अमेरिकी सैन्य कार्रवाई से अमेरिका न तो सुरक्षित होगा, न मजबूत- पूर्व अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस

पूर्व अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने इस सैन्य कार्रवाई की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि अमेरिका द्वारा वेनेजुएला पर की गई यह कार्रवाई अवैध और अनुचित है। हैरिस

Jan 4, 2026 - 12:32
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अमेरिकी सैन्य कार्रवाई से अमेरिका न तो सुरक्षित होगा, न मजबूत- पूर्व अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस
अमेरिकी सैन्य कार्रवाई से अमेरिका न तो सुरक्षित होगा, न मजबूत- पूर्व अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस

3 जनवरी 2026 को अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला की राजधानी काराकास सहित कई स्थानों पर बड़े पैमाने पर सैन्य हमले किए। इस ऑपरेशन में वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोर्स को हिरासत में लिया गया। उन्हें अमेरिकी जहाज पर सवार कराकर न्यूयॉर्क ले जाया गया, जहां उन पर ड्रग तस्करी, नार्को-टेररिज्म और हथियारों से जुड़े आरोपों में मुकदमा चलाने की तैयारी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस कार्रवाई की पुष्टि की और कहा कि अमेरिका अब वेनेजुएला को तब तक संचालित करेगा, जब तक सुरक्षित और व्यवस्थित सत्ता हस्तांतरण नहीं हो जाता। इस घटना से पहले कई महीनों से कैरिबियन क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य तैनाती बढ़ाई गई थी, जिसमें जहाजों, विमानों और विशेष बलों की मौजूदगी शामिल थी। सितंबर 2025 से ड्रग तस्करी करने वाली नावों पर हमले किए जा रहे थे, जिनमें सैकड़ों लोगों की मौत हुई। इस ऑपरेशन को 'ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व' या 'सदर्न स्पीयर' से जुड़ा बताया गया, जिसका उद्देश्य ड्रग कार्टेल्स को निशाना बनाना था।

पूर्व अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने इस सैन्य कार्रवाई की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि अमेरिका द्वारा वेनेजुएला पर की गई यह कार्रवाई अवैध और अनुचित है। हैरिस ने स्पष्ट किया कि मादुरो एक क्रूर और अवैध तानाशाह होने के बावजूद, इस कार्रवाई से अमेरिका न तो अधिक सुरक्षित होगा, न ही अधिक मजबूत। उन्होंने इस ऑपरेशन को तेल के लिए युद्ध और क्षेत्रीय ताकत दिखाने की कोशिश करार दिया। हैरिस ने चेतावनी दी कि ऐसी कार्रवाइयां अतीत में अराजकता पैदा कर चुकी हैं, जिसमें अमेरिकी परिवारों को भारी कीमत चुकानी पड़ी। उन्होंने जोर दिया कि यह कार्रवाई ड्रग्स या लोकतंत्र के बारे में नहीं है, बल्कि तेल संसाधनों पर नियंत्रण और ट्रंप की क्षेत्रीय प्रभावशाली भूमिका निभाने की इच्छा से जुड़ी है।

इस सैन्य कार्रवाई से पहले अमेरिका ने वेनेजुएला के तेल क्षेत्र पर प्रतिबंध लगाए थे और कई महीनों से समुद्री नाकाबंदी जैसे कदम उठाए थे। अगस्त 2025 से कैरिबियन में युद्धपोत और सैन्य कर्मी तैनात किए गए थे। दिसंबर 2025 में वेनेजुएला से तेल ले जाने वाले टैंकरों को जब्त किया गया था। अमेरिकी प्रशासन ने मादुरो को 'कार्टेल ऑफ द सन्स' नामक ड्रग नेटवर्क का नेता बताते हुए उन्हें आतंकवादी संगठन से जोड़ा था। इस ऑपरेशन के दौरान काराकास में कई विस्फोट हुए, जिसमें सैन्य अड्डे और अन्य प्रतिष्ठान प्रभावित हुए। वेनेजुएला सरकार ने इसे आक्रामकता करार दिया और राष्ट्रीय आपातकाल घोषित किया।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस कार्रवाई की व्यापक निंदा हुई। कई देशों ने इसे संप्रभुता का उल्लंघन और अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ बताया। संयुक्त राष्ट्र और क्षेत्रीय नेता इस बात पर चिंतित हुए कि इससे क्षेत्रीय अस्थिरता बढ़ सकती है। अमेरिकी कांग्रेस में भी इसकी वैधता पर सवाल उठे, क्योंकि कांग्रेस से युद्ध या बल प्रयोग की स्पष्ट अनुमति नहीं ली गई थी। कुछ सांसदों ने इसे अवैध बताया और बल वापसी की मांग की। ट्रंप प्रशासन ने दावा किया कि यह ड्रग तस्करी रोकने और न्याय सुनिश्चित करने के लिए जरूरी था।

इस घटना के बाद वेनेजुएला में स्थिति तनावपूर्ण हो गई। काराकास में बिजली गुल होने की खबरें आईं और उड़ानें प्रभावित हुईं। मादुरो को न्यूयॉर्क में न्यायिक हिरासत में रखा गया, जहां सोमवार को उनके खिलाफ आरोपों की सुनवाई होने की संभावना है। अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि यह कार्रवाई अमेरिकी इतिहास की सबसे प्रभावी सैन्य कार्रवाइयों में से एक है। हालांकि, आलोचकों ने इसे क्षेत्रीय शांति के लिए खतरा बताया। इस ऑपरेशन से पहले विपक्षी नेता मारीया कोरिना माचाडो ने वेनेजुएला में स्वतंत्रता की घड़ी आने की बात कही थी।

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