देश- विदेश: अमेरिका की भारत के लिए लेवल-2 यात्रा सलाह- अपराध, आतंकवाद और महिला सुरक्षा पर ध्यान देने की जरुरत। 

अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने भारत के लिए अपनी यात्रा सलाह (ट्रैवल एडवाइजरी) को अपडेट करते हुए लेवल-2 सलाह जारी की है, जिसमें अमेरिकी ...

Jun 23, 2025 - 12:35
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देश- विदेश: अमेरिका की भारत के लिए लेवल-2 यात्रा सलाह- अपराध, आतंकवाद और महिला सुरक्षा पर ध्यान देने की जरुरत। 


अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने भारत के लिए अपनी यात्रा सलाह (ट्रैवल एडवाइजरी) को अपडेट करते हुए लेवल-2 सलाह जारी की है, जिसमें अमेरिकी नागरिकों और भारत में काम कर रहे लोगों से "अधिक सतर्कता" बरतने की अपील की गई है। इस सलाह में भारत में बढ़ते अपराध, आतंकवादी खतरों और विशेष रूप से महिलाओं के खिलाफ होने वाली हिंसक घटनाओं पर चिंता व्यक्त की गई है। खासतौर पर, महिलाओं को अकेले यात्रा करने से बचने और पर्यटन स्थलों, भीड़भाड़ वाले बाजारों, परिवहन केंद्रों और सरकारी इमारतों जैसे स्थानों पर अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। यह सलाह भारत के कुछ क्षेत्रों जैसे जम्मू-कश्मीर, भारत-पाकिस्तान सीमा, मणिपुर और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों को विशेष रूप से जोखिम भरा बताती है।  अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने भारत के लिए अपनी लेवल-2 यात्रा सलाह को 16 जून 2025 को अपडेट किया, जिसमें कहा गया कि भारत में अपराध और आतंकवाद के कारण यात्रियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता है। इस सलाह में बलात्कार को भारत में सबसे तेजी से बढ़ते अपराधों में से एक बताया गया है, और पर्यटक स्थलों, परिवहन केंद्रों, बाजारों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर हिंसक अपराधों, विशेषकर यौन उत्पीड़न की घटनाओं की चेतावनी दी गई है। सलाह में यह भी उल्लेख किया गया कि आतंकवादी हमले बिना किसी पूर्व चेतावनी के हो सकते हैं और ये हमले पर्यटक स्थलों, परिवहन केंद्रों, शॉपिंग मॉल और सरकारी इमारतों को निशाना बना सकते हैं।

  • इस सलाह में कुछ क्षेत्रों को विशेष रूप से खतरनाक बताया गया है, जिनमें शामिल हैं:

जम्मू-कश्मीर (पूर्वी लद्दाख और लेह को छोड़कर): आतंकवाद और नागरिक अशांति के कारण इस क्षेत्र में यात्रा न करने की सलाह दी गई है। श्रीनगर, गुलमर्ग और पहलगाम जैसे पर्यटक स्थलों में हिंसा की घटनाएं आम हैं।
भारत-पाकिस्तान सीमा: विशेष रूप से नियंत्रण रेखा (एलओसी) के 10 किलोमीटर के दायरे में सशस्त्र संघर्ष का खतरा बना रहता है।

मणिपुर: चल रहे जातीय संघर्ष और हिंसा के कारण इस क्षेत्र में यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।
मध्य और पूर्वी भारत के हिस्से: नक्सलवादी गतिविधियों के कारण पूर्वी महाराष्ट्र, उत्तरी तेलंगाना और पश्चिमी पश्चिम बंगाल के ग्रामीण क्षेत्रों में अमेरिकी नागरिकों के लिए आपातकालीन सेवाएं सीमित हैं।
उत्तर-पूर्वी राज्य: असम, नगालैंड, अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम, सिक्किम और त्रिपुरा जैसे राज्यों में आतंकवाद और हिंसा का खतरा बना रहता है, हालांकि हाल के दिनों में इन क्षेत्रों में हिंसा की कोई बड़ी घटना सामने नहीं आई है।

इसके अलावा, सलाह में भारत-नेपाल सीमा पर सावधानी बरतने और अवैध प्रवेश से संबंधित जोखिमों को ध्यान में रखने की चेतावनी दी गई है। सलाह में यह भी बताया गया कि भारत में सैटेलाइट फोन या जीपीएस उपकरण ले जाना गैरकानूनी है, जिसके उल्लंघन पर 200,000 डॉलर तक का जुर्माना या तीन साल तक की जेल हो सकती है।

