UP: गाजीपुर में पत्नी की प्रेमी से जबरन शादी, ससुराल वालों और ग्रामीणों पर मारपीट व उत्पीड़न का आरोप।
गाजीपुर जिले के करंडा थाना क्षेत्र के जमुआव गांव में 20 जून 2025 को एक ऐसी घटना सामने आई, जिसने न केवल स्थानीय लोगों को चौंका ...
उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के करंडा थाना क्षेत्र के जमुआव गांव में 20 जून 2025 को एक ऐसी घटना सामने आई, जिसने न केवल स्थानीय लोगों को चौंका दिया, बल्कि सोशल मीडिया पर भी तहलका मचा दिया। एक विवाहिता को उसके प्रेमी के साथ रंगे हाथ पकड़े जाने के बाद, पति और ससुराल वालों ने दोनों को बंधक बनाकर उनकी शादी एक मंदिर में करवा दी। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद मामला और जटिल हो गया। विवाहिता ने अपने पति, ससुराल वालों, और कुछ ग्रामीणों के खिलाफ मारपीट, बंधक बनाने, और छेड़छाड़ का मुकदमा दर्ज कराया है।
20 जून 2025 की रात, गाजीपुर के जमुआव गांव में एक विवाहिता को उसके प्रेमी के साथ खेत में रंगे हाथ पकड़ा गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह घटना तब सामने आई जब पति रोहित और उसके परिवार वालों को पड़ोसियों ने सूचना दी कि उनकी पत्नी एक अन्य पुरुष, पिंटू, के साथ खेत में है। रोहित और उसके परिवार ने मौके पर पहुंचकर दोनों को पकड़ लिया और उन्हें बंधक बना लिया। ग्रामीणों की भीड़ भी इस घटना में शामिल हो गई, और दोनों को कथित तौर पर मारपीट का सामना करना पड़ा। इसके बाद, पति और ससुराल वालों ने एक स्थानीय मंदिर, बुढ़ऊ बाबा मंदिर, में विवाहिता और उसके प्रेमी की शादी करवा दी। इस शादी का वीडियो किसी ग्रामीण ने रिकॉर्ड कर लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में दिख रहा है कि विवाहिता और उसका प्रेमी मंदिर में बैठे हैं, और कुछ लोग उनकी शादी की रस्में पूरी करवा रहे हैं। इस दौरान विवाहिता का चेहरा तनावग्रस्त और डरा हुआ दिख रहा था।
हालांकि, कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। शादी के बाद, विवाहिता ने अपने पति, सास, ससुर, ननद, देवर, और पांच अन्य ग्रामीणों सहित कुल दस लोगों के खिलाफ करंडा थाने में शिकायत दर्ज की। उसने आरोप लगाया कि उसे और उसके प्रेमी को जबरन बंधक बनाया गया, मारपीट की गई, और छेड़छाड़ की गई। उसने यह भी कहा कि उसकी सहमति के बिना उसकी शादी करवाई गई, जिससे उसकी बेइज्जती हुई। रिपोर्ट्स के अनुसार, विवाहिता की शादी रोहित से 2023 में हुई थी। शादी के बाद, दंपति नोएडा चला गया, जहां रोहित एक निजी कंपनी में काम करता था। यहीं पर रोहित का सहकर्मी पिंटू, जो पास के गांव का रहने वाला था, उनके घर आने-जाने लगा। समय के साथ पिंटू और रोहित की पत्नी के बीच प्रेम संबंध विकसित हो गए। रोहित ने दावा किया कि उसने कई बार अपनी पत्नी और पिंटू को आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ा था, और पिंटू ने उसे चुप रहने की धमकी भी दी थी। हाल ही में, रोहित और उसकी पत्नी अपने पैतृक गांव जमुआव लौटे थे, और पिंटू भी वहां पहुंच गया। स्थानीय लोगों ने जब पत्नी और पिंटू को खेत में एक साथ देखा, तो उन्होंने रोहित और उसके परिवार को सूचित किया। इसके बाद जो हुआ, वह एक सामाजिक और कानूनी विवाद का कारण बन गया।
