बाराबंकी के अवसानेश्वर महादेव मंदिर में दुखद हादसा- बिजली का तार टूटने से भगदड़, दो की मौत, 29 घायल।
Barabanki News: उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में सावन के तीसरे सोमवार, 28 जुलाई 2025 को एक दुखद हादसा हुआ। हैदरगढ़ क्षेत्र के प्राचीन अवसानेश्वर महादेव...
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में सावन के तीसरे सोमवार, 28 जुलाई 2025 को एक दुखद हादसा हुआ। हैदरगढ़ क्षेत्र के प्राचीन अवसानेश्वर महादेव मंदिर में जलाभिषेक के दौरान बिजली का तार टूटकर मंदिर परिसर के टीन शेड पर गिर गया। इससे करंट फैलने के कारण भगदड़ मच गई, जिसमें दो श्रद्धालुओं की मृत्यु हो गई और 29 लोग घायल हो गए। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैला दी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर गहरा दुख जताया और जिला प्रशासन को घायलों के तत्काल इलाज और राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने मृतकों के परिवारों के लिए 5 लाख रुपये और घायलों के लिए 50,000 रुपये की आर्थिक सहायता की भी घोषणा की। यह हादसा मंदिरों में सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन की कमी को सामने लाता है।
यह दुखद घटना 27 और 28 जुलाई की रात करीब 2 बजे हुई, जब सावन के तीसरे सोमवार को अवसानेश्वर महादेव मंदिर में जलाभिषेक के लिए हजारों श्रद्धालु जमा थे। सावन का महीना भगवान शिव की पूजा के लिए विशेष माना जाता है, और इस दिन मंदिर में भारी भीड़ थी। जिला मजिस्ट्रेट शशांक त्रिपाठी के अनुसार, कुछ बंदरों ने मंदिर के पास लगे बिजली के तार पर छलांग लगाई, जिससे तार टूटकर मंदिर परिसर के टीन शेड पर गिर गया। टीन शेड में करंट फैल गया, जिससे वहां मौजूद श्रद्धालुओं में डर और अफरा-तफरी मच गई। लोग करंट से बचने के लिए भागने लगे, जिसके कारण भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
इस हादसे में दो श्रद्धालुओं, 22 वर्षीय प्रशांत (मुबारकपुर गांव, लोनीकटरा थाना क्षेत्र) और एक अन्य 30 वर्षीय व्यक्ति की मृत्यु हो गई। दोनों को त्रिवेदीगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। इसके अलावा, 29 अन्य श्रद्धालु घायल हुए, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। घायलों को हैदरगढ़ और त्रिवेदीगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती कराया गया। बाराबंकी के मुख्य चिकित्सा अधिकारी अवधेश कुमार यादव ने बताया कि हैदरगढ़ स्वास्थ्य केंद्र में लाए गए सभी मरीजों में से एक को छोड़कर बाकी को छुट्टी दे दी गई है। त्रिवेदीगंज में 10 लोग लाए गए, जिनमें से दो की मृत्यु हो गई, और बाकी सात का इलाज चल रहा है। गंभीर रूप से घायल दो लोगों को जिला अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन उनकी स्थिति अब स्थिर है।
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासन तुरंत हरकत में आ गए। बाराबंकी के जिला मजिस्ट्रेट शशांक त्रिपाठी और पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय मौके पर पहुंचे। पुलिस पहले से ही मंदिर में भीड़ प्रबंधन के लिए तैनात थी, लेकिन हादसे के बाद अतिरिक्त पुलिस बल भेजा गया। घायलों को तुरंत एम्बुलेंस के जरिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों में पहुंचाया गया। पुलिस ने मंदिर परिसर की बिजली आपूर्ति बंद कर दी और स्थिति को नियंत्रित किया। जिला मजिस्ट्रेट ने बताया कि हादसे के कारणों की जांच के लिए बिजली विभाग को निर्देश दिए गए हैं, और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस हादसे पर गहरा दुख जताया और मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उनके कार्यालय ने सोशल मीडिया पर लिखा, “मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी