Senior Citizen Welfare Scheme - बुजुर्गों की देखभाल के लिए केंद्र ने जारी किए ₹77.98 करोड़, 755 प्रोजेक्ट्स को मिली ग्रांट
सामाजिक न्याय मंत्रालय ने वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल से जुड़े 755 प्रोजेक्ट्स के लिए ₹77.98 करोड़ की सहायता जारी की है। जानिए किन वृद्धजनों को मिलेगा इसका लाभ।

- Atal Vayo Abhyuday Yojana - वरिष्ठ नागरिकों के शेल्टर और स्वास्थ्य पर जोर, सरकार ने दी ₹77.98 करोड़ की सहायता
- Elderly Care Fund - बुजुर्गों के कल्याण के लिए बड़ा कदम, 755 संस्थागत परियोजनाओं को मिला वित्तीय सहारा
- AVYAY IPSrC Scheme - बेसहारा वृद्धों को मिलेगा भोजन और आश्रय, मंत्रालय ने तिमाही के लिए जारी की बड़ी राशि
देश में वरिष्ठ नागरिकों की सामाजिक सुरक्षा और संस्थागत देखभाल को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण वित्तीय कदम उठाया है। केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने अटल वयो अभ्युदय योजना (AVYAY) के घटक 'इंटीग्रेटेड प्रोग्राम फॉर सीनियर सिटिजंस' (IPSrC) के अंतर्गत संचालित 755 परियोजनाओं के लिए ₹77.98 करोड़ की सहायता अनुदान (ग्रांट-इन-एड) राशि जारी की है। यह वित्तीय आवंटन 30 सितंबर को समाप्त हुई तिमाही के लिए स्वीकृत किया गया है।
- किन बुजुर्गों को मिलेगा इस योजना का सीधा लाभ
मंत्रालय के अनुसार, यह धनराशि सीधे किसी व्यक्तिगत खाते में पेंशन के रूप में न जाकर, उन संस्थाओं और परियोजनाओं को दी जाती है जो निराश्रित, निर्धन और उपेक्षित वृद्धजनों की दैनिक देखभाल में जुटी हैं। इस अनुदान के माध्यम से देश भर में चल रहे वरिष्ठ नागरिक गृहों (ओल्ड एज होम्स), निरंतर देखभाल केंद्रों और मोबाइल मेडिकेयर इकाइयों का संचालन किया जाता है। इसका सीधा लाभ उन बुजुर्गों को मिलता है जिनके पास परिवार का सहारा नहीं है या जो बुनियादी आवश्यकताओं के लिए दूसरों पर निर्भर हैं। इन केंद्रों में आवास, पौष्टिक भोजन, नियमित स्वास्थ्य जांच, दवाइयां और मनोरंजन की सुविधाएं पूरी तरह निःशुल्क प्रदान की जाती हैं।
- संस्थागत तंत्र और जमीनी निगरानी व्यवस्था
योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए केंद्र और राज्य सरकारों के बीच त्रिस्तरीय प्रशासनिक व्यवस्था बनाई गई है। राज्य और केंद्र शासित प्रदेश अपनी क्षेत्रीय प्राथमिकताओं के आधार पर कार्ययोजना (SAPSrC) तैयार करते हैं। वहीं, जिला स्तर पर वास्तविक लाभार्थियों की पहचान और सेवा प्रदाता संस्थाओं की नियमित निगरानी के लिए जिला मजिस्ट्रेट या कलेक्टर की अध्यक्षता में विशेष समितियां गठित हैं। यह विकेंद्रीकृत ढांचा सुनिश्चित करता है कि सरकारी अनुदान का उपयोग केवल पात्र और पंजीकृत संस्थाओं द्वारा वास्तविक जरूरतमंदों के हित में ही किया जाए।
जनसांख्यिकीय बदलावों और परिवारों के एकल होने की प्रवृत्ति के बीच बुजुर्गों की देखरेख एक संवेदनशील विषय बनकर उभरी है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, आगामी वर्षों में वरिष्ठ नागरिकों की जनसंख्या में उल्लेखनीय वृद्धि का अनुमान है, जिसके चलते स्वास्थ्य और सामाजिक देखभाल के बुनियादी ढांचे को समय रहते मजबूत करने की आवश्यकता रेखांकित की जा रही है। AVYAY योजना का मुख्य दर्शन 'ससम्मान वृद्धावस्था' (Ageing with Dignity) और 'स्थानीय परिवेश में देखभाल' (Ageing in Place) पर आधारित है, जिससे वरिष्ठ नागरिक अपने समुदाय और सुरक्षित माहौल में सम्मानपूर्वक जीवन व्यतीत कर सकें।
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