दिल्ली-एनसीआर में भारी बारिश से हाहाकार, ट्रैफिक जाम, यमुना का जलस्तर बढ़ा, स्कूल-ऑफिस सब हुए ऑनलाइन।
Delhi: दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में सोमवार दोपहर से देर रात तक हुई भारी बारिश ने सामान्य जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया। दिल्ली-गुरुग्राम सीमा पर
दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में सोमवार दोपहर से देर रात तक हुई भारी बारिश ने सामान्य जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया। दिल्ली-गुरुग्राम सीमा पर सड़कों पर भारी जलभराव के कारण ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रही, जिससे लाखों यात्री घंटों तक फंसे रहे। यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया, जिसके चलते प्रशासन ने नदी के आसपास के इलाकों में बाढ़ की चेतावनी जारी की। बारिश के कारण सड़क, मेट्रो और हवाई यात्रा बुरी तरह प्रभावित हुई। गुरुग्राम प्रशासन ने स्कूलों और कॉरपोरेट ऑफिसों को मंगलवार को ऑनलाइन काम करने की सलाह दी, ताकि सड़कों पर भीड़ कम हो और जलभराव की समस्या से बचा जा सके। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने मंगलवार के लिए भी दिल्ली-एनसीआर में भारी बारिश का अनुमान जताया है।
सोमवार दोपहर से शुरू हुई बारिश ने दिल्ली और आसपास के शहरों जैसे गुरुग्राम, नोएडा और गाजियाबाद में भारी तबाही मचाई। गुरुग्राम में शाम 3 बजे से 7 बजे के बीच 100 मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज की गई, जिसके कारण दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे, सोहना रोड, गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड और साउदर्न पेरिफेरल रोड जैसी प्रमुख सड़कों पर भारी जलभराव हो गया। दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे पर सिग्नेचर टावर फ्लाईओवर के पास 7 किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया, जिसमें वाहन घंटों तक रेंगते रहे। कई यात्रियों ने बताया कि वे 6 घंटे से अधिक समय तक ट्रैफिक में फंसे रहे, जिसके कारण कुछ लोगों को अपने ऑफिस या होटल में रात बितानी पड़ी। सोशल मीडिया पर एक वायरल वीडियो में गुरुग्राम की सड़कों पर गाड़ियों की लंबी कतारें और पानी में डूबी सड़कें दिखाई दीं।
दिल्ली में भी स्थिति बेहतर नहीं थी। दक्षिण दिल्ली, वसंत विहार, छतरपुर, महात्मा गांधी रोड और एनएच-48 जैसे क्षेत्रों में जलभराव के कारण ट्रैफिक बुरी तरह प्रभावित हुआ। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने कई सड़कों पर यात्रियों को वैकल्पिक मार्ग अपनाने की सलाह दी। उदाहरण के लिए, आउटर रिंग रोड, विकास मार्ग और बारापुल्ला फ्लाईओवर पर ट्रैफिक की गति धीमी रही। दिल्ली मेट्रो की सेवाएं भी प्रभावित हुईं। राजीव चौक स्टेशन पर नोएडा-इलेक्ट्रॉनिक सिटी मार्ग पर तकनीकी खराबी के कारण ब्लू लाइन और येलो लाइन पर ट्रेनें देरी से चलीं, जिससे स्टेशनों पर भीड़ बढ़ गई। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) ने यात्रियों को सलाह दी कि वे अपनी यात्रा की योजना पहले से बनाएं।
हवाई यात्रा भी बारिश से अछूती नहीं रही। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर खराब मौसम के कारण 95 आने वाली उड़ानें और 353 जाने वाली उड़ानें देरी से चलीं। इंडिगो, एयर इंडिया, अकासा एयर और स्पाइसजेट जैसी एयरलाइंस ने यात्रियों को उड़ान की स्थिति जांचने की सलाह दी। हवाई अड्डे पर दृश्यता दोपहर 2:30 बजे 2500 मीटर से घटकर 3 बजे तक 800 मीटर हो गई, जिसके कारण उड़ानों में और देरी हुई। कुछ उड़ानें रद्द भी करनी पड़ीं।
यमुना नदी का जलस्तर सोमवार शाम 5 बजे पुराने रेलवे पुल पर 204.94 मीटर तक पहुंच गया, जो खतरे के निशान 205.33 मीटर से थोड़ा नीचे था। हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से सुबह 9 बजे 3,29,313 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जो इस मानसून में अब तक की सबसे बड़ी मात्रा थी। अधिकारियों ने अनुमान लगाया कि मंगलवार शाम तक यमुना का जलस्तर 206 मीटर तक पहुंच सकता है, जो निकासी स्तर है। इसके चलते शाहदरा जिला मजिस्ट्रेट ने लोहा पुल पर मंगलवार शाम 5 बजे से यातायात और आम लोगों की आवाजाही रोकने का आदेश दिया। नदी के किनारे बसे निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई।
आईएमडी ने दिल्ली-एनसीआर के लिए मंगलवार को ऑरेंज अलर्ट जारी किया, जिसमें भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई। मौसम विभाग के अनुसार, मानसून और एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के संयोजन से यह बारिश हो रही है। मंगलवार को आसमान में बादल छाए रहने और मध्यम बारिश की संभावना है, जिसमें दिन का तापमान 31 डिग्री सेल्सियस और रात का तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। गुरुग्राम जिला प्रशासन ने भारी बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए सभी स्कूलों, कॉलेजों और कॉरपोरेट ऑफिसों को मंगलवार को ऑनलाइन काम करने का निर्देश दिया। यह फैसला सड़कों पर भीड़ कम करने और जलभराव से होने वाली असुविधा को कम करने के लिए लिया गया।
इस बारिश का एक सकारात्मक प्रभाव भी देखने को मिला। दिल्ली में सोमवार को हवा की गुणवत्ता पिछले आठ वर्षों में सबसे बेहतर रही। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, शाम 4 बजे हवा की गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 60 रहा, जो संतोषजनक श्रेणी में आता है। बारिश ने धूल और प्रदूषण को कम करने में मदद की, जिससे दिल्लीवासियों को कुछ राहत मिली।
स्थानीय लोगों और विशेषज्ञों ने इस बारिश से होने वाली समस्याओं पर चिंता जताई है। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर गुरुग्राम की खराब जल निकासी व्यवस्था की आलोचना की। एक यूजर ने लिखा, “गुरुग्राम की सड़कें हर बारिश में नदी बन जाती हैं। प्रशासन को जल निकासी के लिए स्थायी समाधान करना चाहिए।” विशेषज्ञों का कहना है कि दिल्ली-एनसीआर में जल निकासी प्रणाली को मजबूत करने और बाढ़ प्रबंधन के लिए दीर्घकालिक योजनाओं की जरूरत है। कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सुझाव दिया कि स्थानीय निकायों को बारिश से पहले नालों की सफाई और सड़कों की मरम्मत पर ध्यान देना चाहिए।
पुलिस और प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कई कदम उठाए। गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस ने सोशल मीडिया पर अपडेट जारी कर यात्रियों को प्रभावित सड़कों से बचने की सलाह दी। दिल्ली में भी ट्रैफिक पुलिस ने कई मार्गों पर यातायात प्रबंधन के लिए अतिरिक्त कर्मचारी तैनात किए। प्रशासन ने लोगों से अपील की कि वे गैर-जरूरी यात्रा से बचें और सड़कों पर जलभराव की स्थिति जांच लें।
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