Khyber Pakhtunkhwa Terror Attack: पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में दो बड़े आतंकी हमले, 3 पुलिसकर्मियों की मौत, 34 घायल
Pakistan Terror Attack: पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में दो अलग-अलग आतंकी हमलों में 3 पुलिसकर्मियों की मौत हो गई और 34 लोग घायल हुए हैं। सुरक्षा बलों का सर्च ऑपरेशन जारी।

- Pakistan Terror Attack News: लोअर दीर और बन्नू में पुलिस को निशाना बनाकर आतंकी हमले, हैंड ग्रेनेड और ऑटोमैटिक हथियारों से अंधाधुंध गोलीबारी
- पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में भारी आतंकी हमला: पुलिस काफिले और थाने को बनाया निशाना, 3 जवानों की मौत से मचा हड़कंप
- पाकिस्तान में बड़ा आतंकी हमला, खैबर पख्तूनख्वा में पुलिस काफिले और थाने पर गोलीबारी में 3 पुलिसकर्मियों की मौत
पाकिस्तान के बेहद अशांत और संवेदनशील माने जाने वाले प्रांत खैबर पख्तूनख्वा में बुधवार (15 जुलाई 2026) को आतंकियों ने सुरक्षा बलों को निशाना बनाकर दो बड़े और सुनियोजित हमले किए हैं। इस भीषण रक्तपात में तीन पुलिसकर्मियों की मौके पर ही मौत हो गई है, जबकि नागरिक और सुरक्षाकर्मियों सहित कम से कम 34 लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, पहला हमला लोअर दीर जिले में पुलिस के एक रणनीतिक काफिले पर घात लगाकर किया गया, जबकि दूसरा हमला बन्नू जिले के मिरयान पुलिस स्टेशन की इमारत को निशाना बनाकर अंजाम दिया गया। इस अप्रत्याशित हिंसा के बाद खैबर पख्तूनख्वा के गृह विभाग ने हाई अलर्ट घोषित कर दिया है। सुरक्षा बलों की संयुक्त टुकड़ियों ने पूरे प्रभावित क्षेत्रों को चारों तरफ से घेरकर बड़े पैमाने पर सघन कॉम्बिंग और सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है ताकि हमलावर आतंकियों के ठिकानों का पता लगाया जा सके।
खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में सुरक्षा प्रणालियों को सीधी चुनौती देते हुए अज्ञात आतंकी समूहों ने एक ही दिन दो अलग-अलग संवेदनशील ठिकानों पर हमला किया। पहला हमला पूरी तरह से एक सैन्य घात (Ambush) की तर्ज पर था, जिसमें पुलिस वाहनों के काफिले के रास्ते में विस्फोटकों और हथियारों का इस्तेमाल किया गया। वहीं, दूसरी घटना में सीधे कानून प्रवर्तन एजेंसी के बुनियादी ढांचे यानी पुलिस स्टेशन परिसर को ही निशाना बनाया गया। इन दोनों हमलों की तीव्रता इतनी अधिक थी कि सुरक्षा बलों को संभलने का बहुत कम समय मिला। गोलीबारी और हैंड ग्रेनेड विस्फोटों की वजह से आसपास की इमारतों और सरकारी वाहनों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। घायलों में से कई की हालत अत्यंत नाजुक बनी हुई है।
बुधवार की सुबह खैबर पख्तूनख्वा के लोअर दीर जिले में जब पुलिसकर्मियों का एक दस्ता नियमित सुरक्षा गश्त और वीआईपी मूवमेंट के तहत अपने काफिले के साथ गुजर रहा था, तभी पहले से घात लगाए बैठे आतंकियों ने आधुनिक हथियारों से धावा बोल दिया। आतंकियों ने काफिले के मुख्य वाहन को निशाना बनाते हुए पहले हैंड ग्रेनेड फेंके और उसके तुरंत बाद स्वचालित राइफलों से अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। इस अचानक हुए हमले में ड्यूटी