अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 'बोर्ड ऑफ पीस' में शामिल होने को तैयार 8 प्रमुख मुस्लिम देश, गाजा संघर्ष समाप्ति और पुनर्निर्माण के प्रयासों को मिला समर्थन। 

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा संघर्ष से संबंधित शांति प्रयासों के लिए 'बोर्ड ऑफ पीस' नामक एक नई पहल शुरू की है। इस बोर्ड में विभिन्न

Jan 22, 2026 - 12:34
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 'बोर्ड ऑफ पीस' में शामिल होने को तैयार 8 प्रमुख मुस्लिम देश, गाजा संघर्ष समाप्ति और पुनर्निर्माण के प्रयासों को मिला समर्थन। 
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 'बोर्ड ऑफ पीस' में शामिल होने को तैयार 8 प्रमुख मुस्लिम देश, गाजा संघर्ष समाप्ति और पुनर्निर्माण के प्रयासों को मिला समर्थन। 
  • सऊदी अरब, कतर, तुर्की, मिस्र, जॉर्डन, इंडोनेशिया, पाकिस्तान और यूएई के विदेश मंत्रियों ने ट्रंप के न्योते को स्वीकार किया, जारी किया संयुक्त बयान
  • ट्रंप के 'बोर्ड ऑफ पीस' को 8 मुस्लिम-बहुल देशों का समर्थन, गाजा में स्थायी युद्धविराम और न्यायपूर्ण शांति की दिशा में बड़ा कदम

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा संघर्ष से संबंधित शांति प्रयासों के लिए 'बोर्ड ऑफ पीस' नामक एक नई पहल शुरू की है। इस बोर्ड में विभिन्न देशों के नेताओं को शामिल होने का न्योता दिया गया था। बुधवार को कतर, तुर्की, मिस्र, जॉर्डन, इंडोनेशिया, पाकिस्तान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मंत्रियों ने एक संयुक्त बयान जारी किया। इस बयान में उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड जे. ट्रंप द्वारा अपने नेताओं को 'बोर्ड ऑफ पीस' में शामिल होने के लिए दिए गए न्योते का स्वागत किया। इन देशों ने बोर्ड में शामिल होने का फैसला लिया है। प्रत्येक देश अपने संबंधित कानूनी और आवश्यक प्रक्रियाओं के अनुसार शामिल होने के दस्तावेज पर हस्ताक्षर करेगा। मिस्र, पाकिस्तान और संयुक्त अरब अमीरात ने पहले ही शामिल होने की घोषणा कर दी थी।

संयुक्त बयान में विदेश मंत्रियों ने ट्रंप के नेतृत्व वाले शांति प्रयासों का समर्थन दोहराया है। उन्होंने बोर्ड की मिशन को लागू करने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की है। बोर्ड को गाजा संघर्ष समाप्त करने की व्यापक योजना के अनुसार एक संक्रमणकालीन प्रशासन के रूप में देखा जा रहा है। यह योजना संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2803 द्वारा समर्थित है। बोर्ड का उद्देश्य गाजा में स्थायी युद्धविराम को मजबूत करना, गाजा के पुनर्निर्माण का समर्थन करना और अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार फिलिस्तीनी आत्मनिर्णय और राज्यत्व के अधिकार पर आधारित न्यायपूर्ण तथा स्थायी शांति को बढ़ावा देना है। इससे क्षेत्र के सभी देशों और लोगों के लिए सुरक्षा और स्थिरता का मार्ग प्रशस्त होगा।

ये आठ देश मध्य पूर्व और एशिया से हैं जहां मुस्लिम बहुल आबादी है। इनमें कतर, तुर्की, मिस्र, जॉर्डन, इंडोनेशिया, पाकिस्तान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं। विदेश मंत्रियों ने बयान में कहा कि वे गाजा में चल रहे अंतरराष्ट्रीय प्रयासों का समर्थन कर रहे हैं। बोर्ड का गठन मुख्य रूप से गाजा पट्टी में युद्ध के बाद की स्थिति को संभालने के लिए किया गया है। इसमें पुनर्निर्माण और स्थिरता पर जोर दिया गया है। इन देशों के शामिल होने से बोर्ड को व्यापक समर्थन मिला है। कुछ देशों ने पहले से ही शामिल होने की पुष्टि कर दी थी जबकि अन्य ने अब संयुक्त रूप से फैसला लिया है।

संयुक्त बयान में स्पष्ट किया गया है कि बोर्ड गाजा संघर्ष को समाप्त करने के प्रयासों का हिस्सा है। विदेश मंत्रियों ने ट्रंप द्वारा दिए गए न्योते को सकारात्मक रूप से स्वीकार किया। उन्होंने बोर्ड के माध्यम से क्षेत्रीय स्थिरता को बढ़ावा देने की बात कही। यह पहल गाजा में स्थायी युद्धविराम, पुनर्निर्माण और लंबे समय तक चलने वाली शांति पर केंद्रित है। फिलिस्तीनी अधिकारों को अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप मान्यता देने पर जोर दिया गया है। बोर्ड में प्रत्येक शामिल देश एक प्रतिनिधि नियुक्त करेगा। यह कदम गाजा में शांति प्रक्रिया को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

ट्रंप ने कई देशों को बोर्ड में शामिल होने का न्योता दिया था। इन आठ देशों के विदेश मंत्रियों का संयुक्त बयान बुधवार को जारी हुआ। बयान में ट्रंप के प्रयासों की सराहना की गई है। बोर्ड को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव से समर्थन प्राप्त है। इसमें गाजा के पुनर्निर्माण और शांति स्थापना पर फोकस है। इन देशों का समर्थन बोर्ड की वैधता और प्रभाव को बढ़ाता है। कुछ अन्य देश भी पहले से बोर्ड में शामिल हो चुके हैं लेकिन यह आठ देशों का समूह विशेष रूप से मुस्लिम-बहुल देशों का प्रतिनिधित्व करता है।

यह घटना गाजा संघर्ष के समाधान की दिशा में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को दर्शाती है। विदेश मंत्रियों ने बोर्ड के मिशन को समर्थन देने की बात दोहराई। बोर्ड का लक्ष्य क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करना है। संयुक्त बयान में फिलिस्तीनी आत्मनिर्णय और राज्यत्व के अधिकार का उल्लेख किया गया है। यह शांति प्रक्रिया को न्यायपूर्ण बनाने पर जोर देता है। इन देशों के फैसले से बोर्ड की सदस्यता में वृद्धि हुई है। ट्रंप की पहल अब अधिक देशों के समर्थन से आगे बढ़ रही है।

आठ देशों के विदेश मंत्रियों ने बयान में स्पष्ट किया कि वे बोर्ड में शामिल होने के लिए तैयार हैं। प्रत्येक देश अपनी आंतरिक प्रक्रियाओं का पालन करेगा। बयान में गाजा में स्थायी युद्धविराम और पुनर्निर्माण का समर्थन व्यक्त किया गया है। यह प्रयास अंतरराष्ट्रीय कानून पर आधारित है। बोर्ड के माध्यम से क्षेत्रीय शांति को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इन देशों का संयुक्त निर्णय गाजा संघर्ष समाप्ति के प्रयासों को मजबूती प्रदान करता है।

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