महाराज ने बाराबंकी के अवसानेश्वर महादेव मंदिर में हुई दुर्घटना में जान गंवाने वालों के प्रति गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने जिला प्रशासन को घायलों के उचित इलाज और राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।” उन्होंने मृतकों के परिवारों के लिए 5 लाख रुपये और घायलों के लिए 50,000 रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा की। इसके अलावा, उन्होंने भगवान शिव से मृतकों की आत्मा की शांति और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की।
अवसानेश्वर महादेव मंदिर बाराबंकी जिले के हैदरगढ़ क्षेत्र में स्थित एक प्राचीन और प्रसिद्ध मंदिर है, जो जिला मुख्यालय से लगभग 40 किलोमीटर दूर है। सावन के महीने में, खासकर सोमवार को, यहां हजारों श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए आते हैं। जलाभिषेक एक विशेष पूजा है, जिसमें भक्त भगवान शिव को जल और दूध चढ़ाते हैं। इस मंदिर की धार्मिक और ऐतिहासिक महत्ता के कारण सावन में भारी भीड़ जमा होती है।
हालांकि, इस हादसे ने मंदिर प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि मंदिर परिसर में बिजली के तार पुराने थे, और रखरखाव की कमी थी। कई बार पहले भी छोटे-मोटे हादसे हो चुके थे, लेकिन प्रशासन ने इसकी अनदेखी की।
इस हादसे ने सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा छेड़ दी। कई लोगों ने बिजली विभाग और मंदिर प्रबंधन की लापरवाही पर सवाल उठाए। एक यूजर ने लिखा, “सावन जैसे पवित्र महीने में ऐसी लापरवाही माफ नहीं की जा सकती। मंदिरों में सुरक्षा क्यों नहीं?” कुछ लोगों ने मांग की कि सभी धार्मिक स्थलों पर बिजली और भीड़ प्रबंधन की जांच होनी चाहिए।
विपक्षी दलों ने भी इस घटना पर सरकार को घेरा। समाजवादी पार्टी के एक नेता ने कहा, “योगी सरकार धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं है। यह हादसा प्रशासन की नाकामी का सबूत है।” हालांकि, जिला प्रशासन ने दावा किया कि स्थिति अब नियंत्रण में है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कदम उठाए जाएंगे।
हाल की अन्य घटनाएं
यह हादसा हरिद्वार के मंसा देवी मंदिर में 27 जुलाई 2025 को हुए एक अन्य भगदड़ हादसे के ठीक एक दिन बाद हुआ, जिसमें आठ लोगों की मृत्यु हो गई थी। उस घटना में भी भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा की कमी को कारण बताया गया। बाराबंकी और हरिद्वार की इन घटनाओं ने धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर बहस छेड़ दी है।
इस हादसे ने धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा और प्रबंधन की कमियों को सामने लाया। इसे रोकने के लिए निम्नलिखित कदम उठाए जा सकते हैं:
बिजली तारों की जांच: मंदिरों और अन्य धार्मिक स्थलों पर बिजली तारों और उपकरणों की नियमित जांच होनी चाहिए।
भीड़ प्रबंधन: सावन जैसे व्यस्त समय में मंदिरों में भीड़ नियंत्रण के लिए पर्याप्त पुलिस और स्वयंसेवक तैनात किए जाएं।
सुरक्षा उपकरण: मंदिर परिसर में आपातकालीन बिजली कटऑफ और चेतावनी बोर्ड जैसे उपाय होने चाहिए।
जागरूकता अभियान: श्रद्धालुओं को मंदिरों में सुरक्षा नियमों के बारे में जागरूक करना जरूरी है।
बाराबंकी के अवसानेश्वर महादेव मंदिर में हुआ यह हादसा एक दुखद और टालने योग्य घटना है। बिजली के तार टूटने से मची भगदड़ ने दो लोगों की जान ले ली और कई परिवारों को दुख में डुबो दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की त्वरित कार्रवाई और आर्थिक सहायता की घोषणा ने प्रभावित परिवारों को कुछ राहत दी, लेकिन यह घटना धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा की कमी को सामने लाती है।
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