दुर्गापुर गैंगरेप मामला: पांचों आरोपी गिरफ्तार, शुभेंदु अधिकारी ने सबूत नष्ट करने का लगाया आरोप; ममता सरकार पर भाजपा का हमला।
पश्चिम बंगाल के पश्चिमी बर्धमान जिले के दुर्गापुर में एक निजी मेडिकल कॉलेज की 23 वर्षीय छात्रा के साथ कथित सामूहिक बलात्कार का मामला सामने आया है। यह घटना 10 अक्टूबर 2025 की
पश्चिम बंगाल के पश्चिमी बर्धमान जिले के दुर्गापुर में एक निजी मेडिकल कॉलेज की 23 वर्षीय छात्रा के साथ कथित सामूहिक बलात्कार का मामला सामने आया है। यह घटना 10 अक्टूबर 2025 की रात को हुई, जब पीड़िता अपने एक पुरुष मित्र के साथ कॉलेज कैंपस से बाहर डिनर करने गई थी। हमलावरों ने पहले उनका फोन छीन लिया और फिर पांच लोगों ने मिलकर पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने शनिवार को तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जबकि सोमवार को दो और को पकड़ लिया गया। अब मामले में नामित सभी पांच आरोपी हिरासत में हैं। इस घटना ने पूरे राज्य में आक्रोश पैदा कर दिया है। विपक्षी दल भाजपा ने इसे कानून व्यवस्था की विफलता बताते हुए ममता बनर्जी सरकार पर निशाना साधा है। भाजपा के नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया है कि सरकार सबूत नष्ट करने की कोशिश कर रही है और गिरफ्तारियां केवल दिखावा हैं। अधिकारी ने एक आरोपी को तृणमूल कांग्रेस से जुड़ा बताया और ममता बनर्जी से इस्तीफे की मांग की। दूसरी ओर, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसे झकझोरने वाला बताया और दोषियों को सख्त सजा का वादा किया। लेकिन उन्होंने महिलाओं को देर रात अकेले न निकलने की सलाह दी, जिस पर विपक्ष और महिला संगठनों ने आपत्ति जताई।
घटना की जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि पीड़िता ओडिशा के बालासोर जिले के जलेश्वर की रहने वाली है। वह दुर्गापुर के आईक्यू सिटी मेडिकल कॉलेज में दूसरा वर्ष एमबीबीएस का कोर्स कर रही थी। 10 अक्टूबर की शाम को वह अपने एक सहपाठी लड़के के साथ कैंपस से बाहर शोभापुर इलाके में खाना खाने गई। रात करीब नौ बजे तीन युवक वहां पहुंचे। उन्होंने पहले पीड़िता का मोबाइल फोन छीन लिया। फिर दो और लोग शामिल हो गए। इन पांचों ने पीड़िता को जबरन एक सुनसान जगह ले जाकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। हमलावरों ने पीड़िता को धमकी दी कि अगर उसने किसी को बताया तो उसके मित्र को मार देंगे। पीड़िता ने किसी तरह घर लौटकर अपने परिवार को फोन किया। परिवार वाले अगले दिन दुर्गापुर पहुंचे और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका मेडिकल परीक्षण हुआ। डॉक्टरों ने पुष्टि की कि उसके साथ दुष्कर्म हुआ है। पीड़िता का पुरुष मित्र भी अब पूछताछ के दायरे में है। राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य अर्चना मजूमदार ने अस्पताल जाकर पीड़िता से बात की। उन्होंने कहा कि लड़के के कहने पर ही वह बाहर गई थी, इसलिए उसकी भूमिका की जांच होनी चाहिए।
पुलिस ने शुरुआत में शेख साफीकुल, शेख नसीरुद्दीन, शेख रेजाउद्दीन और फिरदौस शेख को गिरफ्तार किया। ये सभी दुर्गापुर के स्थानीय निवासी हैं। सोमवार को अपू बाउरी को भी पकड़ा गया। अब कुल पांचों आरोपी हिरासत में हैं। असंसोल-दुर्गापुर पुलिस आयुक्तालय के डिप्टी कमिश्नर अभिषेक गुप्ता ने कहा कि पीड़िता की शिकायत के आधार पर सभी को गिरफ्तार किया गया है। तीनों पहले गिरफ्तार आरोपियों को रविवार को दुर्गापुर की सब-डिविजनल कोर्ट में पेश किया गया, जहां उन्हें 10 दिनों की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। बाकी दो को भी सोमवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और मुख्य आरोपी अभी फरार है। उन्होंने सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूत जुटाए जा रहे हैं। पीड़िता को अस्पताल में भर्ती रखा गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। उसके परिवार वाले उसके साथ हैं। ओडिशा महिला आयोग की अध्यक्ष सोवना मोहंती सोमवार को दुर्गापुर पहुंचीं। उन्होंने पीड़िता, उसके माता-पिता और स्थानीय पुलिस से बात की। मोहंती ने कहा कि पीड़िता को सुरक्षित स्थान पर ले जाना चाहिए। ओडिशा सरकार ने भी मामले की निगरानी के लिए टीम भेजी है।
