Gomti Riverfront Controversy - गोमती रिवरफ्रंट पर गाद और कीचड़ को लेकर अखिलेश यादव का तंज, बोले- 'भाजपाई भ्रष्टाचार से नाले भरे, डूब गए घाट'
गोमती नदी में बढ़े जलस्तर के बाद रिवरफ्रंट पर जमा गाद और उपकरणों के नुकसान को लेकर अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। एलडीए सफाई अभियान में जुटा है।

- Akhilesh Targets BJP - गोमती रिवरफ्रंट की सफाई पर सियासत गरमाई, सपा प्रमुख ने अखबार की कटिंग शेयर कर सरकार पर साधा निशाना
- LDA Mop-up Operations - गोमती में बाढ़ का पानी घटने के बाद सफाई में जुटा एलडीए, 10-10 हजार के स्पीकर्स और लाइटें क्षतिग्रस्त
- Riverfront Damage Assessment - सिल्ट की मोटी परत में दबा गोमती रिवरफ्रंट, अखिलेश के हमले पर लखनऊ में बढ़ी राजनीतिक तपिश
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के प्रतिष्ठित गोमती रिवरफ्रंट पर बाढ़ का पानी उतरने के बाद जमा हुई गाद और मलबे को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एक प्रमुख समाचार पत्र की रिपोर्ट साझा करते हुए भाजपा सरकार पर सीधा प्रहार किया। उन्होंने सोशल मीडिया मंच पर लिखा, "भाजपाई भ्रष्टाचार से नाले इतने भर गए हैं कि नदियों में बाढ़ तो आएगी और घाट भी डुबो जाएगी।" अखिलेश यादव के इस बयान के बाद राजधानी के विकास और नालों की सफाई व्यवस्था को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है।
- गोमती का पानी घटने के बाद पसरी गाद, एलडीए का सफाई अभियान शुरू
दरअसल, गोमती नदी का जलस्तर पिछले दिनों बढ़ने के बाद रिवरफ्रंट के निचले हिस्सों और पाथवे में पानी भर गया था, जिसके चलते लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने पर्यटकों व मॉर्निंग वॉकर्स की सुरक्षा के मद्देनजर रिवरफ्रंट पार्क को बंद कर दिया था। अब जलस्तर घटने पर रिवरफ्रंट के वॉकिंग रैंप, फुटपाथ और घाटों पर भारी मात्रा में सिल्ट (गाद), कीचड़ और नदी द्वारा बहाकर लाया गया कचरा जमा हो गया है। स्थिति को सामान्य बनाने के लिए एलडीए ने बड़े पैमाने पर मशीनों और श्रमिकों को तैनात कर 'मॉप-अप' (सफाई) अभियान शुरू किया है, जिसके अगले चार दिनों में पूरा होने के बाद पार्क को आम जनता के लिए फिर से खोलने की योजना है।
- 10-10 हजार रुपये के आउटडोर स्पीकर्स और लाइटें प्रभावित
बाढ़ के पानी के कारण रिवरफ्रंट पर लगी महंगी विद्युत अधोसंरचना को भी नुकसान पहुंचा है। अधिकारियों के अनुसार, वॉकर्स के लिए लगाए गए ₹10,000 से अधिक की कीमत वाले सैकड़ों आउटडोर स्पीकर्स और विभिन्न डेकोरेटिव लाइट्स पानी और कीचड़ की चपेट में आ गए हैं। एलडीए की तकनीकी टीम वर्तमान में उपकरणों के नुकसान का आकलन (डैमेज असेसमेंट) कर रही है ताकि यह तय किया जा सके कि इन्हें सुधारा जा सकता है या पूरी तरह बदलना पड़ेगा।
- रिवरफ्रंट के रखरखाव पर पूर्व में भी होती रही है राजनीति
उल्लेखनीय है कि गोमती रिवरफ्रंट परियोजना समाजवादी पार्टी के शासनकाल की प्रमुख प्राथमिकताओं में से एक रही थी। सपा लगातार आरोप लगाती रही है कि वर्तमान सरकार रिवरफ्रंट के रखरखाव और नालों की नियमित सफाई की उपेक्षा कर रही है, जिसके चलते बरसात और बाढ़ के दौरान घाट जलमग्न हो जाते हैं और संपत्तियों का नुकसान होता है। वहीं, नगर निगम और विकास प्राधिकरण का कहना है कि जलस्तर में असामान्य वृद्धि एक मौसमी प्राकृतिक प्रक्रिया है और प्रशासन पूरी तत्परता के साथ सफाई व पुनर्बहाली कार्य में जुटा हुआ है।
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