भारत में फिर से सिर उठा रहा कोरोना, महाराष्ट्र और गुजरात में बढ़ते मामले, केरल और तमिलनाडु में सबसे ज्यादा मामले, देश में 257 सक्रिय मरीज।
भारत में कोविड-19 महामारी एक बार फिर चर्चा का विषय बन रही है, क्योंकि हाल के हफ्तों में देश के कई राज्यों, विशेष रूप से महाराष्ट्र और गुजरात...
भारत में कोविड-19 महामारी एक बार फिर चर्चा का विषय बन रही है, क्योंकि हाल के हफ्तों में देश के कई राज्यों, विशेष रूप से महाराष्ट्र और गुजरात, में नए मामलों में वृद्धि देखी गई है। मई 2025 तक, भारत में 257 सक्रिय कोविड-19 मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें से अधिकांश केरल, तमिलनाडु, और महाराष्ट्र से सामने आए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय और विशेषज्ञों ने स्थिति को नियंत्रण में बताया है, लेकिन पड़ोसी देशों जैसे सिंगापुर और हांगकांग में बढ़ते मामलों ने भारत में भी सतर्कता बढ़ा दी है।
भारत में कोविड-19 का पहला मामला 30 जनवरी 2020 को केरल में दर्ज किया गया था, जब वुहान से लौटे तीन मेडिकल छात्रों में वायरस की पुष्टि हुई थी। इसके बाद, मार्च 2021 में दूसरी लहर ने देश को गहरे संकट में डाल दिया, जिसके कारण ऑक्सीजन सिलेंडर, अस्पताल के बेड, और टीकों की कमी हो गई। भारत ने 16 जनवरी 2021 को कोविशील्ड और कोवैक्सिन के साथ टीकाकरण अभियान शुरू किया, और 30 जनवरी 2022 तक 72 करोड़ से अधिक लोगों को पूर्ण टीकाकरण मिल चुका था। 19 अगस्त 2025 तक, भारत में कुल 4,50,41,748 कोविड-19 मामले दर्ज किए गए, जिनमें 5,33,623 मौतें शामिल हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने अक्टूबर 2021 में अनुमान लगाया था कि भारत में कोविड-19 से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 47 लाख अतिरिक्त मौतें हुईं, जो आधिकारिक आंकड़ों से कहीं अधिक हैं।
19 मई तक, भारत में कुल 257 सक्रिय कोविड-19 मामले हैं, जो देश की विशाल आबादी के हिसाब से एक छोटा आंकड़ा है। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के अनुसार, 12 मई से 19 मई तक देश में 164 नए मामले दर्ज किए गए। इनमें से सबसे अधिक मामले केरल (95 सक्रिय मामले), तमिलनाडु (66 सक्रिय मामले), और महाराष्ट्र (56 सक्रिय मामले) से हैं। गुजरात में हाल ही में 6 नए मामले सामने आए हैं, जो अन्य राज्यों की तुलना में कम हैं, लेकिन फिर भी सतर्कता की मांग करते हैं। महाराष्ट्र कोविड-19 महामारी से सबसे अधिक प्रभावित राज्यों में से एक रहा है।
20 अक्टूबर 2023 तक, राज्य में 81 लाख से अधिक मामले दर्ज किए गए थे, जिनमें 1,48,000 से अधिक मौतें और 80 लाख से अधिक रिकवरी शामिल हैं। मई 2025 में, महाराष्ट्र में 44 नए मामले दर्ज किए गए, और 19 मई तक 56 सक्रिय मामले थे। मुंबई, पुणे, और ठाणे जैसे शहरों में नए मामले सामने आए हैं, जिनमें से अधिकांश हल्के लक्षणों वाले हैं। बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने घोषणा की है कि कोविड-19 अब एक स्थानिक (endemic) बीमारी बन चुकी है, जिसके तहत छिटपुट मामले सामुदायिक स्तर पर देखे जा रहे हैं। मुंबई में हाल ही में 53 मरीजों की पहचान की गई, जिनमें बुजुर्ग और एक चार महीने का नवजात शामिल है, जिसे वेंटिलेटर पर रखा गया था। हालांकि, सिविक-रन KEM अस्पताल ने स्पष्ट किया कि हाल की दो मौतें कोविड-19 के कारण नहीं, बल्कि अन्य बीमारियों (co-morbidities) के कारण हुईं।
