Viral News: अहमदाबाद विमान हादसा- मासूम आकाश की दुखद मौत, मेडिकल हॉस्टल के पास चाय की दुकान पर सोते समय मलबे में जला। 

गुजरात के अहमदाबाद में 12 जून 2025 को हुआ भीषण विमान हादसा न केवल हवाई यात्रियों के लिए त्रासदी बनकर आया, बल्कि मेघानीनगर...

Jun 14, 2025 - 10:55
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Viral News: अहमदाबाद विमान हादसा- मासूम आकाश की दुखद मौत, मेडिकल हॉस्टल के पास चाय की दुकान पर सोते समय मलबे में जला। 

अहमदाबाद : गुजरात के अहमदाबाद में 12 जून 2025 को हुआ भीषण विमान हादसा न केवल हवाई यात्रियों के लिए त्रासदी बनकर आया, बल्कि मेघानीनगर के बीजे मेडिकल कॉलेज के पास फुटपाथ पर रहने वाले एक बेघर परिवार की जिंदगी भी छीन ले गया। इस हादसे में 14 वर्षीय आकाश, जो अपनी मां के साथ मेडिकल हॉस्टल के बाहर चाय की दुकान पर सो रहा था, मलबे में दबकर और आग में झुलसकर मर गया। आकाश का परिवार 15 दिन पहले मकान मालिक द्वारा घर से निकाले जाने के बाद फुटपाथ पर रहने को मजबूर था। इस हादसे में अब तक 270 शव बरामद किए जा चुके हैं, जिनमें से सात की पहचान हो पाई है। यह त्रासदी न केवल विमानन सुरक्षा पर सवाल उठाती है, बल्कि सामाजिक असमानता और बेघरों की बदहाली को भी उजागर करती है।

  • हादसे का भयावह दृश्य

12 जून 2025 को दोपहर 1:38 बजे, एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171, बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर, अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से लंदन के गैटविक हवाई अड्डे के लिए उड़ान भरी। विमान में 230 यात्री और 12 क्रू मेंबर सवार थे। टेकऑफ के महज दो मिनट बाद, दोपहर 1:40 बजे, विमान मेघानीनगर के बीजे मेडिकल कॉलेज परिसर में एक हॉस्टल और मेस की इमारत से टकरा गया। टक्कर के बाद विमान आग के गोले में बदल गया, जिससे आसमान में काले धुएं का गुबार छा गया और आसपास का इलाका चीखों से गूंज उठा। हादसे में विमान में सवार 241 लोगों की मौत हो गई, जिसमें गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी, बांसवाड़ा के एक डॉक्टर दंपती और उनके तीन बच्चे, और मणिपुर की दो युवा केबिन क्रू सदस्य शामिल थे। इसके अलावा, हॉस्टल में मौजूद 20 से अधिक मेडिकल छात्र और कर्मचारी भी मारे गए। चमत्कारिक रूप से, एकमात्र जीवित बचे यात्री, विश्वास कुमार रमेश, जो भारतीय मूल के ब्रिटिश नागरिक हैं, को सिविल अस्पताल में भर्ती किया गया है।

  • आकाश की दुखद कहानी

इस हादसे की सबसे मार्मिक कहानियों में से एक है 14 वर्षीय आकाश की, जो मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल के पास अपनी मां की चाय की दुकान पर सो रहा था। आकाश का परिवार, जिसमें उसकी मां, सास, और 30-35 अन्य रिश्तेदार शामिल थे, 15 दिन पहले मकान मालिक द्वारा किराए के मकान से निकाले जाने के बाद मेघानीनगर में फुटपाथ पर रहने को मजबूर था। आकाश की मां, शारदाबेन (उम्र 38), हॉस्टल के बाहर चाय की छोटी सी दुकान चलाती थीं, जिससे परिवार का गुजारा चलता था। हादसे के समय, शारदाबेन अपनी दो वर्षीय पोती और सास के साथ मेस में थीं, जबकि आकाश दुकान के पास चारपाई पर सो रहा था।

जब विमान हॉस्टल से टकराया, तो तेज धमाके और आग की लपटों ने पूरे इलाके को अपनी चपेट में ले लिया। आकाश, जो गहरी नींद में था, मलबे में दब गया और आग में बुरी तरह झुलस गया। उसकी मां शारदाबेन गंभीर रूप से घायल हो गईं और उनकी दो वर्षीय पोती भी मलबे में दब गई। आकाश की सास ने बताया, "हमारा परिवार पहले से ही मुश्किलों में था। मकान मालिक ने हमें बिना किसी नोटिस के घर से निकाल दिया था। उस दिन आकाश दुकान पर आ गया था, और अचानक यह हादसा हो गया। हमने उसे खो दिया।"