करंडा थाने के प्रभारी ने बताया कि विवाहिता की शिकायत पर भारतीय दंड संहिता (BNS) की धारा 115(2) (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 351(3) (आपराधिक धमकी), और अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है, और यह स्पष्ट किया गया है कि जब तक विवाहिता अपने पहले पति से कानूनी रूप से तलाक नहीं लेती, तब तक मंदिर में करवाई गई शादी को वैध नहीं माना जा सकता।कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि इस मामले में कई जटिलताएं हैं। पहला, विवाहिता के प्रेम संबंधों की वजह से पति और ससुराल वालों ने जो कदम उठाया, वह कानूनन गलत है। किसी को बंधक बनाना, मारपीट करना, या जबरन शादी करवाना गंभीर अपराध हैं। दूसरा, विवाहिता का अपने ससुराल वालों और ग्रामीणों पर छेड़छाड़ और उत्पीड़न का आरोप भी गंभीर है, जिसकी जांच जरूरी है। तीसरा, यह मामला सामाजिक पंचायतों और ग्रामीण परंपराओं के दुरुपयोग को भी उजागर करता है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ यूजर्स ने इस घटना को मजेदार बताते हुए मीम्स बनाए, जैसे, "गाजीपुर में नया रूल: प्रेमी के साथ पकड़े गए, तो मंदिर में शादी!" वहीं, कुछ यूजर्स ने इस घटना को गंभीर बताते हुए सामाजिक और कानूनी व्यवस्था पर सवाल उठाए। एक यूजर ने लिखा, "यह कोई हंसी का मामला नहीं है। जबरन शादी करवाना और मारपीट करना अपराध है।"
कई लोगों ने विवाहिता के प्रेम संबंधों पर टिप्पणी की, जबकि कुछ ने पति और ससुराल वालों के व्यवहार की आलोचना की। इस घटना ने ग्रामीण भारत में पंचायतों की भूमिका और महिलाओं के अधिकारों पर भी बहस छेड़ दी है। यह घटना कई सामाजिक और नैतिक सवाल उठाती है। पहला, क्या पति और ससुराल वालों को यह अधिकार था कि वे विवाहिता और उसके प्रेमी को बंधक बनाकर उनकी शादी करवाएं? दूसरा, क्या ग्रामीणों की भीड़ को इस तरह के मामले में हस्तक्षेप करने का हक है? तीसरा, विवाहिता के प्रेम संबंधों को समाज में किस तरह देखा जाना चाहिए? भारत में प्रेम संबंध और विवाहेतर संबंध अभी भी सामाजिक रूप से संवेदनशील मुद्दे हैं। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में, ऐसे मामलों को अक्सर सामुदायिक पंचायतों के जरिए सुलझाने की कोशिश की जाती है, जो कई बार कानून का उल्लंघन करती हैं। इस मामले में, विवाहिता ने अपने ससुराल वालों पर जो आरोप लगाए हैं, वे गंभीर हैं और इनकी निष्पक्ष जांच जरूरी है। गाजीपुर के जमुआव गांव में हुई यह घटना एक जटिल सामाजिक और कानूनी मामले का उदाहरण है। पति और ससुराल वालों द्वारा पत्नी की प्रेमी से जबरन शादी करवाना न केवल कानूनन गलत है, बल्कि यह मानवीय अधिकारों का भी उल्लंघन है। दूसरी ओर, विवाहिता के प्रेम संबंध और उसके बाद ससुराल वालों पर लगाए गए आरोप इस मामले को और उलझा रहे हैं।
वायरल विडियो - https://youtube.com/shorts/-eVkDFG-BfY?si=US1zE7Tv3OIPK3ss
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