पवन कल्याण का 'उस्ताद' अवतार: बॉक्स ऑफिस पर 'गब्बर सिंह' फेम जोड़ी की धमाकेदार वापसी।
तेलुगु सिनेमा के 'पावर स्टार' पवन कल्याण की बहुप्रतीक्षित फिल्म 'उस्ताद भगत सिंह' आज 19 मार्च 2026 को उगादि के पावन अवसर पर दुनिया
- महा-मुकाबला: 'उस्ताद भगत सिंह' और 'धुरंधर 2' की सिनेमाघरों में सीधी भिड़ंत, दर्शकों में भारी उत्साह
- एक्शन, ड्रामा और स्वैग का संगम: पवन कल्याण की फिल्म को मिल रही है कैसी प्रतिक्रिया, जानें लाइव अपडेट
तेलुगु सिनेमा के 'पावर स्टार' पवन कल्याण की बहुप्रतीक्षित फिल्म 'उस्ताद भगत सिंह' आज 19 मार्च 2026 को उगादि के पावन अवसर पर दुनिया भर के सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। निर्देशक हरीश शंकर के साथ पवन कल्याण की यह जोड़ी पूरे 14 साल बाद बड़े पर्दे पर वापस लौटी है, जिसने पहले 'गब्बर सिंह' जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्म दी थी। सुबह से ही दक्षिण भारत के राज्यों, विशेष रूप से आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में जश्न का माहौल है। प्रशंसकों ने सिनेमाघरों के बाहर बड़े-बड़े कटआउट लगाए हैं और ढोल-ताशों के साथ अपने पसंदीदा सितारे का स्वागत किया है। फिल्म को लेकर उम्मीदें इसलिए भी अधिक हैं क्योंकि यह पवन कल्याण की पिछली सफल फिल्म 'दे कॉल हिम ओजी' (OG) के बाद की अगली बड़ी रिलीज है, जिसमें वे एक बार फिर पुलिस अधिकारी की दमदार भूमिका में नजर आ रहे हैं।
बॉक्स ऑफिस पर इस फिल्म का मुकाबला किसी साधारण फिल्म से नहीं, बल्कि बॉलीवुड के मेगा-प्रोजेक्ट 'धुरंधर: द रिवेंज' (धुरंधर 2) से है। रणवीर सिंह अभिनीत और आदित्य धर निर्देशित यह फिल्म 18 मार्च को ही अपने पेड प्रीव्यू के साथ बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा चुकी है। 'धुरंधर 2' ने केवल प्रीव्यू शो से ही 44 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई कर भारतीय सिनेमा के कई पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। ऐसे में पवन कल्याण की फिल्म के लिए राह आसान नहीं है, लेकिन तेलुगु भाषी राज्यों में उनका व्यक्तिगत प्रभाव और प्रशंसकों की दीवानगी इस फिल्म को एक मजबूत ओपनिंग दिलाने में मदद कर रही है। व्यापार विश्लेषकों का मानना है कि दोनों फिल्मों का अपना-अपना दर्शक वर्ग है, लेकिन स्क्रीन्स के बंटवारे और दर्शकों की पसंद को लेकर कड़ी प्रतिस्पर्धा देखी जा रही है।
फिल्म की कहानी एक ऐसे लड़के के इर्द-गिर्द घूमती है जिसे उसके शिक्षक ने 'भगत सिंह' नाम दिया था और उसे नैतिक मूल्यों व अटूट साहस के साथ पाला। वही लड़का बड़ा होकर एक निडर पुलिस अधिकारी बनता है जो अन्याय के खिलाफ डटकर खड़ा रहता है। फिल्म में पवन कल्याण का पुलिस वाला अवतार न केवल एक्शन से भरपूर है, बल्कि उनके संवाद बोलने का अंदाज भी बेहद प्रभावशाली है। अभिनेत्री श्रीलीला और राशि खन्ना ने फिल्म में मुख्य महिला भूमिकाएं निभाई हैं। हालांकि, शुरुआती समीक्षाओं में कुछ दर्शकों ने महसूस किया है कि फिल्म की पटकथा में नयापन थोड़ा कम है और यह कुछ हद तक पुरानी कमर्शियल फिल्मों के ढर्रे पर चलती है। इसके बावजूद, पवन कल्याण की स्क्रीन प्रेजेंस और उनके मास मोमेंट्स दर्शकों को बांधे रखने में सफल साबित हो रहे हैं।
