Baghaha King Cobra Attack: बगहा में किंग कोबरा के रेस्क्यू के दौरान स्नेक कैचर जानकी देवी को सांप ने डंसा, नेपाल में इलाज जारी
Baghaha King Cobra Case: बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले में किंग कोबरा का रेस्क्यू करने के दौरान प्रसिद्ध स्नेक रेस्क्यूअर जानकी देवी को सांप ने डंस लिया।

- Bihar Snake Catcher News: वाल्मीकिनगर वन क्षेत्र के पास किंग कोबरा ने फेमस स्नेक रेस्क्यूअर जानकी देवी को काटा, हालत स्थिर
- बगहा में रेस्क्यू के दौरान प्रसिद्ध स्नेक कैचर जानकी देवी को किंग कोबरा ने डंसा, आपातकालीन स्थिति में नेपाल के मिलिट्री कैंप में भर्ती
- Bettiah News: पश्चिमी चंपारण में किंग कोबरा का रेस्क्यू पड़ा भारी, प्रसिद्ध महिला स्नेक कैचर को सांप ने काटा, नेपाल में चल रहा इलाज
बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले के बगहा क्षेत्र से एक बेहद स्तब्ध करने वाली घटना सामने आई है। भारत-नेपाल सीमा पर स्थित वाल्मीकिनगर वन क्षेत्र से सटे बिसही गांव में एक विशालकाय किंग कोबरा का रेस्क्यू करने के दौरान क्षेत्र की प्रसिद्ध महिला स्नेक रेस्क्यूअर जानकी देवी को उसी सांप ने डंस लिया। यह दुखद वाकया बुधवार को उस समय हुआ जब वह ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए सांप को पकड़ने का प्रयास कर रही थीं। जहरीले सांप के काटने के बाद उनकी स्थिति को देखते हुए उन्हें तुरंत सीमा पार नेपाल के त्रिवेणी स्थित मिलिट्री कैंप अस्पताल में आपातकालीन इलाज के लिए भर्ती कराया गया। चिकित्सकों के अथक प्रयासों के बाद फिलहाल उनकी हालत स्थिर बनी हुई है, लेकिन वह अभी भी गहन चिकित्सा निगरानी में हैं।
वाल्मीकिनगर वन्यजीव अभ्यारण्य से सटे रिहायशी इलाकों में अक्सर जंगली जीवों और सांपों के निकलने की घटनाएं सामने आती रहती हैं। बिसही गांव में अचानक एक विशाल किंग कोबरा को देखकर ग्रामीणों में हड़कंप मच गया था। स्थानीय लोगों की जान बचाने और वन्यजीव को सुरक्षित जंगल में छोड़ने के उद्देश्य से प्रसिद्ध स्नेक कैचर जानकी देवी को मौके पर बुलाया गया था। रेस्क्यू ऑपरेशन के अंतिम क्षणों में, जब सांप को बैग में सुरक्षित रखने का प्रयास किया जा रहा था, तभी किंग कोबरा ने अचानक पलटकर उनके हाथ पर डंस लिया। अत्यधिक विषैले सांप के काटने के कारण मौके पर मौजूद लोगों के हाथ-पांव फूल गए और तुरंत आपातकालीन प्रोटोकॉल सक्रिय किया गया।
बिसही गांव में बुधवार की दोपहर को एक खेत के पास किंग कोबरा को देखा गया था, जिसकी लंबाई काफी अधिक बताई जा रही थी। जानकी देवी अपने पारंपरिक और साहसिक अंदाज में रेस्क्यू उपकरणों के साथ वहां पहुंचीं। शुरुआती कुछ मिनटों तक सांप को नियंत्रित करने की प्रक्रिया पूरी तरह सामान्य रही और उन्होंने सफलता पूर्वक उसे काबू में कर लिया था। हालांकि, प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अंतिम क्षण में सांप की अप्रत्याशित फुर्ती के कारण रेस्क्यूअर की पकड़ थोड़ी ढीली हुई और किंग कोबरा ने उनके दाहिने हाथ पर गहरा घाव कर दिया। भारत-नेपाल सीमा के अत्यधिक निकट होने और नजदीकी भारतीय बड़े अस्पताल की दूरी को देखते हुए, स्थानीय लोगों ने सूझबूझ दिखाई और उन्हें तुरंत नेपाल के त्रिवेणी स्थित पास के मिलिट्री कैंप पहुंचाया। वहां सैन्य डॉक्टरों ने बिना समय गंवाए एंटी-वेनम (Anti-venom) की खुराक दी, जिसके कारण जहर को फैलने से समय रहते रोक लिया गया।
इस घटना के बाद वाल्मीकिनगर वन संभाग के अधिकारियों और स्थानीय प्रशासन ने जानकी देवी के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। वन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि जानकी देवी पिछले कई वर्षों से निस्वार्थ भाव से वन्यजीवों और इंसानों के बीच के द्वंद्व को कम करने में विभाग की मदद कर रही हैं। उनके इलाज पर पूरी नजर रखी जा रही है। दूसरी तरफ, नेपाल के त्रिवेणी मिलिट्री कैंप के चिकित्सा अधिकारियों ने भारतीय मीडिया को बताया कि मरीज को सही समय पर अस्पताल लाया गया था, जिससे प्राथमिक उपचार का असर तेजी से हुआ। वर्तमान में उनके शरीर के मुख्य अंग सामान्य रूप से काम कर रहे हैं और खतरे की कोई तात्कालिक आशंका नहीं है।
इस हादसे ने वन्यजीव रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान बरती जाने वाली सुरक्षा और आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता को लेकर एक बार फिर बड़ी बहस छेड़ दी है। स्थानीय पर्यावरणविदों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि जानकी देवी जैसी साहसी महिलाओं को सरकारी स्तर पर विशेष सुरक्षा किट, एंटी-वेनम किट और बीमा सुरक्षा प्रदान की जानी चाहिए। बिसही गांव और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में इस घटना के बाद से लोग काफी चिंतित हैं, क्योंकि जानकी देवी पूरे बगहा क्षेत्र में संकट के समय सांपों से सुरक्षा का एकमात्र सहारा मानी जाती हैं। इस घटना ने सीमावर्ती इलाकों में त्वरित स्वास्थ्य सुविधाओं की आवश्यकता को भी रेखांकित किया है।
चिकित्सकों के अनुसार, जानकी देवी को अगले 48 से 72 घंटों तक सघन चिकित्सा कक्ष (ICU) में डॉक्टरों की निगरानी में रखा जाएगा ताकि जहर के किसी भी संभावित आगामी दुष्प्रभाव को मॉनिटर किया जा सके। उनकी हालत में पूरी तरह सुधार होने के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे किसी भी जंगली जीव या सांप के निकलने पर खुद उसे पकड़ने या मारने का प्रयास न करें, बल्कि तुरंत वन विभाग के आधिकारिक कंट्रोल रूम को सूचित करें ताकि प्रशिक्षित विशेषज्ञों के माध्यम से ही रेस्क्यू सुनिश्चित किया जा सके।
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