Donald Trump Kim Jong Un: ट्रंप ने शेयर की किम जोंग उन संग पुरानी तस्वीर, बोले- हमारे रिश्ते आज भी बेहतरीन और मजबूत
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर किम जोंग उन के साथ पुरानी तस्वीर शेयर कर अपने संबंधों को मजबूत बताया। पढ़ें कोरियाई तनाव के बीच पूरा विश्लेषण।

- Ulchi Freedom Shield Drill: अमेरिका-दक्षिण कोरिया सैन्य अभ्यास से पहले ट्रंप का बड़ा बयान, किम जोंग उन के साथ केमिस्ट्री पर कही ये बात
- सैन्य तनाव के बीच ट्रंप ने पोस्ट की किम जोंग उन की फोटो: बोले- भले ही तस्वीर में दिख रहे हों गंभीर, लेकिन रिश्ते बेहद शानदार
- World News: डोनल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर किम जोंग उन के साथ साझा की तस्वीर, कहा- दोनों के बीच संबंध बेहद मजबूत
कोरियाई प्रायद्वीप में बढ़ते कूटनीतिक और सैन्य तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन के साथ अपनी एक पुरानी तस्वीर साझा की है। ट्रंप ने अपनी पोस्ट में लिखा कि यद्यपि उस तस्वीर में वे दोनों काफी गंभीर और गैर-दोस्ताना दिखाई दे रहे हैं, लेकिन हकीकत में किम जोंग उन के साथ उनके व्यक्तिगत और द्विपक्षीय संबंध बेहद मजबूत और शानदार हैं। ट्रंप की यह सार्वजनिक टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बीच 17 से 27 अगस्त 2026 तक आयोजित होने वाले वार्षिक संयुक्त सैन्य अभ्यास 'उल्ची फ्रीडम शील्ड' को लेकर उत्तर कोरिया बेहद आक्रामक रुख अपनाए हुए है। इस सैन्य अभ्यास के जवाब में उत्तर कोरिया ने हाल ही में संदिग्ध बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण कर क्षेत्र में सुरक्षा हलचल बढ़ा दी है।
- ट्रंप का सोशल मीडिया संदेश और कूटनीतिक टाइमिंग
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल ट्रुथ सोशल पर उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन के साथ पूर्व मुलाकातों की एक तस्वीर साझा करते हुए दोनों के बीच बेहतर निजी तालमेल का दावा किया है। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि फोटो के गंभीर भाव दोनों नेताओं के आपसी संबंधों की सच्चाई को नहीं दर्शाते, क्योंकि उनके बीच संवाद और रिश्ते अब भी बेहद सकारात्मक धरातल पर हैं।
यह बयान अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के दृष्टिकोण से अत्यंत संवेदनशील समय पर आया है। 17 अगस्त से अमेरिका और दक्षिण कोरिया का विशाल संयुक्त युद्धाभ्यास 'उल्ची फ्रीडम शील्ड' शुरू होने जा रहा है, जिसे उत्तर कोरिया अपने संप्रभुता के खिलाफ खुली चुनौती और आक्रमण का पूर्वाभ्यास मानता है। ट्रंप का यह रुख यह दर्शाता है कि सैन्य तैयारियों के समानांतर वे व्यक्तिगत कूटनीति के विकल्प को भी जीवित रखना चाहते हैं।
- युद्धाभ्यास की तैयारी और मिसाइल परीक्षण से गरमाया माहौल
कोरियाई प्रायद्वीप में पिछले कुछ हफ्तों से शक्ति प्रदर्शन का दौर तेज हो चुका है। अमेरिका और दक्षिण कोरियाई सेनाएं 17 से 27 अगस्त तक चलने वाले 'उल्ची फ्रीडम शील्ड' अभ्यास के जरिए आधुनिक युद्ध रणनीतियों, साइबर रक्षा और एकीकृत कमान प्रणालियों का व्यापक परीक्षण करने जा रही हैं।
