Raghav Chadha NEET Speech: राज्यसभा में बोले राघव चड्ढा- अब OMR नहीं कंप्यूटर मोड में होगी NEET परीक्षा, पेपर लीक पर बना सख्त कानून

राज्यसभा में सांसद राघव चड्ढा ने NEET अभ्यर्थियों के मुद्दे पर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि अब NEET परीक्षा ओएमआर की जगह कंप्यूटर आधारित होगी और सख्त कानून लागू होगा।

Jul 31, 2026 - 14:07
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Raghav Chadha NEET Speech: राज्यसभा में बोले राघव चड्ढा- अब OMR नहीं कंप्यूटर मोड में होगी NEET परीक्षा, पेपर लीक पर बना सख्त कानून
Raghav Chadha NEET Speech
  • NEET Exam Computer Based: NEET परीक्षा प्रणाली में बड़े बदलाव का दावा, राघव चड्ढा ने कहा- 75 दिन में चार्जशीट और नया एंटी पेपर लीक कानून
  • 'अब OMR नहीं, ऑनलाइन होगी NEET परीक्षा...': राज्यसभा में राघव चड्ढा का बड़ा बयान, कहा- पीएम तक पहुंची छात्रों की आवाज
  • Raghav Chadha Rajya Sabha Speech: NEET अभ्यर्थियों के लिए राज्यसभा से राहत भरी खबर, अब कंप्यूटर आधारित होगी परीक्षा, पेपर लीक पर कसती नकेल

राज्यसभा में शुक्रवार (31 जुलाई 2026) को NEET प्रतियोगी परीक्षा और पेपर लीक के मुद्दे पर बोलते हुए आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा ने देश के लाखों अभ्यर्थियों का पक्ष रखा। संसद भवन, नई दिल्ली में उन्होंने कहा कि परीक्षा में हुई धांधली को लेकर छात्रों का गुस्सा पूरी तरह जायज था। राघव चड्ढा के अनुसार, अभ्यर्थियों का आक्रोश और उनकी आवाज प्रधानमंत्री तक पहुंची, जिसके बाद सरकार ने अभिभावक की भूमिका निभाते हुए परीक्षा प्रणाली में ऐतिहासिक बदलाव करने का निर्णय लिया है। उन्होंने राज्यसभा को सूचित किया कि अगली बार से NEET परीक्षा OMR शीट के बजाय कंप्यूटर आधारित प्रणाली (CBT मोड) से आयोजित की जाएगी। इसके साथ ही, धांधली के खिलाफ सख्त कानूनी ढांचा तैयार कर 75 दिनों के भीतर फास्ट ट्रैक कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई है।
देशभर में आयोजित होने वाली नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) में सामने आई गड़बड़ियों और पेपर लीक की घटनाओं को लेकर लाखों मेडिकल अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों में गहरा असंतोष था। इस मुद्दे ने संसद से लेकर सड़कों तक भारी राजनीतिक और सामाजिक रूप लिया था।
इसी परिप्रेक्ष्य में राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने उच्च सदन में NEET अभ्यर्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि छात्रों का आक्रोश और आंदोलन पूरी तरह स्वाभाविक था। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश की शीर्ष परीक्षा प्रणाली में सुधार की आवश्यकता को स्वीकार करते हुए अब व्यापक और कड़े कदम उठाए जा चुके हैं, जिससे भविष्य में किसी भी छात्र के भविष्य से खिलवाड़ न हो सके।
संसद के उच्च सदन में बोलते हुए राघव चड्ढा ने सरकार द्वारा उठाए गए ठोस कदमों और भविष्य की योजनाओं की रूपरेखा साझा की। उन्होंने कहा कि देश के इतिहास में पहली बार पेपर लीक और परीक्षा माफिया से निपटने के लिए एक सख्त व व्यापक कानूनी ढांचा तैयार किया गया है।
राघव चड्ढा ने जांच प्रक्रिया की गति पर प्रकाश डालते हुए बताया कि पूरे मामले में किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती गई और महज 75 दिनों के भीतर जांच पूरी कर फास्ट ट्रैक कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी गई है। मामले को लंबे समय तक लंबित रखने के बजाय त्वरित कानूनी कार्रवाई को प्राथमिकता दी गई।
सबसे बड़ा प्रशासनिक बदलाव NEET परीक्षा के प्रारूप में किया जा रहा है। चड्ढा ने बताया कि अब पारंपरिक OMR शीट पर परीक्षा कराने के बजाय इसे पूरी तरह कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) प्रणाली पर स्थानांतरित किया जा रहा है। OMR उत्तर पुस्तिकाओं से होने वाली भौतिक हेरफेर और लीक की गुंजाइश को समाप्त करने के लिए यह तकनीक-आधारित कदम उठाया गया है।
उन्होंने नए एंटी-पेपर लीक कानून की ताकत का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें सजा और आर्थिक दंड का प्रावधान इतना कठोर रखा गया है कि कोई भी अपराधी या संगठित माफिया भविष्य में प्रश्नपत्र लीक करने या धांधली करने का विचार करने से भी डरेगा।
राज्यसभा में राघव चड्ढा के इस संबोधन के बाद शिक्षा जगत और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के बीच इस बदलाव को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया देखी जा रही है। छात्र संगठनों का कहना है कि OMR आधारित परीक्षा में धांधली की संभावनाएं अधिक रहती थीं, ऐसे में कंप्यूटर आधारित टेस्ट सुरक्षा की दृष्टि से एक बेहतर विकल्प साबित हो सकता है।
वहीं, कई विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा को डिजिटल मोड पर ले जाने के साथ-साथ दूर-दराज और ग्रामीण इलाकों के अभ्यर्थियों के लिए पर्याप्त कंप्यूटर केंद्रों और तकनीकी बुनियादी ढांचे की उपलब्धता सुनिश्चित करना भी बेहद जरूरी होगा। राजनीतिक गलियारों में इस मुद्दे पर सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों ही छात्रों के हितों की रक्षा को प्राथमिक बता रहे हैं।
NEET परीक्षा के पैटर्न में OMR से CBT मोड में होने वाला यह बदलाव भारत की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा के इतिहास में एक मोड़ साबित होगा। हर साल 20 लाख से अधिक उम्मीदवार इस परीक्षा में शामिल होते हैं।
डिजिटल प्रणाली अपनाने से परीक्षा केंद्रों पर प्रश्नपत्रों के भौतिक वितरण की आवश्यकता खत्म होगी, जिससे ट्रांसपोर्टेशन या प्रिंटिंग प्रेस के स्तर पर होने वाले पेपर लीक के खतरों को शून्य के करीब लाया जा सकेगा। इसके अलावा, जांच में 75 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल होने से न्याय व्यवस्था में छात्रों का भरोसा मजबूत होगा।
संसद में इस विषय पर चर्चा के बाद अब नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) और केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय नए कंप्यूटर आधारित मॉडल के सफल कार्यान्वयन के लिए विस्तृत दिशानिर्देश और मॉक टेस्ट ढांचा तैयार करेंगे।
आगामी NEET परीक्षा के लिए अभ्यर्थियों को नए पैटर्न से अवगत कराने के लिए विशेष जागरूकता अभियान और अभ्यास केंद्र शुरू किए जा सकते हैं। नए एंटी-पेपर लीक कानून की अधिसूचना और प्रावधानों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना प्रशासन के लिए मुख्य प्राथमिकता होगी।

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