US Action on China - कन्फ्यूशियस इंस्टीट्यूट्स को अमेरिका ने बताया राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा, बंद करने की तैयारी

अमेरिकी रक्षा विभाग (पेंटागन) ने चीनी फंडिंग से चलने वाले कन्फ्यूशियस इंस्टीट्यूट्स को देश की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा घोषित कर बंद करने की तैयारी शुरू की है।

Oct 24, 2026 - 17:41
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US Action on China - कन्फ्यूशियस इंस्टीट्यूट्स को अमेरिका ने बताया राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा, बंद करने की तैयारी
  • Pentagon Targets Chinese Centers - अमेरिकी विश्वविद्यालयों में चल रहे चीनी केंद्रों पर रक्षा विभाग का कड़ा रुख, प्रोपेगैंडा फैलाने का आरोप
  • US China Tensions - चीनी भाषा और संस्कृति केंद्रों पर पेंटागन का शिकंजा, रक्षा मंत्री ने की क्रमबद्ध तरीके से बंद करने की घोषणा
  • Confucius Institutes in US - अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा पर खतरा बने चीनी संस्थान, रक्षा विभाग ने शुरू की पाबंदी लगाने की प्रक्रिया

अमेरिका और चीन के बीच कूटनीतिक और रणनीतिक खींचतान के बीच वाशिंगटन ने एक बड़ा कदम उठाया है। अमेरिकी रक्षा विभाग (पेंटागन) ने देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों में संचालित 'कन्फ्यूशियस इंस्टीट्यूट्स' (Confucius Institutes) को आधिकारिक तौर पर राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सीधा खतरा घोषित कर दिया है। रक्षा विभाग का आरोप है कि सांस्कृतिक और भाषाई आदान-प्रदान के नाम पर स्थापित ये केंद्र वस्तुतः चीन के प्रोपेगैंडा और प्रभाव विस्तार के माध्यम के रूप में कार्य कर रहे हैं।

अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने इस संबंध में रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि अमेरिकी उच्च शिक्षण संस्थानों में अलग-अलग नामों से सक्रिय ऐसे दर्जनों केंद्र देश की सुरक्षा प्राथमिकताओं और बौद्धिक संपदा के लिए जोखिम पैदा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि रक्षा विभाग अब इन चीनी वित्तपोषित संस्थानों को व्यवस्थित तरीके से पूरी तरह बंद करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

  • शैक्षणिक आड़ में प्रोपेगैंडा का आरोप

कन्फ्यूशियस संस्थान मुख्य रूप से चीनी भाषा, संस्कृति, साहित्य और पारंपरिक कलाओं के अध्ययन और प्रचार-प्रसार के लिए स्थापित किए गए थे। हालांकि, अमेरिकी नीति-निर्माताओं और सुरक्षा एजेंसियों का दावा है कि ये केंद्र सीधे तौर पर बीजिंग और चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (CCP) की विचारधारा से निर्देशित होते हैं।

आरोप हैं कि इन संस्थानों के माध्यम से चीनी सरकार संवेदनशील वैश्विक मुद्दों पर अपने आधिकारिक रुख को बढ़ावा देती है और ताइवान, तिब्बत या मानवाधिकारों से जुड़े विषयों पर शैक्षणिक परिसरों के भीतर स्वतंत्र बहस को सीमित करने का प्रयास करती है। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों की रिपोर्टों में यह भी आशंका जताई गई है कि इन केंद्रों के जरिए विदेशी शोध, उन्नत तकनीकों और बौद्धिक संपदा तक अनधिकृत पहुंच हासिल करने के प्रयास किए जा सकते हैं।

  • विश्वविद्यालयों की फंडिंग और राष्ट्रीय सुरक्षा नीति

पेंटागन के इस सख्त निर्णय का सीधा प्रभाव उन अमेरिकी विश्वविद्यालयों पर पड़ेगा, जो अब तक इन केंद्रों की मेजबानी कर रहे हैं या रक्षा विभाग से जुड़े शोध अनुदान (Research Grants) प्राप्त करते हैं। अमेरिकी राष्ट्रीय रक्षा प्राधिकरण कानून (NDAA) के मौजूदा नियमों के तहत पहले से ही यह प्रावधान है कि जो विश्वविद्यालय कन्फ्यूशियस संस्थानों को अनुमति देते हैं, उन्हें रक्षा विभाग द्वारा जारी होने वाले कुछ विशेष प्रकार के रिसर्च फंड्स से वंचित किया जा सकता है। रक्षा विभाग की ताजा घोषणा के बाद अब इन केंद्रों को देश भर से पूरी तरह हटाने के लिए नियामक और प्रशासनिक घेराबंदी और सख्त कर दी गई है। हालांकि, इस मामले पर वाशिंगटन स्थित चीनी दूतावास की ओर से तत्काल कोई विस्तृत आधिकारिक टिप्पणी सामने नहीं आई है।

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