इस घटना ने पश्चिम बंगाल की राजनीति को गरमा दिया है। भाजपा ने इसे ममता सरकार की नाकामी का प्रमाण बताया। नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी दुर्गापुर पहुंचे। उन्होंने पीड़िता के पिता से मुलाकात की और परिवार को हर संभव मदद का भरोसा दिया। अधिकारी ने शहर केंद्र पर धरना दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं को मंच लगाने से रोका गया, लेकिन अपराधियों को पकड़ने में पुलिस सुस्त है। अधिकारी ने शेख नसीरुद्दीन पर विशेष निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि नसीरुद्दीन दुर्गापुर नगर निगम में संविदा पर काम करता है और उसके पिता स्थानीय तृणमूल कांग्रेस के पोर्टफोलियो धारक हैं। अधिकारी ने कहा कि यह अपराध में तृणमूल का सीधा संबंध है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सबूत नष्ट करने की कोशिश कर रही है। गिरफ्तारियां केवल आंखों में धूल झोंकने के लिए हैं। अधिकारी ने चेतावनी दी कि आरोपी 20 दिनों में जमानत पर छूट जाएंगे। उन्होंने ममता बनर्जी से गृह मंत्री पद से इस्तीफा देने की मांग की। अधिकारी ने उत्तर प्रदेश के योगी आदित्यनाथ मॉडल की मिसाल दी। कहा कि वहां बलात्कारियों को एनकाउंटर में मार दिया जाता है। महाराष्ट्र, असम और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्रियों की तरह सख्त कदम उठाने चाहिए। भाजपा कार्यकर्ताओं ने दुर्गापुर में विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने नारा लगाया, तृणमूल हटाओ, बेटी बचाओ।
ममता बनर्जी ने घटना को झकझोरने वाला बताया। उन्होंने कहा कि दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। सख्त कार्रवाई होगी। लेकिन उन्होंने महिलाओं से अपील की कि देर रात अकेले न निकलें। यह बयान विपक्ष के निशाने पर आ गया। भाजपा ने कहा कि यह पीड़िता को दोषी ठहराने जैसा है। राज्य महिला एवं बाल विकास मंत्री शशि पांजा ने इसका बचाव किया। उन्होंने कहा कि ऐसे अपराधों को राजनीतिक न बनाएं। भाजपा हमेशा इन्हें राजनीतिक चश्मे से देखती है। राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस ने भी निंदा की। उन्होंने ममता से तत्काल कार्रवाई की मांग की। राष्ट्रीय महिला आयोग ने मामले का संज्ञान लिया। उन्होंने ओडिशा और बंगाल सरकारों को पत्र लिखा। पीड़िता के पिता ने कहा कि उनकी बेटी की जान को खतरा है। उन्होंने सरकार से अपील की कि उसे भुवनेश्वर ले जाया जाए। ओडिशा के मुख्यमंत्री ने भी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से बात की। उन्होंने पीड़िता को एयरलिफ्ट करने का आग्रह किया।
यह घटना पश्चिम बंगाल में महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर रही है। हाल ही में आरजी कर मेडिकल कॉलेज में रेप-मर्डर केस ने हंगामा मचाया था। वहां भी सबूत नष्ट करने के आरोप लगे थे। शुभेंदु अधिकारी ने उस मामले का जिक्र किया। कहा कि पुलिस ही सबूत मिटाती है। भाजपा ने राज्यव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि 2026 के विधानसभा चुनाव में यह मुद्दा प्रमुख होगा। तृणमूल ने भाजपा को राजनीति करने का आरोप लगाया। कहा कि वे पीड़िता के दर्द का फायदा उठा रहे हैं। लेकिन जनता का गुस्सा साफ दिख रहा है। सोशल मीडिया पर JusticeForDurgapurVictim ट्रेंड कर रहा है। कई महिला संगठन सड़कों पर उतर आए। उन्होंने ममता सरकार के खिलाफ नारे लगाए। पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है। पीड़िता के कॉलेज में हाई अलर्ट है। छात्र संगठनों ने कक्षाएं बहिष्कार की धमकी दी।
पुलिस जांच में अब फोन रिकवरी और सीसीटीवी की भूमिका अहम होगी। अगर सबूत मजबूत हुए तो आरोपी सजा काटेंगे। लेकिन अधिकारी का दावा है कि सबूत नष्ट हो चुके हैं। मामला सीबीआई को सौंपने की मांग उठ रही है। ओडिशा सरकार ने केंद्रीय जांच का समर्थन किया। पीड़िता की हालत स्थिर है, लेकिन मानसिक आघात गहरा है। डॉक्टरों ने कहा कि उसे काउंसलिंग की जरूरत है। परिवार ने न्याय की गुहार लगाई। यह घटना समाज को सोचने पर मजबूर कर रही है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए जाएं। सरकार को कठघरे में खड़ा किया जा रहा है। भाजपा का आंदोलन तेज हो सकता है। आने वाले दिनों में कोर्ट सुनवाई होगी। उम्मीद है कि न्याय मिलेगा। पीड़िता का साहस सराहनीय है। उसने हिम्मत से शिकायत की। समाज को ऐसी घटनाओं से सबक लेना चाहिए। कानून व्यवस्था मजबूत होनी चाहिए। ताकि बेटियां सुरक्षित रहें।
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