दिल्ली में नवंबर 2025: तीन सालों में सबसे ज्यादा ठंडा से ठिठुरे लोग, पारा 9 डिग्री तक गिरा।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में नवंबर 2025 का मौसम इस बार असामान्य रूप से ठंडा साबित हो रहा है। रविवार को न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस तक

Nov 17, 2025 - 13:54
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दिल्ली में नवंबर 2025: तीन सालों में सबसे ज्यादा ठंडा से ठिठुरे लोग, पारा 9 डिग्री तक गिरा।
दिल्ली में नवंबर 2025: तीन सालों में सबसे ज्यादा ठंडा से ठिठुरे लोग, पारा 9 डिग्री तक गिरा।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में नवंबर 2025 का मौसम इस बार असामान्य रूप से ठंडा साबित हो रहा है। रविवार को न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया, जो सामान्य से 4.5 डिग्री कम है। यह पिछले तीन वर्षों में नवंबर महीने का सबसे कम तापमान का रिकॉर्ड है। इससे पहले नवंबर 2022 में 29 तारीख को पारा 7.3 डिग्री सेल्सियस तक नीचे आया था। भारत मौसम विभाग के अनुसार, यह गिरावट उत्तर-पश्चिमी हवाओं और स्पष्ट आकाश के कारण हुई है। ठंड ने न केवल लोगों की दिनचर्या प्रभावित की है, बल्कि वायु प्रदूषण को भी बढ़ावा दिया है। सोमवार को भी न्यूनतम तापमान 8 से 10 डिग्री के बीच रहने की संभावना है, जबकि अधिकतम 24 से 26 डिग्री तक रहेगा।

यह ठंड की लहर दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में 10 नवंबर से शुरू हुई थी। उस समय मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की थी कि हिमालय से आ रही बर्फीली हवाएं तापमान को 2 से 3 डिग्री और नीचे ला देंगी। 11 नवंबर को आयनगर में न्यूनतम तापमान 9.9 डिग्री दर्ज किया गया, जो मौसम का सबसे कम था। उसके बाद यह गिरावट लगातार बनी रही। रविवार को सफदरजंग मौसम केंद्र पर सुबह 5:30 बजे तापमान 9 डिग्री मापा गया। यह सामान्य नवंबर न्यूनतम 13.5 डिग्री से काफी नीचे है। विभाग के वैज्ञानिकों का कहना है कि स्पष्ट आसमान रात्रि में गर्मी को बाहर जाने देता है, जिससे सुबह ठंड बढ़ जाती है। साथ ही, उत्तर-पश्चिमी हवाओं की गति 10 से 15 किलोमीटर प्रति घंटा रही, जो ठंडक को महसूस कराती है।

दिल्ली का मौसम हमेशा से ही विविधतापूर्ण रहा है। विकिपीडिया के अनुसार, यहां का जलवायु कोच्लान प्रकार की है, जहां सर्दियां नवंबर से जनवरी तक चलती हैं। औसतन नवंबर का न्यूनतम तापमान 12.9 डिग्री रहता है, लेकिन इस बार यह 10.3 डिग्री के आसपास घूम रहा है। ऐतिहासिक रिकॉर्ड में नवंबर का सबसे कम तापमान 6.1 डिग्री था, जो 2003 में दर्ज हुआ। वर्तमान गिरावट 2022 के बाद सबसे ज्यादा है। 2023 में नवंबर औसत था, लेकिन 2024 में अक्टूबर से ही ठंड बढ़ गई थी। इस वर्ष हिमालय में भारी बर्फबारी ने मैदानी इलाकों को प्रभावित किया है। मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, 15 नवंबर को जारी पूर्वानुमान में कहा गया था कि न्यूनतम तापमान सामान्य से 3.1 से 5 डिग्री कम रहेगा।

