Israel Political Military Rift - चुनाव से पहले इजरायल में सैन्य नेतृत्व और नेतन्याहू आमने-सामने, संभावित ईरान अभियान पर मतभेद
इजरायल में चुनाव से ठीक पहले पीएम बेंजामिन नेतन्याहू और आईडीएफ चीफ जनरल एयाल जमीर के बीच संभावित सैन्य कार्रवाई को लेकर मतभेद सामने आए हैं। वहीं डोनाल्ड ट्रंप ने नेतन्याहू का समर्थन किया है।

- IDF Chief Demands Legal Approval - सेना प्रमुख जनरल एयाल जमीर ने मांगी लिखित कानूनी मंजूरी, ईरान पर नए सैन्य एक्शन की अटकलें तेज
- Trump Endorses Netanyahu - मतदान से ठीक पहले डोनाल्ड ट्रंप का नेतन्याहू को खुला समर्थन, इजरायली मतदाताओं से की 'योद्धा पीएम' को चुनने की अपील
- Israel Election Row - चुनाव में बढ़त के लिए ईरान मुद्दे के इस्तेमाल का आरोप, पीएम नेतन्याहू ने मतभेदों को बताया बकवास
इजरायल में आम चुनाव के मतदान से महज चौबीस घंटे पहले देश के शीर्ष राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व के बीच संभावित सैन्य कार्रवाई को लेकर गंभीर गतिरोध और मतभेद की खबरें सामने आई हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और इजरायल रक्षा बल (IDF) के चीफ ऑफ स्टाफ जनरल एयाल जमीर के बीच एक बड़े सैन्य अभियान के समय और स्वरूप को लेकर राय बंटी हुई है। कूटनीतिक और सैन्य हलकों में तेज अटकलें हैं कि यह संभावित सैन्य योजना सीधे तौर पर ईरान के खिलाफ एक नए और बड़े हमले से जुड़ी हो सकती है।
- सैन्य प्रमुख ने मांगी लिखित कानूनी मंजूरी और विस्तृत चर्चा
इजरायली मीडिया में प्रकाशित विवरण के मुताबिक, सेना प्रमुख जनरल एयाल जमीर ने प्रस्तावित सैन्य योजना को हरी झंडी देने से पहले प्रधानमंत्री नेतन्याहू से विस्तृत सामरिक चर्चा करने और कैबिनेट से स्पष्ट लिखित कानूनी मंजूरी उपलब्ध कराने की मांग की है।
सैन्य सूत्रों का तर्क है कि चुनाव के संवेदनशील मुहाने पर इस तरह का कोई भी अप्रत्याशित कदम सीधे तौर पर ईरान के साथ व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष को भड़का सकता है। ऐसे नाजुक वक्त में किसी भी त्रुटिपूर्ण निर्णय से इजरायल की सुरक्षा के लिए गंभीर जोखिम उत्पन्न हो सकता है। वहीं, कुछ अज्ञात रणनीतिक सूत्रों ने यह आशंका भी व्यक्त की है कि राजनीतिक नेतृत्व चुनाव में रणनीतिक बढ़त हासिल करने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा और ईरान के मुद्दे को आगे बढ़ा सकता है।
- नेतन्याहू ने आरोपों को बताया निराधार, ईरानी शासन पर कड़े तेवर
'टाइम्स ऑफ इजरायल' की रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने एक हालिया साक्षात्कार में सेना और अपने बीच किसी भी तरह के मतभेद या राजनीतिक लाभ के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें 'बकवास' बताया। हालांकि, इससे पूर्व एक टेलीविज़न संबोधन में नेतन्याहू ने स्पष्ट संकेत दिए थे कि उन्होंने आईडीएफ और खुफिया एजेंसी मोसाद को ईरानी शासन को कमजोर करने और उसे सत्ता से बेदखल करने की दिशा में ठोस रणनीतिक तैयारी के निर्देश जारी किए हैं।
- डोनाल्ड ट्रंप ने किया नेतन्याहू का खुला समर्थन
इस आंतरिक राजनीतिक और सैन्य खींचतान के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर खुलकर बेंजामिन नेतन्याहू की ढाल बनकर सामने आए हैं। ट्रंप ने इजरायली जनता से आगामी मतदान में नेतन्याहू के पक्ष में वोट करने का खुला आह्वान किया।
अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर ट्रंप ने लिखा कि वे इजरायल के लोगों के लिए वह समर्थन पत्र फिर से साझा कर रहे हैं जो उन्होंने एक सप्ताह पूर्व प्रधानमंत्री नेतन्याहू को भेजा था। ट्रंप ने रेखांकित किया कि उनके और बीबी (नेतन्याहू) के बीच असाधारण तालमेल रहा है और दोनों ने मिलकर बड़ी जीतें हासिल की हैं। ट्रंप ने मतदाताओं से कहा कि पोलिंग बूथ पर जाते समय वे यह याद रखें कि बीबी नेतन्याहू एक असाधारण 'योद्धा प्रधानमंत्री' (War Prime Minister) रहे हैं।
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