कुमकुम भाग्य का 11 साल बाद बंद होगा? कम टीआरपी और चौथी पीढ़ी की कहानी की नाकामी बनी वजह, नया शो लेगा जगह। 

Entertainment News: जी टीवी का लोकप्रिय धारावाहिक कुमकुम भाग्य, जो 11 साल से दर्शकों का मनोरंजन कर रहा था, अब बंद होने की कगार पर है। खबरों....

Aug 7, 2025 - 12:48
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कुमकुम भाग्य का 11 साल बाद बंद होगा? कम टीआरपी और चौथी पीढ़ी की कहानी की नाकामी बनी वजह, नया शो लेगा जगह। 
कुमकुम भाग्य का 11 साल बाद बंद होगा? कम टीआरपी और चौथी पीढ़ी की कहानी की नाकामी बनी वजह, नया शो लेगा जगह। 

जी टीवी का लोकप्रिय धारावाहिक कुमकुम भाग्य, जो 11 साल से दर्शकों का मनोरंजन कर रहा था, अब बंद होने की कगार पर है। खबरों के अनुसार, यह शो सितंबर 2025 में अपने अंतिम एपिसोड के साथ ऑफ-एयर हो जाएगा। इसकी मुख्य वजह लगातार गिरती टीआरपी (टेलीविजन रेटिंग पॉइंट) और चौथी पीढ़ी की कहानी का दर्शकों को पसंद न आना बताया जा रहा है। शो के निर्माता एकता कपूर ने इसे रात 9 बजे के बजाय 7 बजे के स्लॉट में शिफ्ट करने के विकल्प को ठुकरा दिया और इसे सम्मानजनक तरीके से समाप्त करने का फैसला किया। इस शो की जगह रवि दुबे और सरगुन मेहता के ड्रीमियाटा एंटरटेनमेंट द्वारा निर्मित नया शो 'गंगा माई की बेटियां' ले सकता है।

  • कुमकुम भाग्य का सफर

कुमकुम भाग्य की शुरुआत 15 अप्रैल 2014 को जी टीवी पर हुई थी। यह शो एकता कपूर के बालाजी टेलीफिल्म्स के बैनर तले बनाया गया और जेन ऑस्टेन के उपन्यास 'सेंस एंड सेंसिबिलिटी' से प्रेरित था। इसकी कहानी प्रज्ञा अरोड़ा (सृति झा) और अभिषेक मेहरा (शब्बीर अहलूवालिया) की प्रेम कहानी से शुरू हुई, जो कई मुश्किलों के बावजूद एक-दूसरे के साथ बंधे रहे। शो ने अपनी भावनात्मक कहानी, पारिवारिक ड्रामे, और ट्विस्ट्स के कारण दर्शकों का दिल जीता। यह भारतीय टेलीविजन के सबसे लंबे समय तक चलने वाले शोज में से एक बन गया, जिसके 3000 से अधिक एपिसोड प्रसारित हो चुके हैं।

शो ने कई पीढ़ियों की कहानियां दिखाईं। पहली पीढ़ी में सृति झा और शब्बीर अहलूवालिया ने प्रज्ञा और अभि के किरदार निभाए। दूसरी पीढ़ी में उनकी बेटी प्राची (मुग्धा चापेकर) और रणबीर (कृष्णा कौल) की कहानी आई। तीसरी पीढ़ी में पूरवी (राची शर्मा) और राजवंश (अबरार काजी) ने दर्शकों का ध्यान खींचा। फरवरी 2025 में शो ने चौथी पीढ़ी की शुरुआत की, जिसमें प्रणाली राठौड़ (प्रार्थना) और नमिक पॉल (शिवांश) मुख्य भूमिकाओं में आए।

  • ऑफ-एयर होने की वजह

कुमकुम भाग्य के बंद होने की मुख्य वजह इसकी लगातार गिरती टीआरपी है। मार्च 2025 में शो की टीआरपी 0.9 अंक तक गिर गई, जो इसके 11 साल के इतिहास में सबसे कम थी। चौथी पीढ़ी की कहानी, जिसमें प्रणाली राठौड़ और नमिक पॉल मुख्य किरदारों में थे, दर्शकों को प्रभावित नहीं कर पाई। सोशल मीडिया पर कई दर्शकों ने नई कहानी को "उबाऊ" और "पुरानी कहानियों का दोहराव" बताया। एक X पोस्ट में लिखा गया, "कुमकुम भाग्य की तीसरी पीढ़ी ने शो को लगभग खत्म कर दिया था, लेकिन चौथी पीढ़ी ने इसे पूरी तरह दफन कर दिया।"