ठंड के साथ-साथ कोहरा भी लोगों को परेशान कर रहा है। रविवार सुबह हल्का कोहरा छाया रहा, जिससे दृश्यता 500 मीटर तक कम हो गई। विभाग ने चेतावनी दी है कि 17 नवंबर को अधिकांश जगहों पर हल्का कोहरा और अलग-अलग स्थानों पर मध्यम कोहरा रहेगा। 18 और 19 नवंबर को आंशिक बादल छाए रहेंगे, लेकिन 18 से 22 नवंबर तक सुबह के समय हल्का से मध्यम कोहरा जारी रहेगा। यह कोहरा सड़क, रेल और हवाई यात्रा को प्रभावित कर सकता है। दिल्ली में सुबह 8 बजे तक स्कूलों में देरी से पढ़ाई शुरू करने की सलाह दी गई है। वाहन चालकों को धीमी गति से चलने और फॉग लाइट्स का उपयोग करने को कहा गया है।

इस ठंड ने वायु प्रदूषण की समस्या को और गंभीर बना दिया है। रविवार को एयर क्वालिटी इंडेक्स 360 तक पहुंच गया, जो बहुत खराब श्रेणी में है। छह मॉनिटरिंग स्टेशन पर गंभीर स्तर दर्ज किया गया। कम तापमान और हल्की हवाओं के कारण प्रदूषक सतह के पास फंस जाते हैं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, सुबह 6 बजे एक्यूआई 360 था। मौसम विभाग ने अगले 6 दिनों तक बारिश न होने की भविष्यवाणी की है, जिससे प्रदूषण बना रहेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि ठंडी हवाएं प्रदूषण को फैलाने के बजाय जमा कर देती हैं। दिल्ली सरकार ने निर्माण कार्य रोक दिए हैं और 50 प्रतिशत सरकारी कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम की छूट दी है।

उत्तर भारत के अन्य हिस्सों में भी ठंड का प्रकोप है। हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश में न्यूनतम तापमान 7 से 10 डिग्री के बीच रहा। 9 नवंबर से कोल्ड वेव की स्थिति बनी हुई है। झारखंड, ओडिशा और विदर्भ में 11 से 13 नवंबर तक असर देखा गया। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में पहाड़ी इलाकों में तापमान शून्य से नीचे चला गया, जहां ताजा बर्फबारी हुई। मौसम विभाग ने अगले 3-4 दिनों तक अलग-अलग क्षेत्रों में कोल्ड वेव जारी रहने की चेतावनी दी है। किसानों को फसलों की रक्षा के लिए शाम को हल्की सिंचाई करने की सलाह दी गई है ताकि ठंड से नुकसान न हो।

लोगों पर ठंड का असर साफ दिख रहा है। सुबह-सुबह लोग गर्म कपड़ों में लिपटे सड़कों पर निकल रहे हैं। चाय-कॉफी की दुकानों पर भीड़ बढ़ गई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि गर्म पानी पिएं, व्यायाम करें और विटामिन सी युक्त भोजन लें। सर्दी-जुकाम और श्वास संबंधी बीमारियां बढ़ सकती हैं। अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। गरीब तबके के लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हैं, जो खुले आसमान के नीचे रहते हैं। एनजीओ ने कंबल वितरण अभियान शुरू किया है। दिल्ली मेट्रो में भीड़ कम हो गई है, क्योंकि लोग जल्दी घर लौट रहे हैं।

मौसम विभाग ने अगले हफ्ते के पूर्वानुमान में कहा है कि 17 नवंबर को मुख्य रूप से साफ आसमान रहेगा। न्यूनतम तापमान 8 डिग्री और अधिकतम 25 डिग्री के आसपास रहेगा। 18-19 को हल्के बादल छा सकते हैं, लेकिन बारिश की कोई संभावना नहीं। 22 नवंबर तक कोहरा बना रहेगा। लंबे समय में, दिसंबर-जनवरी में और ठंड बढ़ने की उम्मीद है। ऐतिहासिक डेटा से पता चलता है कि दिल्ली में सर्दियों में कोहरा और ठंड सामान्य हैं, लेकिन जलवायु परिवर्तन से पैटर्न बदल रहे हैं। कभी गर्मी बढ़ रही है, तो कभी ठंड असामान्य रूप से आ रही है।

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