  • महिलाओं के लिए विशेष सलाह

इस यात्रा सलाह में महिलाओं की सुरक्षा पर विशेष जोर दिया गया है। सलाह में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि महिलाओं को अकेले यात्रा करने से बचना चाहिए, खासकर रात में या ग्रामीण और एकांत क्षेत्रों में। यह सलाह भारत में बलात्कार और यौन उत्पीड़न की बढ़ती घटनाओं के आलोक में दी गई है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने बताया कि बलात्कार भारत में सबसे तेजी से बढ़ता अपराध है, और पर्यटक स्थलों पर भी ऐसी घटनाएं असामान्य नहीं हैं। 

  • इसके लिए यात्रियों को निम्नलिखित सुझाव दिए गए हैं:

स्मार्ट ट्रैवलर एनरोलमेंट प्रोग्राम (STEP) में नामांकन करें ताकि आपात स्थिति में अमेरिकी दूतावास से संपर्क आसान हो।
व्यक्तिगत सुरक्षा योजनाएं बनाएं और स्थानीय आपातकालीन नंबर अपने पास रखें।
विश्वसनीय परिवहन ऐप्स (जैसे उबर या ओला) का उपयोग करें और महिलाओं के लिए विशेष रूप से उपलब्ध "महिला-केवल" टैक्सी सेवाओं का लाभ उठाएं।
बड़े समारोहों या प्रदर्शनों से बचें, क्योंकि ये हिंसक हो सकते हैं।

  • भारत में अपराध और आतंकवाद की स्थिति

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के 2021 के आंकड़ों के अनुसार, भारत में बलात्कार के 31,000 से अधिक मामले दर्ज किए गए थे, जो इस अपराध की गंभीरता को दर्शाता है। हालांकि, ये आंकड़े सभी वर्गों को ध्यान में रखते हैं, लेकिन पर्यटकों के खिलाफ हिंसक अपराधों की कुछ घटनाओं ने अंतरराष्ट्रीय ध्यान आकर्षित किया है। इसके अलावा, जम्मू-कश्मीर में अप्रैल 2025 में हुए एक आतंकवादी हमले, जिसमें 25 पर्यटकों की मौत हुई थी, ने भी इस सलाह को अपडेट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 

आतंकवादी खतरे की बात करें तो, सलाह में उल्लेख किया गया है कि आतंकवादी हमले बिना किसी चेतावनी के हो सकते हैं और ये भीड़भाड़ वाले स्थानों जैसे बाजारों, मॉल, परिवहन केंद्रों और सरकारी इमारतों को निशाना बना सकते हैं। विशेष रूप से, जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा के पास और पर्यटक स्थलों जैसे श्रीनगर, गुलमर्ग और पहलगाम में हिंसा की घटनाएं दर्ज की गई हैं। भारत का पर्यटन उद्योग, जो कोविड-19 महामारी के बाद धीरे-धीरे उबर रहा है, इस सलाह से प्रभावित हो सकता है। अमेरिका भारत के लिए एक प्रमुख पर्यटक स्रोत बाजार है, जहां 2024 में लगभग 17 लाख अमेरिकी पर्यटकों ने भारत की यात्रा की थी। ये पर्यटक विमानन, होटल, रेस्तरां और खरीदारी जैसे क्षेत्रों में अरबों डॉलर का योगदान देते हैं। इस सलाह के बाद अमेरिकी पर्यटकों की संख्या में कमी आ सकती है, जिससे भारत के पर्यटन उद्योग को नुकसान हो सकता है। 

इसके अलावा, अगर अन्य देश जैसे यूनाइटेड किंगडम, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया भी अपनी यात्रा सलाह को अपग्रेड करते हैं, तो भारत में अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की संख्या में और कमी आ सकती है। पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि सुरक्षा से संबंधित नकारात्मक खबरें देश की सकारात्मक छवि को प्रभावित कर सकती हैं, जिसे बनाने में वर्षों लगते हैं। भारतीय अधिकारियों ने अभी तक इस सलाह पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। हालांकि, कुछ भारतीय मीडिया और सोशल मीडिया पर इस सलाह की आलोचना की गई है। कई लोगों का मानना है कि यह सलाह भारत की छवि को नुकसान पहुंचा सकती है और इसे अतिशयोक्तिपूर्ण बताया गया है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कुछ उपयोगकर्ताओं ने इस सलाह पर तंज कसते हुए कहा कि अमेरिका, जहां बड़े पैमाने पर गोलीबारी की घटनाएं आम हैं, को भारत को सलाह देने का कोई अधिकार नहीं है। यह सलाह भारत में महिलाओं की सुरक्षा और अपराध की स्थिति पर गंभीर सवाल उठाती है। हालांकि भारत में पर्यटकों के लिए कई सुरक्षित और आकर्षक गंतव्य हैं, लेकिन कुछ क्षेत्रों में हिंसक अपराधों और आतंकवादी गतिविधियों की घटनाएं चिंता का विषय हैं। यह सलाह भारत सरकार और स्थानीय प्रशासन के लिए एक अवसर हो सकता है कि वे पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए और कड़े कदम उठाएं।

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