जी टीवी ने निर्माता एकता कपूर को शो को रात 9 बजे के प्राइम टाइम स्लॉट से 7 बजे के स्लॉट में शिफ्ट करने का विकल्प दिया था, लेकिन एकता ने इसे ठुकरा दिया। उन्होंने शो को सम्मानजनक तरीके से समाप्त करने का फैसला किया। खबरों के अनुसार, शो का अंतिम एपिसोड 07 सितंबर 2025 को प्रसारित होगा।

कुमकुम भाग्य के बंद होने की खबर ने इसके प्रशंसकों को निराश किया है। सोशल मीडिया पर कई प्रशंसकों ने अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। एक यूजर ने लिखा, "क्यों बंद हो रहा है? मुझे नई सीजन पसंद थी।" जबकि एक अन्य यूजर ने टीआरपी की आलोचना करते हुए कहा, "1.3 टीआरपी को भी चैनल बर्दाश्त नहीं कर पा रहा।" कुछ प्रशंसकों ने प्रणाली राठौड़ और नमिक पॉल की जोड़ी को पसंद किया, लेकिन उनका मानना था कि कहानी में कुछ नया नहीं था। एक यूजर ने लिखा, "प्रणाली ने शो को लेने का गलत फैसला किया। स्क्रिप्ट कमजोर थी, और प्रचार की कमी ने इसे और बर्बाद कर दिया।"

हालांकि, कुछ दर्शकों ने माना कि शो का लंबा समय और बार-बार पीढ़ी बदलाव (जनरेशन लीप) इसकी असफलता का कारण बने। एक X पोस्ट में लिखा गया, "कहानी में कोई नयापन नहीं था। प्रार्थना को प्रज्ञा, प्राची या पूरवी की तरह पसंद करने लायक नहीं बनाया गया।"

  • नया शो: गंगा माई की बेटियां

कुमकुम भाग्य के ऑफ-एयर होने के बाद इसकी जगह रवि दुबे और सरगुन मेहता के ड्रीमियाटा एंटरटेनमेंट द्वारा निर्मित नया शो 'गंगा माई की बेटियां' ले सकता है। इस शो में अमनदीप सिद्धू, शीजान खान, और शुभांगी लटकर मुख्य भूमिकाओं में होंगे। यह शो पारिवारिक ड्रामा और सामाजिक मुद्दों पर आधारित होगा। हालांकि, इसके प्रसारण समय की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन माना जा रहा है कि यह रात 9 बजे के स्लॉट में आएगा।

कुमकुम भाग्य ने अपने 11 साल के सफर में कई उपलब्धियां हासिल कीं। 2014 में लॉन्च होने के बाद यह शो जल्द ही टीआरपी चार्ट में शीर्ष 5 में शामिल हो गया था। इसने स्टार प्लस के लोकप्रिय शो 'दिया और बाती हम' को कड़ी टक्कर दी। शो को घाना में भी खूब पसंद किया गया और इसे 2016 में घाना मूवी अवॉर्ड में बेस्ट फॉरेन टीवी सीरीज का पुरस्कार मिला। इसके अलावा, शो ने 2016 में बोरप्लस गोल्ड अवॉर्ड, 2019 में इंडिया टेली अवॉर्ड, और 2014 में अप्सरा फिल्म प्रोड्यूसर्स गिल्ड अवॉर्ड जीता।

शो ने सृति झा, शब्बीर अहलूवालिया, मुग्धा चापेकर, और कृष्णा कौल जैसे अभिनेताओं को घर-घर में प्रसिद्धि दिलाई। मृणाल ठाकुर, जिन्होंने प्रज्ञा की छोटी बहन बुलबुल का किरदार निभाया था, ने भी इस शो से अपने करियर की शुरुआत की थी।