  • हिनाबेन कालरिया का बयान

हादसे से डेढ़ घंटे पहले उसी विमान से लंदन से अहमदाबाद पहुंचीं हिनाबेन कालरिया ने दावा किया कि विमान में तकनीकी खराबी थी। उन्होंने बताया, "लैंडिंग के दौरान विमान से खड़खड़ाहट की अजीब आवाजें आ रही थीं। एयर कंडीशनिंग सिस्टम और सीटों की डिस्प्ले स्क्रीन काम नहीं कर रही थीं। हमने केबिन क्रू को शिकायत की, लेकिन हमें बताया गया कि यह सामान्य है।" यह बयान इस बात की ओर इशारा करता है कि विमान की प्री-फ्लाइट जांच में चूक हो सकती थी, जिसके परिणामस्वरूप यह भयावह हादसा हुआ। 13 जून को, एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने हॉस्टल की छत से ब्लैक बॉक्स बरामद किया, जिसमें फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर शामिल हैं। इसके अलावा, गुजरात आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATS) ने मलबे से एक डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर (DVR) बरामद किया है, जिसे फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। प्रारंभिक जांच में टेकऑफ के दौरान कॉन्फिगरेशन एरर, जैसे गलत फ्लैप सेटिंग या अपर्याप्त इंजन थ्रस्ट, को हादसे का संभावित कारण माना जा रहा है।

नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा, "हम इस हादसे की गहन जांच करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि भविष्य में ऐसी त्रासदी न हो।" अमेरिकी राष्ट्रीय परिवहन सुरक्षा बोर्ड (NTSB) ने भी एक विशेषज्ञ जांच दल भारत भेजने की घोषणा की है। हादसे में 270 शव बरामद किए जा चुके हैं, जिनमें 169 भारतीय, 52 ब्रिटिश, सात पुर्तगाली, और एक कनाडाई नागरिक शामिल हैं। मृतकों में हॉस्टल में मौजूद 20 से अधिक मेडिकल छात्र और कर्मचारी भी शामिल हैं, जैसे धोरीमन्ना के एमबीबीएस छात्र जयप्रकाश, जो गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाए गए थे, लेकिन उनकी मृत्यु हो गई। 41 घायलों का इलाज सिविल अस्पताल में चल रहा है, जहां स्ट्रेचर की कमी के कारण कुछ शवों को हाथ ठेले पर लाया गया। अस्पताल में ओ निगेटिव ब्लड की कमी के चलते ब्लड डोनेशन की अपील की गई है। हादसे के बाद एनडीआरएफ, बीएसएफ, सीआरपीएफ, और रैपिड एक्शन फोर्स की टीमें बचाव कार्य में जुट गईं। अहमदाबाद, वडोदरा, और सूरत से 25 फायर ब्रिगेड की गाड़ियां आग बुझाने में लगीं। विमान में सवा लाख लीटर ईंधन होने के कारण आग की तीव्रता इतनी थी कि बचाव कार्य में कई घंटे लग गए।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13 जून को घटनास्थल का दौरा किया और सिविल अस्पताल में घायलों से मुलाकात की। उन्होंने ट्वीट कर शोक व्यक्त किया, "यह हादसा हृदय विदारक है। मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं।" टाटा समूह, जो एयर इंडिया का मालिक है, ने मृतकों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। आकाश की मौत इस हादसे का एक ऐसा पहलू है, जो समाज में बेघरों की दयनीय स्थिति को उजागर करता है। उसका परिवार, जो मकान मालिक की मनमानी के कारण फुटपाथ पर रहने को मजबूर था, इस हादसे का शिकार बना। सामाजिक कार्यकर्ता रमेश ठाकुर ने कहा, "यह हादसा केवल विमानन सुरक्षा की विफलता नहीं है, बल्कि समाज में गरीबों और बेघरों के प्रति उदासीनता को भी दर्शाता है। आकाश जैसे लोग, जो इस हादसे से कोई सीधा संबंध नहीं रखते थे, भी इसकी चपेट में आ गए।" अहमदाबाद विमान हादसा एक ऐसी त्रासदी है, जिसने न केवल विमान में सवार लोगों की जिंदगी छीनी, बल्कि मेघानीनगर के आम लोगों, जैसे आकाश और उसकी मां, को भी अपने लपेटे में ले लिया। हिनाबेन कालरिया का बयान और ब्लैक बॉक्स की बरामदगी से उम्मीद है कि हादसे के कारणों का पता चलेगा।

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