पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर रातभर जारी संघर्ष में भारी तबाही।
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पर तनाव चरम पर पहुंच गया है जहां रातभर दोनों पक्षों से हमले जारी रहे। अफगान तालिबान
- अफगान तालिबान ने बाजौर सेक्टर में पाकिस्तानी पोस्ट्स पर हमला किया, दर्जनों सैनिक हताहत
- पाकिस्तान ने जवाबी कार्रवाई में अफगान शहरों पर एयरस्ट्राइक्स किए, 'ओपन वॉर' घोषित
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पर तनाव चरम पर पहुंच गया है जहां रातभर दोनों पक्षों से हमले जारी रहे। अफगान तालिबान ने पाकिस्तान के बाजौर जिले सहित खैबर पख्तूनख्वा के कई सेक्टरों में बड़े पैमाने पर हमला किया। अफगान रक्षा मंत्रालय के अनुसार इस हमले में 55 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए, कई को जिंदा पकड़ा गया और उनके शव अफगानिस्तान ले जाए गए। हमले में 19 पाकिस्तानी आर्मी पोस्ट्स और दो बेस नष्ट किए गए। यह हमला पाकिस्तान द्वारा अफगानिस्तान में किए गए हालिया एयरस्ट्राइक्स का जवाब बताया जा रहा है जिसमें पाकिस्तान ने टीटीपी और आईएसआईएस-के के कैंप्स को निशाना बनाया था। पाकिस्तान ने इन हमलों को 'अनप्रोवोक्ड' करार देते हुए तुरंत जवाबी कार्रवाई शुरू की और अफगानिस्तान के काबुल, कंधार और पक्तिया प्रांतों में एयरस्ट्राइक्स किए। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने इसे 'ओपन वॉर' की स्थिति घोषित कर दिया है।
बाजौर जिला सीमा पर स्थित होने के कारण सबसे ज्यादा प्रभावित रहा जहां अफगान तालिबान ने मोर्टार और फायरिंग से पाकिस्तानी पोस्ट्स को निशाना बनाया। स्थानीय निवासियों के अनुसार मोर्टार शेल्स सीधे घरों पर गिरे जिससे नागरिकों की मौत हुई और कई घायल हुए। बाजौर के डिप्टी कमिश्नर ने पुष्टि की कि महमंद जिले के बारा लघराई गांव में पांच राउंड आर्टिलरी फायरिंग हुई जिससे दो नागरिक मारे गए और छह घायल हुए। पाकिस्तान की ओर से इन हमलों का जवाब देने के लिए ऑपरेशन घजब लिल हक शुरू किया गया जिसमें चित्राल, खैबर, मोहमंद, कुर्रम और बाजौर सेक्टरों में अफगान तालिबान की पोजिशन्स पर हमले किए गए। पाकिस्तान के सूचना मंत्री के अनुसार इस जवाबी कार्रवाई में 133 अफगान तालिबान फाइटर्स मारे गए और 200 से ज्यादा घायल हुए जबकि पाकिस्तान की ओर से केवल दो सैनिक शहीद हुए। दोनों पक्षों के दावे अलग-अलग हैं लेकिन संघर्ष की तीव्रता से साफ है कि स्थिति बेहद गंभीर है।
यह संघर्ष हाल के महीनों में बढ़ते टीटीपी हमलों से जुड़ा है जहां पाकिस्तान टीटीपी को अफगानिस्तान में सुरक्षित ठिकाना मिलने का आरोप लगाता रहा है। फरवरी में बाजौर में एक सुसाइड बॉम्बिंग हमले में 11 पाकिस्तानी सैनिक और एक बच्चा मारा गया था जिसे टीटीपी ने अपनी जिम्मेदारी ली थी और पाकिस्तान ने इसे अफगान मूल का बताया था। इसी तरह इस्लामाबाद में शिया मस्जिद पर हमले और बनू में हमलों के बाद पाकिस्तान ने 21 फरवरी को अफगानिस्तान के नंगरहार, पक्तिका और खोस्त प्रांतों में एयरस्ट्राइक्स किए थे जिसमें 70 से ज्यादा मिलिटेंट्स मारे जाने का दावा किया गया था। अफगानिस्तान ने इन हमलों में नागरिकों की मौत का आरोप लगाया था। इन घटनाओं ने दोनों देशों के बीच तनाव को चरम पर पहुंचा दिया और अब सीधे सैन्य टकराव में बदल गया है।
इनसेट: अफगान रक्षा मंत्रालय ने हमले की फुटेज जारी की जिसमें पाकिस्तानी पोस्ट्स पर हमले और नष्ट होने की तस्वीरें दिखाई गई हैं। मंत्रालय ने कहा कि लड़ाई रात 12 बजे तक चली और चार घंटे में 55 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए जबकि अफगान पक्ष से 8 सैनिक शहीद और 11 घायल हुए। पाकिस्तान ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि कोई सैनिक कैद नहीं हुआ और नुकसान न्यूनतम है।
पाकिस्तान की ओर से जवाबी एयरस्ट्राइक्स में काबुल में भी विस्फोटों की आवाजें सुनाई दीं लेकिन ठोस लोकेशन या कैजुअल्टी की जानकारी नहीं मिली। अफगानिस्तान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने पुष्टि की कि पाकिस्तान ने कंधार और पक्तिया में भी हमले किए। पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय ने कहा कि ये हमले अफगान तालिबान की 'मिसकैलकुलेटेड' कार्रवाई का जवाब हैं और टीटीपी को समर्थन देने वाले तत्वों को निशाना बनाया जा रहा है। दोनों देशों के बीच ड्यूरंड लाइन पर तनाव लंबे समय से चला आ रहा है लेकिन इस बार यह सीधे शहरों तक पहुंच गया है जो स्थिति की गंभीरता दर्शाता है।
संघर्ष के कारण सीमा क्षेत्रों में नागरिकों को खतरा बढ़ गया है। बाजौर और कुर्रम जैसे जिलों में मोर्टार फायरिंग से घर क्षतिग्रस्त हुए और लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए गए। पाकिस्तान ने कहा कि आम अफगानों से कोई झगड़ा नहीं है और केवल तालिबान रेजीम को निशाना बनाया जा रहा है। अफगानिस्तान ने भी पाकिस्तान पर आक्रामकता का आरोप लगाया और कहा कि ये हमले पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक्स का बदला हैं। दोनों पक्षों के अलग-अलग कैजुअल्टी दावों से सच्चाई का पता लगाना मुश्किल है लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है कि यह संघर्ष और विस्तार न ले ले।
यह घटनाक्रम पाकिस्तान में बढ़ते मिलिटेंसी के संदर्भ में देखा जा रहा है जहां टीटीपी और अन्य ग्रुप्स ने हमले तेज कर दिए हैं। पाकिस्तान का मानना है कि अफगानिस्तान टीटीपी को शेल्टर दे रहा है जबकि अफगानिस्तान इन आरोपों से इनकार करता है। हाल के हमलों ने दोनों देशों के रिश्तों को लगभग टूटने की कगार पर पहुंचा दिया है। पाकिस्तान ने अफगान दूत को तलब कर कड़ी नोटिस जारी की थी लेकिन अब स्थिति सैन्य स्तर पर पहुंच गई है।
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