महाराष्ट्र स्वास्थ्य विभाग ने JN.1 ओमिक्रॉन सबवेरिएंट को नए मामलों का मुख्य कारण बताया है, जो अत्यधिक संक्रामक है, लेकिन गंभीर लक्षणों से कम जुड़ा है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने मास्क पहनने और भीड़भाड़ वाले स्थानों में सावधानी बरतने की सलाह दी है। गुजरात में कोविड-19 के मामले महाराष्ट्र की तुलना में कम रहे हैं, लेकिन राज्य ने भी महामारी के दौरान भारी नुकसान झेला। 20 अक्टूबर 2023 तक, गुजरात में 12 लाख से अधिक मामले दर्ज किए गए थे, जिनमें 11,000 से अधिक मौतें और 12.8 लाख रिकवरी शामिल हैं। मई 2025 में, गुजरात में 6 नए मामले सामने आए, जिनमें से अधिकांश अहमदाबाद और सूरत से हैं। 2021 में, गुजरात में कोविड-19 से संबंधित मौतों की कम गणना का मुद्दा सुर्खियों में था। एक अध्ययन के अनुसार, मार्च 2020 से अप्रैल 2021 तक गुजरात के 54 नगर पालिकाओं में 16,000 से अधिक अतिरिक्त मौतें हुईं, जो सरकारी आंकड़ों (10,000) से कहीं अधिक थीं। हालांकि, मई 2025 में स्थिति नियंत्रण में है, और नए मामले हल्के हैं। गुजरात सरकार ने स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों पर निगरानी बढ़ा दी है, और स्वास्थ्य विभाग ने टीकाकरण की बूस्टर खुराक लेने की सलाह दी है।
निवारक उपाय और सलाह
स्वास्थ्य मंत्रालय ने निम्नलिखित सलाह दी है:
भीड़भाड़ वाले स्थानों में मास्क पहनें।
सामाजिक दूरी बनाए रखें।
नियमित रूप से हाथ धोएं और सैनिटाइज़र का उपयोग करें।
बूस्टर खुराक लें, विशेष रूप से बुजुर्गों और सह-रोगों (co-morbidities) वाले लोगों के लिए।
देश में कोविड-19 का हाल
19 मई तक, भारत में कुल 257 सक्रिय मामले थे, जिनमें से 112 मरीज ठीक हो चुके हैं या डिस्चार्ज किए गए हैं। केरल में सबसे अधिक 95 सक्रिय मामले हैं, इसके बाद तमिलनाडु (66), महाराष्ट्र (56), कर्नाटक (8), गुजरात (6), दिल्ली (3), हरियाणा, राजस्थान, और सिक्किम (प्रत्येक में 1) हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान मामले हल्के हैं और इनमें असामान्य गंभीरता या मृत्यु दर नहीं देखी गई है। ज्यादातर मामले JN.1 वेरिएंट के LF.7 और NB.1.8 म्यूटेशन से जुड़े हैं, जो ओमिक्रॉन BA.2.86 के वंशज हैं। ये वेरिएंट संक्रामक हैं, लेकिन गंभीर बीमारी का जोखिम कम है। सामान्य लक्षणों में बुखार, खांसी, गले में खराश, थकान, सिरदर्द, नाक बहना, और स्वाद या गंध की हानि शामिल हैं।
गंभीर मामलों में सांस लेने में तकलीफ हो सकती है। राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC), आपातकालीन चिकित्सा राहत (EMR) डिवीजन, आपदा प्रबंधन सेल, भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR), और केंद्रीय सरकारी अस्पतालों के विशेषज्ञों ने 19 मई 2025 को एक समीक्षा बैठक की, जिसमें निष्कर्ष निकाला गया कि भारत में कोविड-19 की स्थिति नियंत्रण में है। सिंगापुर और हांगकांग में हाल ही में कोविड-19 मामलों में वृद्धि ने भारत को सतर्क कर दिया है। सिंगापुर में 27 अप्रैल से 3 मई 2025 तक 14,200 मामले दर्ज किए गए, जो पिछले सप्ताह के 11,100 से अधिक हैं। हांगकांग में भी छह से नौ महीने के चक्र में कोविड-19 की गतिविधि बढ़ रही है।
भारत ने इन वैश्विक रुझानों को देखते हुए निगरानी बढ़ा दी है और नागरिकों से मास्क पहनने और सामाजिक दूरी बनाए रखने की अपील की है। भारत में कोविड-19 के मामले फिर से बढ़ रहे हैं, लेकिन स्थिति अभी नियंत्रण में है। महाराष्ट्र में 56 और गुजरात में 6 सक्रिय मामले इस बात का संकेत हैं कि वायरस अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। JN.1 वेरिएंट के कारण हल्के लक्षणों वाले मामले बढ़ रहे हैं, लेकिन गंभीरता कम है। महाराष्ट्र और गुजरात में स्थानीय प्रशासन ने स्कूलों, बाजारों, और सार्वजनिक परिवहन में निगरानी बढ़ा दी है। मुंबई में BMC ने रैपिड एंटीजन टेस्टिंग को बढ़ावा दिया है, जो 30 मिनट में परिणाम देता है और RT-PCR की तुलना में सस्ता है।
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