'झारखंड क्यों नहीं गईं?' संसद परिसर में NDA सांसदों ने प्रियंका गांधी को घेरा, जानें क्या मिला जवाब 

संसद परिसर में बीजेपी और एनडीए सांसदों ने कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा को घेरकर सवाल पूछा कि वे झारखंड के छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई पर शांत क्यों हैं और वहां क्यों नहीं गईं।

Aug 11, 2026 - 12:52
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'झारखंड क्यों नहीं गईं?' संसद परिसर में NDA सांसदों ने प्रियंका गांधी को घेरा, जानें क्या मिला जवाब 
BJP MPs Question Priyanka Gandhi Over Jharkhand
  • Priyanka Gandhi vs BJP MPs: रांची में छात्रों पर कार्रवाई को लेकर संसद में राजनीतिक बवाल, प्रियंका गांधी ने दिया यह जवाब 
  • 'झारखंड के छात्रों पर क्यों चुप हैं?' संसद परिसर में बीजेपी सांसदों ने प्रियंका गांधी को घेरा, मिला यह जवाब 
  • Parliament Monsoon Session: संसद परिसर में प्रियंका गांधी से भिड़े एनडीए सांसद, झारखंड छात्र आंदोलन को लेकर पूछा तीखा सवाल

संसद के मानसून सत्र के दौरान 11 अगस्त 2026, मंगलवार की सुबह संसद भवन परिसर में उस समय भारी राजनीतिक ड्रामा देखने को मिला, जब भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सांसदों ने कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा को सीधे तौर पर घेर लिया। संसद भवन के मुख्य द्वार और मकर द्वार के आसपास एनडीए सांसदों ने झारखंड की राजधानी रांची में प्रतियोगी परीक्षा के अभ्यर्थियों (JPSC-JSSC) पर हुई हालिया पुलिस कार्रवाई और लाठीचार्ज के मुद्दे पर प्रियंका गांधी से सवाल दागे। प्रदर्शनकारी सांसदों ने हाथ में तख्तियां लेकर पूछा, "आप झारखंड क्यों नहीं गईं?" और "झारखंड के छात्रों पर कांग्रेस चुप क्यों है?" इस तीखी नोकझोंक और आमने-सामने के गतिरोध के बाद प्रियंका गांधी ने मीडिया को जवाब देते हुए कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी पहले ही झारखंड के पीड़ित अभ्यर्थियों से मुलाकात कर उनकी मांगों का समर्थन कर चुके हैं। 

संसद के मानसून सत्र के 17वें दिन की कार्यवाही शुरू होने से ठीक पहले संसद परिसर में एनडीए सांसदों ने विपक्ष के हमलों का जवाब देने के लिए एक विरोध मार्च निकाला था। इसी दौरान जब कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और संसद में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी सदन की ओर जा रहे थे, तब बीजेपी सांसदों ने उन्हें बीच रास्ते में रोककर झारखंड के मुद्दे पर आक्रामक सवाल पूछे। सत्तापक्ष के सांसदों ने आरोप लगाया कि विपक्ष उन राज्यों की घटनाओं और छात्रों पर पुलिसिया कार्रवाई पर दोहरा रवैया अपनाता है, जहां गैर-बीजेपी या उनके सहयोगी दलों (जैसे झारखंड में झारखंड मुक्ति मोर्चा और कांग्रेस गठबंधन) की सरकारें हैं। 

दरअसल, 10 अगस्त को रांची में झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की परीक्षाओं में कथित धांधली को लेकर 'विधानसभा घेराव' कर रहे हजारों छात्रों पर पुलिस ने लाठीचार्ज, वाटर कैनन और आंसू गैस का प्रयोग किया था। इस घटना के बाद से झारखंड की राजनीति के साथ-साथ दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में भी पारा चढ़ा हुआ है।

मंगलवार सुबह एनडीए सांसदों की 'मंगल मिलन' बैठक के बाद, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल थे, सांसदों ने संसद परिसर में मार्च निकाला। इसी मार्च के दौरान जब प्रियंका गांधी वहां से गुजरीं, तो बीजेपी सांसद नारेबाजी करते हुए उनके पास पहुंचे और सवाल पूछने लगे। बीजेपी सांसदों ने नारेबाजी करते हुए कहा कि प्रियंका गांधी उत्तर प्रदेश या अन्य राज्यों में तुरंत पहुंच जाती हैं, लेकिन झारखंड में छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई पर चुप हैं और वहां नहीं गईं। 

बीजेपी और एनडीए सांसदों ने आरोप लगाया कि विपक्षी दल और कांग्रेस नेता चुनिंदा मुद्दों पर ही राजनीति करते हैं। बीजेपी सांसदों का कहना था कि जब झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी के अभ्यर्थियों को पीटा जा रहा है, तो कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व और राहुल गांधी वहां की राज्य सरकार से जवाब मांगने के बजाय केंद्र सरकार पर सवाल खड़े कर रहे हैं।

दूसरी ओर, इस अचानक हुई घेराबंदी के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, "राहुल गांधी जी ने झारखंड के छात्रों से मुलाकात की है और हम सभी उनकी मांगों के साथ खड़े हैं।" प्रियंका गांधी ने पलटवार करते हुए यह भी कहा कि संसद का गतिरोध तब तक समाप्त नहीं हो सकता जब तक सरकार छात्रों के व्यापक मुद्दों और देश के महत्वपूर्ण विषयों पर पूरी पारदर्शिता के साथ सदन के पटल पर जवाब नहीं देती। उन्होंने सत्तापक्ष पर मुख्य मुद्दों से ध्यान भटकाने का भी आरोप लगाया। 

संसद परिसर में हुई इस नोकझोंक ने यह स्पष्ट कर दिया है कि मानसून सत्र के अंतिम दिनों में भी सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच कड़वाहट कम होने के संकेत नहीं हैं। झारखंड के छात्र आंदोलन ने अब दिल्ली में केंद्र और विपक्ष के बीच राजनीतिक अखाड़े का रूप ले लिया है। इस घटनाक्रम के बाद लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में भारी हंगामा देखने को मिला, जिसके कारण दोनों सदनों की कार्यवाही को बार-बार स्थगित करना पड़ा। एनडीए द्वारा आक्रामक रुख अपनाने से विपक्ष की उस रणनीति को चुनौती मिली है, जिसमें वे लगातार केंद्र सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने का प्रयास कर रहे थे। 

संसद के इस मानसून सत्र में महज कुछ ही दिनों का समय बचा है। ऐसे में झारखंड में छात्र आंदोलन, पुलिसिया कार्रवाई और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग को लेकर राजनीतिक खींचतान और तेज होने की पूरी संभावना है। एक तरफ जहां झारखंड में विपक्षी दल बीजेपी राज्यव्यापी प्रदर्शन कर रही है, वहीं दूसरी तरफ दिल्ली के संसद भवन में भी इस मुद्दे पर दोनों पक्षों के सांसद एक-दूसरे पर हमलावर रहेंगे। गृह मंत्रालय और शिक्षा मंत्रालय द्वारा इस पूरे विवाद पर आधिकारिक बयान दिए जाने की संभावना तलाशी जा रही है ताकि संसद के बाकी बचे कार्यदिवसों को सुचारू रूप से चलाया जा सके।

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