Katihar Unique Groom Tractor Baraat: कटिहार में दूल्हे ने घोड़ी छोड़ खुद चलाया ट्रैक्टर, पीछे चला दो दर्जन ट्रैक्टरों का काफिला
Bihar Katihar Unique Marriage: कटिहार में एक किसान परिवार के दूल्हे ने घोड़ी या कार की जगह खुद ट्रैक्टर चलाकर बारात निकाली। करीब 24 ट्रैक्टरों का यह काफिला चर्चा में है।

- Bihar Unique Wedding: बिहार में अनोखी शादी, सजधज कर खुद ट्रैक्टर चलाकर दुल्हन लेने पहुंचा दूल्हा, देखने उमड़ी भीड़
- घोड़ी और लग्जरी कार छोड़ खुद ट्रैक्टर चलाकर दुल्हन लेने पहुंचा दूल्हा: बिहार के कटिहार में निकली अनोखी बारात, पीछे चले 24 ट्रैक्टर
- Katihar Unique Marriage: कटिहार में किसान परिवार के दूल्हे का अनोखा अंदाज, खुद ट्रैक्टर चलाकर निकाली बारात
बिहार के कटिहार जिले में 12 अगस्त 2026 को एक ऐसी अनोखी शादी देखने को मिली, जो पूरे इलाके में चर्चा और कौतूहल का विषय बन गई है। पारंपरिक रूप से बारात में दूल्हे के लिए घोड़ी या किसी सजावटी लग्जरी कार का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन कटिहार के एक किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाले दूल्हे ने परंपरा से हटकर खुद ट्रैक्टर चलाकर दुल्हन के घर जाने का फैसला किया। दूल्हे के पीछे लगभग दो दर्जन यानी 24 से अधिक ट्रैक्टरों का विशाल काफिला चल रहा था, जिनकी ट्रॉलियों में बाराती सवार थे और बजते गानों पर झूम रहे थे। खेती और किसान की शान माने जाने वाले ट्रैक्टर को शादी में यह खास जगह देने की इस पहल को ग्रामीण बहुत पसंद कर रहे हैं।
कटिहार जिले के एक ग्रामीण इलाके में आयोजित इस वैवाहिक समारोह में दूल्हे का अनोखा अंदाज हर किसी के आकर्षण का केंद्र बना रहा। दूल्हा घोड़ी या महंगी गाड़ियों में बैठने के बजाय खुद ट्रैक्टर की स्टीयरिंग संभालकर दुल्हन को ब्याहने निकला। उसके पीछे एक के बाद एक कतार में खड़े 24 से ज्यादा ट्रैक्टर चल रहे थे। इस अनूठी बारात को देखने के लिए सड़कों के किनारे लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। किसान परिवार से जुड़े इस दूल्हे ने अपनी जड़ों और खेती-किसानी के प्रति सम्मान प्रकट करने के लिए इस खास तरीके को चुना।
बुधवार को कटिहार के एक गांव से जब बारात रवाना हुई, तो नजारा आम शादियों से बिल्कुल अलग था। सबसे आगे सजे-धजे ट्रैक्टर पर शेरवानी और सेहरा पहने दूल्हा खुद चालक की सीट पर बैठा हुआ था। दूल्हे के पीछे उसके रिश्तेदारों और गांव के किसानों के दो दर्जन से ज्यादा ट्रैक्टर एक कतार में चल रहे थे। ट्रैक्टरों के पीछे लगी ट्रॉलियों को भी रोशनी और झंडियों से सजाया गया था।
प्रत्येक ट्रॉली में बाराती सवार थे और उनमें पोर्टेबल म्यूजिक सिस्टम व साउंड बॉक्स लगाए गए थे, जिन पर बज रहे लोकगीतों और शादी के गानों पर बाराती नाचते-गाते आगे बढ़ रहे थे। गांव के मुख्य रास्तों और मुख्य बाजार से होकर गुजरी इस बारात को देखने के लिए हर कोई अपने घरों से बाहर निकल आया। कई लोगों ने इस नजारे को अपने मोबाइल कैमरों में कैद किया, जिसके बाद इस अनोखी बारात की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगे। बारात जब दुल्हन के दरवाजे पहुंची, तो वधु पक्ष के लोगों ने भी इस अनोखी बारात का बड़े उत्साह के साथ स्वागत किया।
खुद ट्रैक्टर चलाकर बारात ले जाने वाले दूल्हे और उसके परिवार का कहना है कि वे शुद्ध रूप से किसान परिवार से ताल्लुक रखते हैं। ट्रैक्टर उनके जीवन का केवल एक साधन नहीं बल्कि उनकी आजीविका और पहचान का सबसे अहम हिस्सा है। दूल्हे ने कहा कि लोग अपनी शादी को यादगार बनाने के लिए लाखों रुपये खर्च करके महंगी गाड़ियां या हेलीकॉप्टर तक बुक करते हैं, लेकिन उसने अपने पेशे और किसान की शान यानी ट्रैक्टर को सम्मान देने के लिए यह निर्णय लिया।
वहीं, वधु पक्ष के लोगों ने भी दूल्हे की इस सादगी और विचार की जमकर सराहना की। वधु पक्ष के बुजुर्गों ने कहा कि आज के समय में जहां दिखावे का चलन बढ़ता जा रहा है, वहां इस तरह से अपनी जड़ों और मिट्टी से जुड़े रहना वाकई काबिले तारीफ है। बारात में शामिल हुए युवाओं ने भी माना कि यह उनके लिए एक यादगार और अलग तरह का अनुभव रहा।
कटिहार की यह बारात सोशल मीडिया पर आते ही चर्चा का विषय बन गई। आम तौर पर फिजूलखर्ची और बड़े-बड़े दावों वाली शादियों के दौर में इस तरह की पहल सादगी और अपनी संस्कृति से जुड़ाव का बड़ा संदेश देती है। इस घटना ने साबित किया कि किसी भी अवसर को खास बनाने के लिए महंगे आडंबरों की नहीं, बल्कि एक अनोखी और दिल को छू लेने वाली सोच की जरूरत होती है। क्षेत्र के किसानों में भी इस बात को लेकर खुशी है कि खेती-किसानी के मुख्य साधन को एक उत्सव का मुख्य हिस्सा बनाया गया।
कटिहार में हुई यह अनोखी शादी अब आसपास के गांवों और जिलों में भी मिसाल के तौर पर देखी जा रही है। दुल्हन को इसी तरह से ट्रैक्टर पर विदा कराकर दूल्हा अपने घर ले आया है। सोशल मीडिया पर इस अनोखी बारात के वीडियो वायरल होने के बाद लोग दूल्हे और उसके परिवार की सोच की जमकर तारीफ कर रहे हैं। माना जा रहा है कि इस घटना से प्रेरित होकर आने वाले समय में ग्रामीण इलाकों में लोग दिखावे से दूर रहकर अपनी सादगी और पहचान के साथ ऐसे समारोह आयोजित करने के लिए प्रेरित होंगे।
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