसी अन्य व्यक्ति को इस मौखिक अथवा आपसी अनुबंध पर सौंपा था कि आगे की शेष बैंक किस्तों (EMI) का भुगतान नया खरीदार नियमित रूप से करेगा। वाहन की सुपुर्दगी लेने के बाद खरीदार ने शुरुआती कुछ समय तो भरोसा बनाए रखा, लेकिन बाद में किस्तों का भुगतान बंद कर दिया। वाहन का पंजीकरण और लोन खाता मूल मालिक के नाम पर ही दर्ज होने के कारण फाइनेंस कंपनी ने बकाए की वसूली के लिए मूल मालिक पर दबाव बनाना शुरू कर दिया।
समय पर किस्तें जमा न होने और चक्रवृद्धि ब्याज व पेनल्टी जुड़ने के बाद कुल बकाया राशि बढ़कर 8 लाख 30 हजार रुपये तक पहुंच गई। जब पीड़ित ने खरीदार से बकाया चुकता करने अथवा वाहन वापस लौटाने को कहा, तो उसने टालमटोल शुरू कर दी। बैंक और फाइनेंस कंपनी से लगातार नोटिस मिलने और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी के बाद पीड़ित ने पुलिस प्रशासन का दरवाजा खटखटाया।
नावा जयपुर थाना पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वाहन खरीद-बिक्री से जुड़े मूल दस्तावेजों, बैंक एग्रीमेंट और दोनों पक्षों के बीच हुए आपसी समझौते की जांच की जा रही है। जांच टीम आरोपी व्यक्ति की तलाश और वाहन की वर्तमान स्थिति का पता लगाने में जुटी है।
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