जोधपुर में तांत्रिक मौलाना पर नाबालिग से दुष्कर्म का आरोप, पुलिस ने किया गिरफ्तार।
Rajasthan: राजस्थान के जोधपुर जिले में एक तांत्रिक मौलाना के खिलाफ नाबालिग लड़की से दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यह घटना जोधपुर के बालेसर थाना
राजस्थान के जोधपुर जिले में एक तांत्रिक मौलाना के खिलाफ नाबालिग लड़की से दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यह घटना जोधपुर के बालेसर थाना क्षेत्र के एक गांव में रविवार को हुई। आरोपी मौलाना, जो खुद को तांत्रिक बताता था, ने झाड़-फूंक के बहाने नाबालिग को अपने जाल में फंसाया और उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता के परिवार की शिकायत पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। इस घटना ने स्थानीय लोगों में आक्रोश पैदा कर दिया है, और सोशल मीडिया पर भी यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, और आरोपी से पूछताछ की जा रही है।
यह घटना बालेसर थाना क्षेत्र के एक गांव में उस समय सामने आई, जब पीड़िता की मां ने अपनी 15 वर्षीय बेटी के बीमार होने की शिकायत लेकर गांव के ही एक तांत्रिक मौलाना हसन अली से संपर्क किया। हसन अली ने दावा किया कि वह झाड़-फूंक के जरिए लड़की को ठीक कर सकता है। उसने परिवार को विश्वास दिलाया कि लड़की पर किसी बुरी आत्मा का साया है, जिसे वह अपने तंत्र-मंत्र से हटा देगा। परिवार ने उसकी बात मान ली और रविवार को लड़की को उसके पास ले गए। मौलाना ने झाड़-फूंक के लिए लड़की को अपने घर के एक कमरे में अकेले बुलाया और परिवार वालों को बाहर इंतजार करने को कहा।
जांच में पता चला कि मौलाना ने कमरे में लड़की के साथ दुष्कर्म किया। लड़की ने घर लौटने के बाद अपनी मां को आपबीती सुनाई, जिसके बाद परिवार ने तुरंत बालेसर थाने में शिकायत दर्ज की। पीड़िता की मां ने पुलिस को बताया कि हसन अली ने पहले भी कई लोगों को झाड़-फूंक के नाम पर ठगा था, लेकिन इस बार उसने उनकी बेटी की जिंदगी बर्बाद करने की कोशिश की। परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि हसन अली गांव में तांत्रिक के रूप में कई सालों से सक्रिय था और अंधविश्वास का फायदा उठाकर लोगों को अपने जाल में फंसाता था।
पुलिस ने शिकायत मिलते ही मौलाना हसन अली को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। बालेसर थाना प्रभारी रमेश कुमार ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 376 (दुष्कर्म) और पॉक्सो एक्ट (यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पीड़िता को मेडिकल जांच के लिए जोधपुर के एक अस्पताल में भेजा गया, जहां उसकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है। पुलिस ने आरोपी के घर की तलाशी ली, जहां से कुछ तांत्रिक पूजा की सामग्री और किताबें बरामद हुईं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या आरोपी ने पहले भी इस तरह के अपराध किए हैं।
इस घटना ने जोधपुर के ग्रामीण इलाकों में अंधविश्वास और तांत्रिकों की गतिविधियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि हसन अली जैसे तांत्रिक अक्सर गरीब और कम पढ़े-लिखे लोगों को निशाना बनाते हैं। गांव के कुछ लोगों ने बताया कि हसन अली पिछले कई सालों से तंत्र-मंत्र और झाड़-फूंक का दावा करता था। उसने कई परिवारों से इलाज के नाम पर पैसे वसूले और कुछ मामलों में महिलाओं और लड़कियों को गलत तरीके से छूने की शिकायतें भी मिली थीं, लेकिन डर के कारण कोई खुलकर सामने नहीं आया। इस घटना के बाद गांव में गुस्सा फैल गया, और कई लोगों ने तांत्रिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
सोशल मीडिया पर इस घटना ने लोगों का ध्यान खींचा है। कई यूजर्स ने इस मामले को साझा करते हुए तांत्रिकों और अंधविश्वास के खिलाफ जागरूकता फैलाने की बात कही। एक यूजर ने लिखा, “ऐसे लोग समाज के लिए खतरा हैं। अंधविश्वास का फायदा उठाकर मासूम लोगों की जिंदगी बर्बाद कर देते हैं।” कुछ लोगों ने सरकार से मांग की कि तांत्रिक गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए सख्त कानून बनाए जाएं।
यह पहली बार नहीं है जब जोधपुर में तांत्रिकों से जुड़ा कोई मामला सामने आया है। इससे पहले अगस्त में जोधपुर के फलोदी शहर में एक युवती पर तेजाब हमले का मामला सामने आया था, जिसमें एक तांत्रिक ने कथित तौर पर तंत्र-मंत्र के नाम पर उसका शोषण करने की कोशिश की थी। उस मामले में भी पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया था। इसके अलावा, पिछले साल जोधपुर के एक अन्य गांव में तांत्रिक ने एक महिला को ठीक करने के बहाने उससे छेड़छाड़ की थी, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने उसे पकड़कर पुलिस के हवाले किया था।
विशेषज्ञों का कहना है कि ग्रामीण इलाकों में शिक्षा और जागरूकता की कमी के कारण लोग तांत्रिकों के झांसे में आसानी से आ जाते हैं। सामाजिक कार्यकर्ता रमेश शर्मा ने बताया कि कई बार लोग बीमारी, आर्थिक तंगी या पारिवारिक समस्याओं के समाधान के लिए तांत्रिकों पर भरोसा करते हैं, जो उनका शोषण करते हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाए जाएं और तांत्रिक गतिविधियों पर निगरानी रखने के लिए विशेष दस्ते बनाए जाएं।
पुलिस ने इस मामले में निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है। बालेसर थाना प्रभारी ने कहा कि पीड़िता के बयान और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे इस तरह के संवेदनशील मामले में अफवाहें न फैलाएं और पुलिस को सहयोग करें। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या हसन अली ने अन्य लड़कियों या महिलाओं को भी निशाना बनाया था।
इस घटना ने जोधपुर में अंधविश्वास और तांत्रिकों की गतिविधियों पर एक बार फिर सवाल उठाए हैं। स्थानीय लोग चाहते हैं कि इस तरह के अपराधों को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं। कुछ लोगों ने सुझाव दिया कि ग्रामीण इलाकों में शिक्षा और जागरूकता बढ़ाने के लिए स्कूलों और पंचायतों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।
फिलहाल, आरोपी हसन अली पुलिस हिरासत में है, और उससे पूछताछ जारी है। पुलिस ने पीड़िता और उसके परिवार को सुरक्षा का भरोसा दिया है।
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