दूसरी तरफ, उत्तर कोरिया ने इस युद्धाभ्यास के विरोध में अपनी सैन्य गतिविधियां तेज कर दी हैं। प्योंगयांग ने 12 अगस्त को पूर्वी सागर (जापान सागर) की ओर एक संदिग्ध बैलिस्टिक मिसाइल का सफल प्रक्षेपण किया, जो महज एक सप्ताह के भीतर उसका दूसरा मिसाइल परीक्षण दर्ज किया गया। दक्षिण कोरियाई सेना के जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ ने इसे स्पष्ट रूप से बैलिस्टिक मिसाइल तकनीक का उल्लंघन माना, जबकि अमेरिकी रक्षा प्रतिष्ठान ने इसे उकसावे वाली मिसाइल लॉन्चिंग के रूप में दर्ज कर अपनी निगरानी बढ़ा दी है।
- त्रिपक्षीय गठबंधन पर उत्तर कोरिया की तीखी चेतावनी
उत्तर कोरिया के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका, दक्षिण कोरिया और जापान के बीच निरंतर मजबूत हो रहे त्रिपक्षीय रक्षा तंत्र पर अत्यंत कड़ा ऐतराज जताया है। उत्तर कोरियाई विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता ने बयान जारी कर आरोप लगाया कि वाशिंगटन, सियोल और तोक्यो का यह त्रिपक्षीय सुरक्षा ढांचा अब एक खतरनाक परमाणु सैन्य गठबंधन में तब्दील हो रहा है।
उत्तर कोरिया ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि इस सैन्य अभ्यास और रक्षा सहयोग से उसकी क्षेत्रीय सुरक्षा को किसी भी प्रकार का खतरा उत्पन्न हुआ, तो वह नए और अत्यधिक आक्रामक स्तर पर सैन्य जवाबी कार्रवाई करेगा। प्योंगयांग का दावा है कि इस वर्ष का 'उल्ची फ्रीडम शील्ड' अभ्यास पिछले पांच वर्षों के नियमित अभ्यासों से बिल्कुल अलग है और यह सीधे तौर पर आधुनिक प्री-एम्प्टिव स्ट्राइक (अग्रिम हमले) की रणनीति पर आधारित है।
- भू-राजनीतिक समीकरण और शक्ति संतुलन
डोनल्ड ट्रंप के इस बयान और कोरियाई प्रायद्वीप में जारी सैन्य टकराव का असर पूरे पूर्वी एशियाई क्षेत्र की सुरक्षा पर पड़ रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप का बयान एक तरफ प्योंगयांग को यह संदेश देने की कोशिश है कि शीर्ष स्तर पर बातचीत के रास्ते बंद नहीं हुए हैं, वहीं दूसरी तरफ संयुक्त अभ्यास यह सुनिश्चित करता है कि वाशिंगटन अपने सहयोगी देशों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस गतिरोध के कारण जापान सागर और येलो सी क्षेत्र में नौसैनिक व हवाई सतर्कता उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। जापान और दक्षिण कोरिया ने अपनी वायु रक्षा प्रणालियों और रडार नेटवर्क्स को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रखा है, ताकि उत्तर कोरिया के किसी भी अप्रत्याशित मिसाइल या रॉकेट प्रक्षेपण का तुरंत पता लगाया जा सके।
- 27 अगस्त तक कड़े इम्तिहान के दौर में क्षेत्रीय शांति
17 से 27 अगस्त 2026 के बीच चलने वाले उल्ची फ्रीडम शील्ड युद्धाभ्यास के दौरान कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव और अधिक बढ़ने की आशंका है। सुरक्षा विशेषज्ञों का अनुमान है कि उत्तर कोरिया इस अभ्यास के दौरान अपनी सैन्य ताकत का प्रदर्शन करते हुए अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) या पानी के नीचे से दागी जाने वाली सबमरीन-लॉन्च्ड मिसाइल का परीक्षण कर सकता है। वैश्विक समुदाय की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या अभ्यास समाप्त होने के बाद ट्रंप की इस पहल के जरिए वाशिंगटन और प्योंगयांग के बीच कूटनीतिक संवाद की कोई नई खिड़की खुलेगी, या फिर यह क्षेत्र हथियारों की नई होड़ में और गहरे उलझ जाएगा।
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