अभिनेत्री नुसरत भरूचा ने महाकाल मंदिर में किये दर्शन तो भड़क उठे मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी, कहा- ये शरियत और इस्लाम की नजर में गुनाह। 

बॉलीवुड अभिनेत्री नुसरत भरूचा ने 30 दिसंबर 2025 को मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में दर्शन किए। यह

Jan 1, 2026 - 12:47
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अभिनेत्री नुसरत भरूचा ने महाकाल मंदिर में किये दर्शन तो भड़क उठे मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी, कहा- ये शरियत और इस्लाम की नजर में गुनाह। 
अभिनेत्री नुसरत भरूचा ने महाकाल मंदिर में किये दर्शन तो भड़क उठे मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी, कहा- ये शरियत और इस्लाम की नजर में गुनाह। 

बॉलीवुड अभिनेत्री नुसरत भरूचा ने 30 दिसंबर 2025 को मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में दर्शन किए। यह उनकी दूसरी यात्रा थी, जहां उन्होंने पुत्रदा एकादशी के अवसर पर भस्म आरती में भाग लिया, जल चढ़ाया, पूजा-अर्चना की और मंदिर की धार्मिक परंपराओं का पालन किया। मंदिर प्रबंधन समिति के अधिकारियों ने उन्हें चादर ओढ़ाकर सम्मानित किया और माथे पर चंदन लगाया गया। अभिनेत्री ने नए साल 2026 से पहले महाकाल का आशीर्वाद लेने के लिए इस यात्रा को किया, और मंदिर में शांति महसूस करने की बात कही। यह यात्रा नए साल से ठीक पहले हुई, जब मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ थी। अभिनेत्री ने मंदिर की व्यवस्थाओं की सराहना की और कहा कि दर्शन प्रक्रिया सुचारू रूप से चली। मंदिर में अलग से जल चढ़ाने की व्यवस्था होने की बात भी सामने आई। इस दर्शन के दौरान अभिनेत्री पारंपरिक परिधान में नजर आईं और हाथ जोड़कर प्रार्थना करती दिखीं। मंदिर से उनकी तस्वीरें और वीडियो सामने आए, जिनमें वे भस्म आरती में शामिल होती दिखीं।

यह यात्रा अभिनेत्री की व्यक्तिगत आस्था से जुड़ी थी, और उन्होंने महाकाल के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। हालांकि, इस दर्शन ने एक विवाद को जन्म दे दिया। ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने अभिनेत्री के इस कदम पर कड़ी आपत्ति जताई। बरेली से जारी अपने बयान में मौलाना ने कहा कि नुसरत भरूचा ने उज्जैन के महाकाल मंदिर में पूजा की, जल चढ़ाया, धार्मिक परंपराओं का पालन किया, चादर ओढ़ी और माथे पर चंदन लगवाया। मौलाना के अनुसार, ये सभी कार्य इस्लाम की नजर में अनुमत नहीं हैं और शरीयत के खिलाफ हैं। उन्होंने इसे गुनाह-ए-अजीम बताया, जो इस्लाम के मूल सिद्धांतों के विरुद्ध है। मौलाना ने कहा कि इस्लाम ऐसे कार्यों की इजाजत नहीं देता, और यह हराम है। उन्होंने अभिनेत्री को तौबा करने, इस्तिगफार पढ़ने और कलमा पढ़ने की सलाह दी ताकि इस गुनाह से बाहर निकला जा सके। मौलाना का बयान वीडियो के रूप में सामने आया, जिसमें उन्होंने स्पष्ट रूप से इन कार्यों को इस्लाम के खिलाफ बताया। यह बयान 31 दिसंबर 2025 को जारी हुआ, जब नए साल की पूर्व संध्या पर यह मुद्दा चर्चा में आ गया। अभिनेत्री दाऊदी बोहरा मुस्लिम परिवार से ताल्लुक रखती हैं, और यह यात्रा उनकी निजी आस्था से जुड़ी थी।

