सलमान खान की 'बैटल ऑफ गलवान' के टीजर पर चीन की तीखी प्रतिक्रिया: इतिहास विकृत करने और चीन विरोधी भावना भड़काने का आरोप। 

बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान की आगामी फिल्म 'बैटल ऑफ गलवान' का टीजर 27 दिसंबर 2025 को उनके जन्मदिन के अवसर पर रिलीज

Dec 30, 2025 - 12:54
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सलमान खान की 'बैटल ऑफ गलवान' के टीजर पर चीन की तीखी प्रतिक्रिया: इतिहास विकृत करने और चीन विरोधी भावना भड़काने का आरोप। 
सलमान खान की 'बैटल ऑफ गलवान' के टीजर पर चीन की तीखी प्रतिक्रिया: इतिहास विकृत करने और चीन विरोधी भावना भड़काने का आरोप। 

बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान की आगामी फिल्म 'बैटल ऑफ गलवान' का टीजर 27 दिसंबर 2025 को उनके जन्मदिन के अवसर पर रिलीज किया गया। यह टीजर रिलीज होते ही चर्चा का विषय बन गया, क्योंकि फिल्म 2020 में गलवान घाटी में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हुई झड़प पर आधारित है। टीजर में सलमान खान एक भारतीय सेना अधिकारी की भूमिका में नजर आ रहे हैं, जो दुश्मन का सामना करने के लिए तैयार हैं। फिल्म का निर्देशन अपूर्व लाखिया कर रहे हैं और यह सलमान खान फिल्म्स के बैनर तले बन रही है। मुख्य भूमिकाओं में चित्रांगदा सिंह भी हैं। फिल्म की रिलीज डेट 17 अप्रैल 2026 तय की गई है। टीजर में सलमान खान की आवाज में जवानों को संबोधित करने वाले संवाद हैं, जहां वे कहते हैं कि जख्म को मेडल समझना और मौत को सलाम करना। अंत में वे कहते हैं कि मौत से डरने की जरूरत नहीं, क्योंकि उसे तो आना ही है। टीजर में ऊंचाई वाले क्षेत्रों की कठिन परिस्थितियां, सैनिकों का बलिदान और दुश्मन से मुकाबला करने की तैयारी दिखाई गई है। बैकग्राउंड में संगीत और प्रभावशाली दृश्य हैं, जो 2020 की गलवान घटना की याद दिलाते हैं, जहां बिना गोली चलाए सैनिकों ने क्लब और पत्थरों से लड़ाई लड़ी।

फिल्म की कहानी 15 जून 2020 की उस घटना से प्रेरित है, जब गलवान घाटी में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई। इस झड़प में भारतीय सेना के 20 जवान शहीद हुए, जबकि चीन ने बाद में अपने पांच सैनिकों की मौत स्वीकार की। फिल्म में सलमान खान शहीद कर्नल बी. संतोष बाबू की भूमिका निभा रहे हैं, जो उस झड़प में नेतृत्व कर रहे थे। फिल्म सैनिकों के साहस, बलिदान और दृढ़ता को दर्शाने का प्रयास कर रही है। टीजर रिलीज होने के कुछ दिनों बाद चीन के सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स ने फिल्म की कड़ी आलोचना की। इसमें फिल्म पर इतिहास को विकृत करने और चीन विरोधी भावना भड़काने का आरोप लगाया गया। चीनी सैन्य विशेषज्ञ सॉन्ग झोंगपिंग के हवाले से कहा गया कि कोई भी सिनेमाई अतिशयोक्ति इतिहास नहीं बदल सकती और न ही चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी की संप्रभु क्षेत्र की रक्षा करने की दृढ़ता को हिला सकती है। ग्लोबल टाइम्स ने फिल्म को काल्पनिक और सरलीकृत बताया, जो वास्तविकता से दूर है।

