महाराष्ट्र नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों में महायुति की बड़ी जीत: 288 में से 215 अध्यक्ष पदों पर कब्जा। 

महाराष्ट्र में नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों के परिणामों में सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन ने शानदार प्रदर्शन किया है। कुल 288 अध्यक्ष

Dec 22, 2025 - 12:32
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महाराष्ट्र नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों में महायुति की बड़ी जीत: 288 में से 215 अध्यक्ष पदों पर कब्जा। 
महाराष्ट्र नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों में महायुति की बड़ी जीत: 288 में से 215 अध्यक्ष पदों पर कब्जा। 

महाराष्ट्र में नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों के परिणामों में सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन ने शानदार प्रदर्शन किया है। कुल 288 अध्यक्ष पदों में से महायुति ने 215 पर जीत हासिल की। इसमें भारतीय जनता पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी और 129 अध्यक्ष पद जीते। एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने 51 अध्यक्ष पद हासिल किए जबकि अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने 35 अध्यक्ष पद जीते। विपक्षी महा विकास अघाड़ी का प्रदर्शन कमजोर रहा जिसमें कांग्रेस ने 35, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने 9 और शरद पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने 7 अध्यक्ष पद जीते।

ये चुनाव दो चरणों में हुए। पहले चरण में 2 दिसंबर को 263 निकायों में मतदान हुआ जिसमें 67.63 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। दूसरे चरण में 20 दिसंबर को शेष 23 निकायों और कुछ रिक्त पदों के लिए मतदान हुआ जिसमें दोपहर तक 47.04 प्रतिशत मतदान हुआ। मतगणना 21 दिसंबर को शुरू हुई और परिणामों में महायुति की स्पष्ट बढ़त दिखी। कुल 246 नगर परिषदों और 42 नगर पंचायतों के अध्यक्ष पदों के लिए चुनाव हुए। कई जगहों पर महायुति के घटक दलों के बीच आपसी मुकाबला भी देखा गया लेकिन गठबंधन ने समग्र रूप से मजबूत स्थिति बनाए रखी। परिणामों में क्षेत्रीय स्तर पर भी महायुति का दबदबा रहा। नासिक जिले की 11 नगर परिषदों में महायुति ने सभी सीटें जीतीं जिसमें शिंदे गुट की शिवसेना ने 5, बीजेपी ने 3 और अजित पवार गुट की एनसीपी ने 3 सीटें हासिल कीं। पुणे जिले के 17 निकायों में अजित पवार गुट की एनसीपी ने 10 अध्यक्ष पद जीते जबकि शिंदे गुट की शिवसेना और बीजेपी ने भी कई सीटें हासिल कीं। लातूर जिले में बीजेपी ने पांच में से चार निकायों में अध्यक्ष पद जीता जबकि एक पर अजित पवार गुट की एनसीपी ने जीत दर्ज की। विदर्भ क्षेत्र में बीजेपी ने मजबूत प्रदर्शन किया और कई जगहों पर कांग्रेस ने कुछ सीटें बचाईं। कोंकण क्षेत्र में शिंदे गुट की शिवसेना और बीजेपी ने प्रमुखता दिखाई।

कई निकायों में निर्विरोध चुनाव भी हुए जैसे धुले की डोंडाइचा नगर परिषद और सोलापुर की अंगार नगर पंचायत में सदस्य और अध्यक्ष निर्विरोध चुने गए। जलगांव की जामनेर नगर परिषद में भी अध्यक्ष पद पर कोई मुकाबला नहीं हुआ। मतगणना के दौरान कुछ जगहों पर पुनर्मतगणना के आदेश भी दिए गए जैसे नागपुर जिले की कांप्टी नगर परिषद में कांग्रेस के विरोध के बाद बीजेपी की जीत पर पुनर्मतगणना हुई। परिणामों में स्वतंत्र और अन्य उम्मीदवारों ने भी कुछ सीटें जीतीं लेकिन मुख्य मुकाबला महायुति और महा विकास अघाड़ी के बीच रहा। चुनावों में कुल लगभग 1 करोड़ 7 लाख मतदाता थे जिनमें पुरुष और महिला मतदाताओं की संख्या लगभग बराबर थी। मतदान केंद्रों पर शांतिपूर्ण मतदान हुआ हालांकि कुछ जगहों पर छिटपुट घटनाएं दर्ज की गईं। परिणामों से महायुति गठबंधन की संगठनात्मक मजबूती झलकी जबकि विपक्षी दलों को अपने गढ़ों में भी चुनौती का सामना करना पड़ा। पश्चिम महाराष्ट्र में अजित पवार गुट ने अच्छा प्रदर्शन किया जबकि विदर्भ और मराठवाड़ा में बीजेपी ने प्रमुखता दिखाई। कोंकण और नासिक क्षेत्र में शिंदे गुट की शिवसेना ने कई महत्वपूर्ण सीटें जीतीं।

ये चुनाव आगामी नगर निगम चुनावों के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे थे जिसमें मुंबई सहित बड़े नगर निगम शामिल हैं। परिणामों में महायुति ने 288 में से तीन चौथाई से अधिक अध्यक्ष पद जीतकर अपनी स्थिति मजबूत की। पार्षदों के स्तर पर भी बीजेपी ने रिकॉर्ड संख्या में सीटें जीतीं जबकि उसके सहयोगी दलों ने भी अच्छा प्रदर्शन किया। कुछ जगहों पर महायुति के घटक दलों के बीच फ्रेंडली फाइट हुई लेकिन समग्र परिणाम गठबंधन के पक्ष में रहा। विपक्षी महा विकास अघाड़ी ने कुछ पारंपरिक गढ़ बचाए लेकिन कुल मिलाकर कमजोर प्रदर्शन रहा। चुनाव परिणामों से राज्य की शहरी स्थानीय निकाय राजनीति में महायुति का प्रभुत्व स्पष्ट हुआ। कुल 288 निकायों के अध्यक्ष पदों में महायुति की 215 जीत ने गठबंधन की एकजुटता और संगठन क्षमता को दर्शाया। बीजेपी ने सबसे अधिक 129 सीटें जीतकर अपनी प्रमुख स्थिति बनाए रखी जबकि शिंदे गुट की शिवसेना और अजित पवार गुट की एनसीपी ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया।

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