मंदिर दर्शन के बाद अभिनेत्री ने जय महाकाल लिखकर अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। भस्म आरती सुबह के समय होती है, और अभिनेत्री ने इसमें शामिल होकर विशेष अनुभव प्राप्त किया। मंदिर में उन्हें विशेष व्यवस्था के तहत दर्शन कराए गए। यह यात्रा पुत्रदा एकादशी पर हुई, जो हिंदू कैलेंडर में महत्वपूर्ण तिथि है। अभिनेत्री ने कहा कि यहां मन को शांति मिलती है और वे हर साल आने की योजना बना रही हैं। विवाद के केंद्र में मौलाना का बयान रहा, जिसमें उन्होंने शरीयत का हवाला देते हुए इन कार्यों को गुनाह बताया। मौलाना ने कहा कि मंदिर में पूजा करना, जल चढ़ाना और अन्य अनुष्ठान इस्लाम में वर्जित हैं। उन्होंने इसे इस्लाम के उसूलों के खिलाफ करार दिया। यह बयान बरेली से जारी किया गया, और इसमें अभिनेत्री के कार्यों का विस्तार से जिक्र किया गया। विवाद नए साल से ठीक पहले सामने आया, जब अभिनेत्री की मंदिर यात्रा की खबरें प्रमुखता से आईं। अभिनेत्री की यह यात्रा दूसरी बार थी, और पहले भी उन्होंने महाकाल के दर्शन किए थे। मंदिर प्रबंधन ने अभिनेत्री का स्वागत किया और उन्हें सम्मान प्रदान किया।

भस्म आरती में शामिल होना विशेष अनुभव माना जाता है, और अभिनेत्री ने इसमें भाग लिया। मौलाना के बयान में स्पष्ट रूप से कहा गया कि ऐसे कार्य शरीयत की नजर में गुनहगार बनाते हैं। उन्होंने तौबा को आवश्यक बताया। यह मामला धार्मिक स्वतंत्रता और व्यक्तिगत आस्था से जुड़ा हुआ है। अभिनेत्री ने मंदिर में जल चढ़ाने की अलग व्यवस्था का जिक्र किया। विवाद के बावजूद अभिनेत्री की यात्रा उनकी आस्था को दर्शाती है। मौलाना ने इसे इस्लाम के खिलाफ बताया और सलाह दी कि कलमा पढ़कर सुधार किया जाए। यह घटना 30 और 31 दिसंबर 2025 को प्रमुखता से सामने आई। उज्जैन का महाकालेश्वर मंदिर बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है, और यहां भस्म आरती प्रसिद्ध है। अभिनेत्री ने सुबह की आरती में भाग लिया। मौलाना का बयान वीडियो रूप में उपलब्ध है, जिसमें उन्होंने विस्तार से बात की। विवाद शरीयत और इस्लाम के सिद्धांतों पर केंद्रित रहा। अभिनेत्री की यात्रा नए साल से पहले आशीर्वाद लेने के उद्देश्य से थी। मंदिर में उन्हें चादर और चंदन प्रदान किया गया।

मौलाना ने इन सभी को गुनाह बताया। यह मामला धार्मिक बहस का विषय बना। अभिनेत्री की आने वाली फिल्में 2026 में रिलीज होने वाली हैं। विवाद के बाद भी यात्रा की खबरें प्रमुख रहीं। मौलाना ने कहा कि इस्लाम इजाजत नहीं देता ऐसे कार्यों की। तौबा और कलमा की सलाह दी गई। यह घटना उज्जैन और बरेली से जुड़ी हुई है। अभिनेत्री ने मंदिर की शांति का अनुभव साझा किया। विवाद शरीयत के हवाले से उठा। मौलाना ने इसे हराम बताया। अभिनेत्री की दूसरी यात्रा थी यह। भस्म आरती में शामिल होना विशेष था। जल चढ़ाना और पूजा करना विवाद का केंद्र रहा। मौलाना का बयान स्पष्ट था। यह मामला 2025 के अंत में सामने आया। नए साल से पहले यह चर्चा में रहा। अभिनेत्री की आस्था व्यक्तिगत रही। मौलाना ने गुनाह-ए-अजीम कहा। तौबा की आवश्यकता बताई। यह विवाद धार्मिक अनुष्ठानों पर केंद्रित रहा। मंदिर दर्शन की तस्वीरें वायरल हुईं। मौलाना ने शरीयत का जिक्र किया। यह घटना उज्जैन महाकालेश्वर से जुड़ी है। अभिनेत्री ने पुत्रदा एकादशी पर दर्शन किए। विवाद 31 दिसंबर को प्रमुख हुआ। मौलाना बरेलवी समुदाय से हैं। यह मामला इस्लाम और शरीयत पर आधारित रहा। अभिनेत्री ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। यात्रा नए साल के आशीर्वाद के लिए थी। मंदिर में सम्मान मिला। विवाद मौलाना के बयान से शुरू हुआ। यह धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़ा मुद्दा बना।

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