चीनी मीडिया ने टीजर के दृश्यों की तुलना गेम ऑफ थ्रोन्स के एक प्रसिद्ध युद्ध दृश्य से की और इसे व्युत्पन्न बताया। रिपोर्ट में कहा गया कि फिल्म भारत का एकतरफा नजरिया पेश कर रही है, जो बीजिंग की आधिकारिक स्थिति से पूरी तरह विरोधाभासी है। चीनी पक्ष का दावा है कि गलवान घाटी चीन के क्षेत्र में है और भारतीय सैनिकों ने पहले सुविधाएं बनाकर सीमा उल्लंघन किया। ग्लोबल टाइम्स ने फिल्म को मनोरंजन के लिए बनाई गई कहानी बताया, जो तथ्यों से परे है। फिल्म की शूटिंग लद्दाख में हुई, जहां ऊंचाई और कठिन मौसम की चुनौतियां थीं। सलमान खान ने पहले कहा था कि यह फिल्म उनके करियर की सबसे शारीरिक रूप से कठिन फिल्मों में से एक है। फिल्म में एक्शन दृश्यों में सैनिकों की हाथों-хाथ लड़ाई दिखाई गई है, क्योंकि द्विपक्षीय समझौतों के कारण उस क्षेत्र में हथियारों का उपयोग प्रतिबंधित था। चीन की इस प्रतिक्रिया से फिल्म की चर्चा और बढ़ गई है। ग्लोबल टाइम्स ने फिल्म को बॉलीवुड की उस शैली का हिस्सा बताया, जहां देशभक्ति की भावना बढ़ाने के लिए ऐसे विषय चुने जाते हैं। विशेषज्ञों ने कहा कि ऐसी फिल्में तथ्यों को नहीं बदल सकतीं। चीनी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर भी फिल्म की कहानी को तथ्यों से विपरीत बताया गया।

फिल्म 'बैटल ऑफ गलवान' भारतीय सैनिकों के शौर्य को बड़े पर्दे पर लाने का प्रयास है। टीजर में दिखाए गए दृश्य गलवान की कठिन भौगोलिक स्थितियों और सैनिकों की तैयारी को उजागर करते हैं। फिल्म में सलमान खान घायल लेकिन दृढ़ अधिकारी की भूमिका में हैं, जो अपनी टीम का नेतृत्व कर रहे हैं। चीन की आलोचना में फिल्म को अतिरंजित और काल्पनिक बताया गया। रिपोर्ट में कहा गया कि बॉलीवुड की फिल्में मनोरंजन प्रदान करती हैं, लेकिन वे इतिहास को फिर से नहीं लिख सकतीं। चीनी विशेषज्ञ ने पीएलए की क्षेत्र रक्षा की दृढ़ता पर जोर दिया। यह फिल्म 2020 की घटना को आधार बनाकर सैनिकों की बहादुरी दिखाने वाली है। टीजर रिलीज के बाद चीन की प्रतिक्रिया ने इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना दिया। फिल्म अप्रैल 2026 में रिलीज होगी।

टीजर में सलमान खान की आवाज और दृश्य प्रभावशाली हैं। फिल्म गलवान झड़प की घटनाओं से प्रेरित है, जहां सैनिकों ने बिना बंदूकों के लड़ाई लड़ी। चीन ने फिल्म को तथ्यों से दूर बताया। ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट में फिल्म पर चीन विरोधी भावना फैलाने का आरोप है। विशेषज्ञों ने कहा कि सिनेमाई अतिशयोक्ति से कुछ नहीं बदलता। चीनी पक्ष ने अपनी आधिकारिक स्थिति दोहराई। फिल्म की रिलीज से पहले ही यह विवाद का हिस्सा बन गई है। टीजर में दिखाए गए संघर्ष के दृश्य 2020 की घटना की याद दिलाते हैं। चीन की प्रतिक्रिया में फिल्म को व्युत्पन्न और असत्यापित बताया गया। यह प्रकरण फिल्म की पहुंच को बढ़ा रहा है। 'बैटल ऑफ गलवान' सैनिकों के बलिदान पर आधारित है। चीन ने टीजर को इतिहास विकृत करने वाला बताया। फिल्म में मुख्य भूमिका सलमान खान की है, जो कर्नल संतोष बाबू का किरदार निभा रहे हैं। टीजर रिलीज के बाद चीन की सरकारी मीडिया ने तीखी टिप्पणी की।

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