पर तैनात जवान गंभीर रूप से हताहत हो गए। इस घटना के कुछ ही घंटों के भीतर, बन्नू जिले के मिरयान पुलिस स्टेशन पर भी आतंकियों ने एक अन्य मोर्चे से हमला बोल दिया। वहां तैनात संतरियों और सुरक्षाकर्मियों ने जवाबी कार्रवाई करने का प्रयास किया, लेकिन भारी हथियारों से लैस हमलावर इमारत के एक हिस्से को क्षतिग्रस्त करते हुए अंधाधुंध गोलीबारी करने में सफल रहे, जिससे पुलिस स्टेशन परिसर के भीतर और बाहर मौजूद दर्जनों लोग लहूलुहान हो गए।
इस बर्बर हमले के बाद पाकिस्तान के प्रांतीय सरकार और पुलिस महानिदेशक (DGP) ने कड़े शब्दों में निंदा व्यक्त की है। पुलिस प्रशासन की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि देश की सुरक्षा के लिए प्राण न्योछावर करने वाले जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा और आतंकवादियों को उनके इस दुस्साहस का कड़ा सबक सिखाया जाएगा। वहीं, स्थानीय मानवाधिकार संगठनों और राजनीतिक विश्लेषकों ने इस बात पर गहरी चिंता व्यक्त की है कि हाल के महीनों में अफगानिस्तान सीमा से सटे इलाकों में उग्रवादी समूहों की सक्रियता और आधुनिक हथियारों की उपलब्धता में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। फिलहाल किसी भी बड़े प्रतिबंधित आतंकी संगठन ने इस दोहरे हमले की आधिकारिक जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन खुफिया एजेंसियों का शक टीटीपी (TTP) या उससे जुड़े स्थानीय गुटों पर है।
इस दोहरे आतंकी हमले का सीधा प्रभाव खैबर पख्तूनख्वा और उसके पड़ोसी प्रशासनिक क्षेत्रों की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था पर पड़ा है। इस घटना के बाद से पूरे प्रांत में भय और भू-राजनीतिक अस्थिरता का माहौल और गहरा हो गया है। व्यापारिक गतिविधियों और सार्वजनिक परिवहन पर इसका तात्कालिक असर देखा जा रहा है, क्योंकि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कई मुख्य मार्गों को अस्थायी रूप से सील कर दिया गया है। इसके अलावा, पुलिस स्टेशनों और सुरक्षा चौकियों पर सीधे हमलों ने सुरक्षा बलों के जमीनी स्तर के मनोबल और उनके सुरक्षा प्रोटोकॉल की प्रभावशीलता पर भी नए सिरे से सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे सरकार पर आंतरिक मोर्चे पर कड़े सैन्य कदम उठाने का दबाव बढ़ गया है।
आतंकियों की धरपकड़ के लिए सेना और अर्धसैनिक बलों (फ्रंटियर कोर) की अतिरिक्त टुकड़ियों को हवाई सहायता (हेलिकॉप्टर निगरानी) के साथ लोअर दीर और बन्नू के पहाड़ी इलाकों में तैनात किया गया है। स्थानीय अस्पतालों में आपातकाल घोषित कर घायलों को त्वरित इलाज प्रदान किया जा रहा है, और गंभीर रूप से घायल जवानों को सैन्य अस्पतालों में शिफ्ट करने की प्रक्रिया चल रही है। खुफिया विभाग सीमा पार से होने वाली संदिग्ध गतिविधियों और स्थानीय स्तर पर आतंकियों के संभावित मददगारों (Sleeper Cells) की पहचान के लिए तकनीकी इनपुट्स खंगाल रहा है। आने वाले दिनों में उग्रवाद प्रभावित इन सीमावर्ती क्षेत्रों में आतंकवाद विरोधी एक बड़ा और व्यापक सैन्य ऑपरेशन शुरू किए जाने के स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं।
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