  • चौथी पीढ़ी की नाकामी

चौथी पीढ़ी की शुरुआत फरवरी 2025 में हुई, जब प्रणाली राठौड़ और अक्षय बिंद्रा को नए मुख्य किरदारों के रूप में पेश किया गया। बाद में नमिक पॉल ने अक्षय की जगह ली। हाल के एपिसोड्स में प्रार्थना (प्रणाली) और शिवांश (नमिक) की कहानी दिखाई गई, जिसमें शिवांश अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है, और प्रार्थना उसकी सलामती के लिए प्रार्थना कर रही है।

हालांकि, दर्शकों को यह कहानी आकर्षक नहीं लगी। कई लोगों ने शिकायत की कि कहानी में पुराने ड्रामे का दोहराव है और नए किरदारों में प्रज्ञा-अभि या प्राची-रणबीर जैसी केमिस्ट्री की कमी है। एक रेडिट यूजर ने लिखा, "चौथी पीढ़ी की कहानी में कोई नयापन नहीं है। यह वही पुराना ड्रामा है, जो अब बोरिंग हो चुका है।"

एकता कपूर को भारतीय टेलीविजन की क्वीन माना जाता है, जिनके शोज जैसे 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' और 'कुंडली भाग्य' ने टीआरपी चार्ट में लंबे समय तक राज किया। हालांकि, हाल के वर्षों में उनके कई शो, जैसे कुंडली भाग्य (दिसंबर 2024 में ऑफ-एयर) और भाग्य लक्ष्मी, कम टीआरपी के कारण आलोचना का शिकार हुए।

कुमकुम भाग्य के लिए एकता ने कई बार कहानी को पुनर्जनन करने की कोशिश की। मार्च और अप्रैल 2025 में राची शर्मा को पूरवी के किरदार में वापस लाया गया, और कुंडली भाग्य के किरदार करण (शक्ति आनंद) और प्रीता (श्रद्धा आर्या) को भी शामिल किया गया ताकि टीआरपी बढ़ाई जा सके। लेकिन ये कोशिशें नाकाम रहीं।

जी टीवी भी अपने प्रोग्रामिंग शेड्यूल में बदलाव कर रहा है ताकि दर्शकों का ध्यान नए कंटेंट की ओर आकर्षित हो। 'गंगा माई की बेटियां' जैसे नए शो इस रणनीति का हिस्सा हैं।

कुमकुम भाग्य का ऑफ-एयर होना कई प्रशंसकों के लिए भावनात्मक झटका है। यह शो भारतीय महिलाओं के बीच खासा लोकप्रिय था और घाना जैसे देशों में भी इसका बड़ा प्रशंसक वर्ग था। सोशल मीडिया पर प्रशंसकों ने अपनी यादें साझा कीं, जिसमें प्रज्ञा-अभि की जोड़ी और शो के शुरुआती सीजन्स की तारीफ की गई।

हालांकि, कुछ प्रशंसकों ने माना कि शो का लंबा समय और बार-बार पीढ़ी बदलाव इसकी ताजगी को खत्म कर गए। एक रेडिट पोस्ट में लिखा गया, "कुमकुम भाग्य को 2014 में शुरू होने के बाद से बहुत समय हो गया। अब समय है कि इसे अलविदा कहा जाए।"

कुमकुम भाग्य के बंद होने से जी टीवी को नए शो के लिए अवसर मिलेगा। 'गंगा माई की बेटियां' के साथ चैनल एक नई शुरुआत करने की कोशिश कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि नए शो में ताजा कहानियां और आधुनिक विषय लाने की जरूरत है ताकि युवा दर्शकों को आकर्षित किया जा सके।

एकता कपूर ने हाल ही में 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' को फिर से लॉन्च किया है, जिसमें स्मृति ईरानी मुख्य भूमिका में हैं। यह शो 29 जुलाई 2025 से प्रसारित हो रहा है और इसे दर्शकों से अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। इससे यह संकेत मिलता है कि एकता पुराने शोज को नई कहानियों के साथ पुनर्जनन करने की रणनीति पर काम कर रही हैं।

कुमकुम भाग्य का 11 साल का सफर भारतीय टेलीविजन के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय रहा। सृति झा और शब्बीर अहलूवालिया से शुरू होकर प्रणाली राठौड़ और नमिक पॉल तक, इस शो ने कई पीढ़ियों की कहानियां दिखाईं। हालांकि, कम टीआरपी और चौथी पीढ़ी की कहानी की नाकामी ने इसे 07 सितंबर 2025 को अपने अंतिम एपिसोड तक पहुंचा दिया।

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