उदयपुर फाइल्स को केंद्र सरकार की मंजूरी- कन्हैयालाल हत्याकांड पर आधारित फिल्म 8 अगस्त यानी आज रिलीज होगी।
उदयपुर के चर्चित कन्हैयालाल हत्याकांड पर आधारित फिल्म 'उदयपुर फाइल्स' को लंबे कानूनी विवाद और सेंसर बोर्ड की समीक्षा के बाद आखिरकार...
उदयपुर के चर्चित कन्हैयालाल हत्याकांड पर आधारित फिल्म 'उदयपुर फाइल्स' को लंबे कानूनी विवाद और सेंसर बोर्ड की समीक्षा के बाद आखिरकार रिलीज की मंजूरी मिल गई है। केंद्र सरकार के सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने 6 अगस्त 2025 को फिल्म की रिलीज को हरी झंडी दे दी। यह फिल्म 8 अगस्त 2025 को देशभर के 4,500 सिनेमाघरों में रिलीज हुई, जिसमें उदयपुर के सेलिब्रेशन मॉल, अरबन स्क्वायर, और लेक सिटी मॉल में भी इसका प्रदर्शन हुआ। मृतक कन्हैयालाल के बेटे यश साहू ने इस मंजूरी का स्वागत किया और कहा कि वह अपने परिवार के साथ फिल्म देखने जाएंगे। यह फिल्म 2022 में उदयपुर में हुए कन्हैयालाल साहू की निर्मम हत्या की सच्ची घटना पर आधारित है, जिसने पूरे देश को झकझोर दिया था।
- कन्हैयालाल हत्याकांड और फिल्म की कहानी
'उदयपुर फाइल्स' उदयपुर के हथीपोल क्षेत्र में 28 जून 2022 को हुई कन्हैयालाल साहू की हत्या की घटना को दर्शाती है। कन्हैयालाल, एक दर्जी, को दो व्यक्तियों, मोहम्मद रियाज और मोहम्मद गौस, ने उनकी दुकान में चाकू मारकर हत्या कर दी थी। यह हत्या कथित तौर पर कन्हैयालाल द्वारा बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा के सोशल मीडिया पोस्ट का समर्थन करने के बाद की गई थी, जिसमें उन्होंने पैगंबर मोहम्मद के बारे में टिप्पणी की थी। हमलावरों ने हत्या का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया, जिससे देशभर में आक्रोश फैल गया। इस मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने की, और दोनों आरोपियों को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया। मामला वर्तमान में जयपुर की विशेष एनआईए अदालत में विचाराधीन है।
फिल्म 'उदयपुर फाइल्स' इस घटना के इर्द-गिर्द बुनी गई है और इसका उद्देश्य कन्हैयालाल की हत्या के पीछे की परिस्थितियों और इसके सामाजिक प्रभाव को दर्शाना है। फिल्म में विजय राज के अलावा रजनीश दुग्गल, प्रीति झंगियानी, कमलेश सावंत, कांची सिंह, मुश्ताक खान, एहसान खान, पुनीत वशिष्ठ, मनोज बख्शी, गगनदीप सिंह, और संदीप बोस जैसे कलाकार शामिल हैं। इसका निर्देशन भरत श्रीनाते और जयंत सिन्हा ने किया है, और निर्माता अमित जानी की कंपनी जानी फायरफॉक्स मीडिया है।
'उदयपुर फाइल्स' की रिलीज का रास्ता आसान नहीं रहा। फिल्म को शुरू में 11 जुलाई 2025 को रिलीज होने की योजना थी, लेकिन दिल्ली हाई कोर्ट ने 10 जुलाई 2025 को जमीअत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी और एक आरोपी मोहम्मद जावेद की याचिकाओं के बाद इसकी रिलीज पर रोक लगा दी। याचिकाकर्ताओं ने दावा किया कि फिल्म एक विशेष समुदाय को बदनाम करती है और कन्हैयालाल हत्याकांड के चल रहे मुकदमे को प्रभावित कर सकती है। दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार को सिनेमैटोग्राफ अधिनियम, 1952 की धारा 6 के तहत फिल्म की समीक्षा करने का निर्देश दिया।
केंद्र सरकार ने एक समिति गठित की, जिसने फिल्म में 55 कट्स और कुछ बदलावों का सुझाव दिया, जिसमें एक किरदार का नाम "नूतन शर्मा" हटाना, एक एआई-जनरेटेड निष्पादन दृश्य को हटाना, और संवेदनशील संवादों को हटाना शामिल था। शुरू में सरकार ने छह कट्स की सिफारिश की थी, लेकिन बाद में इसे वापस ले लिया और सभी पक्षों को सुनने के बाद 6 अगस्त 2025 को फिल्म को रिलीज की अनुमति दी। सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (सीबीएफसी) ने भी फिल्म को यू/ए सर्टिफिकेट के साथ मंजूरी दी।
सुप्रीम कोर्ट ने भी इस मामले में हस्तक्षेप किया। 16 जुलाई 2025 को, जस्टिस सूर्य कांत और जस्टिस जॉयमाला बागची की बेंच ने दिल्ली हाई कोर्ट के रिलीज पर रोक के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया, लेकिन केंद्र सरकार की समीक्षा प्रक्रिया को तेज करने का निर्देश दिया। 25 जुलाई 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट को याचिकाओं पर जल्द सुनवाई करने का निर्देश दिया, जिसके बाद रिलीज का रास्ता साफ हुआ।
