Bihar MLC Counting Row - काउंटिंग हॉल में CCTV कैमरे न होने पर बिहार में भारी बवाल, कांग्रेस उम्मीदवार धरने पर बैठे; राजद और जन सुराज ने भी उठाए सवाल
बिहार विधान परिषद चुनाव की मतगणना के दौरान पटना में काउंटिंग हॉल में सीसीटीवी कैमरे न होने पर कांग्रेस प्रत्याशी धरने पर बैठ गए। राजद और जन सुराज ने भी चुनाव आयोग पर सवाल खड़े किए।

बिहार विधान परिषद (एमएलसी) की आठ सीटों चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए मंगलवार सुबह 8 बजे से जारी मतगणना के दौरान राजधानी पटना में भीषण सियासी घमासान और हंगामा देखने को मिला। पटना स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए बांकीपुर स्थित गवर्नमेंट गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल में स्थापित मुख्य मतगणना केंद्र के काउंटिंग हॉल में सीसीटीवी (CCTV) कैमरे नहीं लगे होने को लेकर विपक्ष ने सीधा मोर्चा खोल दिया। कांग्रेस के प्रत्याशी मतगणना केंद्र के भीतर ही धरने पर बैठ गए, जबकि राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और जन सुराज पार्टी के प्रत्याशियों ने भी चुनाव प्रक्रिया की शुचिता और निष्पक्षता पर गंभीर आरोप लगाए।
कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. संजय कुमार धरने पर बैठे
विवाद की शुरुआत उस वक्त हुई जब विभिन्न दलों के मतगणना एजेंट और प्रत्याशी हॉल के अंदर पहुंचे। पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस के प्रत्याशी डॉ. संजय कुमार ने आरोप लगाया कि मतगणना कक्ष में टेबल तो लगाई गई हैं, लेकिन मतगणना की निगरानी के लिए कोई सीसीटीवी कैमरा मौजूद नहीं है। उन्होंने इसे मतगणना में पारदर्शिता के अभाव और धांधली की खुली कोशिश करार देते हुए हॉल के भीतर ही अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। हालांकि, बाद में जिला निर्वाचन अधिकारी व डीएम की मान-मनौव्वल और प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद वे धरने से उठे, किंतु प्रक्रिया पर उनका विरोध जारी रहा।
राजद प्रत्याशी ने मुख्य चुनाव आयुक्त को लिखा पत्र
पटना शिक्षक सीट से ही चुनाव लड़ रहे राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के उम्मीदवार डॉ. संजीव कुमार सिंह ने मतगणना हॉल में सीसीटीवी न होने को लेकर भारत निर्वाचन आयोग (ECI) और बिहार के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को आपात पत्र भेजकर तत्काल कैमरे लगाने की मांग की। राजद प्रत्याशी ने तीखे सवाल खड़े करते हुए कहा, "देश में जब लोकसभा, विधानसभा, नगर निकाय और यहां तक कि ग्राम पंचायत के वार्ड सदस्य व मुखिया चुनाव की मतगणना में भी सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य होते हैं, तो फिर इतने महत्वपूर्ण एमएलसी चुनाव में कैमरों से परहेज क्यों किया जा रहा है? हॉल में वायरिंग और केबल पहले से मौजूद हैं, फिर भी कैमरे न लगाना प्रशासन को सीधे संदेह के घेरे में खड़ा करता है।" राजद ने आरोप लगाया कि आयोग विपक्षी मतों को खारिज करने की मंशा से वीडियोग्राफी व लाइव निगरानी से बच रहा है।
जन सुराज पार्टी ने भी उठाए व्यवस्था पर सवाल
पटना स्नातक सीट से चुनाव लड़ रहे जन सुराज समर्थित प्रत्याशी डॉ. अनुज सिंह और शिक्षक सीट की उम्मीदवार दिव्या ज्योति ने भी मतगणना कक्ष की स्थिति को लेकर कड़ा ऐतराज जताया। अनुज सिंह ने कहा कि बाहर सुरक्षा के दिखावे के लिए सब कुछ ठीक दिखाया जा रहा है, लेकिन जहां वास्तविक मतपत्रों की गिनती हो रही है, वहां न तो कैमरे हैं और न ही न्यूनतम स्वच्छता का ध्यान रखा गया है। उन्होंने कहा कि मतगणना एजेंटों के बैठने के स्थान तक पर अव्यवस्था का माहौल है, जिसके खिलाफ वे चुनाव आयोग को ईमेल के जरिए औपचारिक शिकायत भेज रहे हैं।
पटना के डीएम कुंदन कुमार ने दी सफाई
मतगणना केंद्र पर बढ़ते आक्रोश और हंगामे के बीच पटना के जिलाधिकारी सह निर्वाची पदाधिकारी कुंदन कुमार ने मोर्चा संभाला। उन्होंने स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि मतगणना केंद्र पर सभी तैयारियां भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) और दिशा-निर्देशों के शत-प्रतिशत अनुपालन में की गई हैं। डीएम ने स्पष्ट किया कि निर्वाचन आयोग के मौजूदा प्रोटोकॉल के तहत इस विशिष्ट चुनाव के लिए मतगणना हॉल के आंतरिक परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाने का कोई अनिवार्य प्रावधान नहीं था, बल्कि समग्र प्रक्रिया की अधिकृत वीडियोग्राफी कराई जा रही है। उन्होंने सभी उम्मीदवारों से शांति बनाए रखने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर विश्वास रखने की अपील की।
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