विशेष जानकारी: आंध्र प्रदेश सरकार ने फिल्म 'उस्ताद भगत सिंह' के लिए विशेष रियायतें दी हैं। सरकार ने फिल्म के लिए सुबह 4 बजे से 'बेनिफिट शो' आयोजित करने की अनुमति दी और पहले 10 दिनों के लिए टिकटों की कीमतों में 100 से 125 रुपये की वृद्धि को भी मंजूरी दी है। इससे फिल्म के शुरुआती कलेक्शन में बड़ी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।
तकनीकी पक्ष की बात करें तो, देवी श्री प्रसाद द्वारा रचित संगीत और थमन एस द्वारा दिया गया बैकग्राउंड स्कोर फिल्म की जान है। विशेष रूप से एक्शन दृश्यों के दौरान बजने वाला संगीत दर्शकों को रोमांचित कर देता है। फिल्म का छायांकन अयानंका बोस ने किया है, जिन्होंने पवन कल्याण के 'स्वैग' को बखूबी कैमरे में कैद किया है। इंटरवल से पहले का पुलिस स्टेशन वाला दृश्य और क्लाइमेक्स फाइट फिल्म के सबसे मजबूत पक्ष बताए जा रहे हैं। निर्देशक हरीश शंकर ने पवन कल्याण की छवि को ध्यान में रखते हुए ऐसे दृश्यों की रचना की है जो उनके प्रशंसकों को सीटियां बजाने पर मजबूर कर दें। फिल्म में आर. पार्थिबन और आशुतोष राणा जैसे अनुभवी कलाकारों ने भी महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं, जो कहानी को गहराई प्रदान करते हैं।
फिल्म को लेकर सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। जहां कट्टर प्रशंसक इसे 'विंटेज कल्याण' की वापसी बता रहे हैं, वहीं सामान्य दर्शकों का एक वर्ग इसे औसत दर्जे का मनोरंजन मान रहा है। कुछ लोगों का कहना है कि फिल्म का दूसरा भाग पहले भाग की तुलना में अधिक तेज और रोमांचक है। कॉमेडी के दृश्यों में पवन कल्याण की टाइमिंग की सराहना की जा रही है। वहीं दूसरी ओर, रणवीर सिंह की 'धुरंधर 2' के साथ हो रहे मुकाबले के कारण मल्टीप्लेक्सों में दर्शकों का रुझान थोड़ा बंटता हुआ नजर आ रहा है। उत्तर भारत के बाजारों में 'धुरंधर 2' का पलड़ा भारी है, जबकि दक्षिण में 'उस्ताद भगत सिंह' का बोलबाला है। यह फिल्म केवल मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि पवन कल्याण के राजनीतिक करियर के लिहाज से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। फिल्म के कई संवादों में सामाजिक और राजनीतिक संदेश निहित हैं, जो वर्तमान परिदृश्य से मेल खाते हैं। यही कारण है कि उनके समर्थक इस फिल्म को एक उत्सव की तरह देख रहे हैं। फिल्म ने रिलीज से पहले ही करीब 120 करोड़ रुपये का अग्रिम कारोबार कर लिया था, जिससे इसकी सफलता की नींव पहले ही रखी जा चुकी थी। अब सारा दारोमदार आने वाले दिनों के 'वर्ड ऑफ माउथ' यानी दर्शकों की व्यक्तिगत राय पर निर्भर करेगा।
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