कन्हैयालाल के बेटे यश साहू ने फिल्म की रिलीज की मंजूरी का स्वागत किया। 7 अगस्त 2025 को एक विशेष स्क्रीनिंग के बाद, यश ने कहा, "8 अगस्त को पूरा देश देखेगा कि मेरे पिता के साथ क्या हुआ। हमारे परिवार का दर्द इस फिल्म में दिखाया गया है।" उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट के शुरुआती रोक के फैसले पर निराशा व्यक्त की थी, यह कहते हुए कि उनके पिता के हत्यारों को तीन साल बाद भी सजा नहीं मिली है, जबकि फिल्म की रिलीज को तुरंत रोक दिया गया। यश ने यह भी बताया कि वह अपने परिवार के साथ उदयपुर के सेलिब्रेशन मॉल में फिल्म देखने जाएंगे।
यश ने फिल्म को अपने पिता को श्रद्धांजलि देने का एक माध्यम बताया और कहा कि यह उनके परिवार की पीड़ा को दुनिया के सामने लाएगी। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि निर्माता अमित जानी ने वादा किया है कि फिल्म की कमाई का एक-चौथाई हिस्सा कन्हैयालाल के परिवार को दिया जाएगा।
फिल्म के निर्माता अमित जानी ने रिलीज की मंजूरी पर खुशी जताई और सोशल मीडिया मंच X पर एक वीडियो संदेश साझा किया, जिसमें उन्होंने दर्शकों से सिनेमाघरों में फिल्म देखने की अपील की। उन्होंने कहा, "हमने लंबी लड़ाई के बाद यह फिल्म रिलीज की है। यह किसी धर्म के खिलाफ नहीं है, बल्कि एक सच्ची घटना को दिखाती है।" जानी ने सुप्रीम कोर्ट और केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया और कहा कि सत्य की हमेशा जीत होती है।
फिल्म में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली अभिनेत्री प्रीति झंगियानी ने भी विशेष स्क्रीनिंग के बाद कहा, "यह फिल्म एक सच्ची घटना पर आधारित है। सत्य को सामने लाने से कोई डरना नहीं चाहिए। इस फिल्म ने सच्चाई को दोनों पक्षों के साथ दिखाया है।" उन्होंने दर्शकों से सिनेमाघरों में फिल्म देखने की अपील की।
फिल्म की रिलीज को लेकर उदयपुर में प्रशासन ने विशेष सुरक्षा इंतजाम किए हैं। उदयपुर के तीन प्रमुख सिनेमाघरों—सेलिब्रेशन मॉल, अरबन स्क्वायर, और लेक सिटी मॉल—में फिल्म का एक-एक शो प्रदर्शित किया गया। प्रशासन ने संवेदनशीलता को देखते हुए सिनेमाघरों के आसपास पुलिस तैनात की, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। देशभर में फिल्म 4,500 स्क्रीन्स पर रिलीज हुई, और इसे हिंदी भाषा में यू/ए सर्टिफिकेट के साथ प्रदर्शित किया गया। फिल्म की अवधि 2 घंटे 5 मिनट है।
'उदयपुर फाइल्स' ने रिलीज से पहले ही सामाजिक और कानूनी हलकों में खूब चर्चा बटोरी। कुछ संगठनों और व्यक्तियों ने दावा किया कि फिल्म एक विशेष समुदाय को निशाना बनाती है और साम्प्रदायिक सौहार्द को नुकसान पहुंचा सकती है। जमीअत उलेमा-ए-हिंद और मोहम्मद जावेद ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर कर फिल्म पर रोक लगाने की मांग की थी, यह तर्क देते हुए कि यह चल रहे मुकदमे को प्रभावित कर सकती है।
दूसरी ओर, कई लोगों ने फिल्म का समर्थन किया। सोशल मीडिया मंच X पर कुछ यूजर्स ने इसे कन्हैयालाल के लिए न्याय की दिशा में एक कदम बताया। एक यूजर ने लिखा, "उदयपुर फाइल्स सच्चाई को सामने लाएगी। कन्हैयालाल के हत्यारों को सजा मिलनी चाहिए।" एक अन्य यूजर ने कहा, "यह फिल्म समाज को जागरूक करेगी कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।"
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि फिल्म की रिलीज का चल रहे मुकदमे पर कोई बड़ा प्रभाव नहीं पड़ेगा, क्योंकि यह एक काल्पनिक कथानक है, जो सच्ची घटना से प्रेरित है। वकील पुलकित अग्रवाल, जो निर्माता अमित जानी का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, ने कहा, "फिल्म को सेंसर बोर्ड और केंद्र सरकार ने मंजूरी दी है। यह सत्य को सामने लाने का एक प्रयास है।"
'उदयपुर फाइल्स' की रिलीज ने कन्हैयालाल हत्याकांड को फिर से चर्चा में ला दिया है। यह फिल्म न केवल एक सच्ची घटना को दर्शाती है, बल्कि सामाजिक जागरूकता और न्याय की मांग को भी सामने लाती है। केंद्र सरकार और सेंसर बोर्ड की मंजूरी के बाद फिल्म 8 अगस्त 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है, और यह दर्शकों के बीच खूब चर्चा बटोर रही है। कन्हैयालाल के बेटे यश साहू ने इसे अपने पिता को श्रद्धांजलि बताया, जबकि निर्माता और कलाकारों ने इसे सत्य की जीत करार दिया।
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