लखनऊ में सनसनी: घर के अंदर बुजुर्ग मां-बेटे के शव पालतू कुत्ते के साथ मिले, लाखों के जेवर गायब होने का शक, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार।
लखनऊ के रविंद्रपल्ली इलाके में एक दिल दहला देने वाली घटना घटी, जहां एक घर के अंदर बुजुर्ग मां बेला चक्रवर्ती (90 वर्ष) और उनके
- रविंद्रपल्ली इलाके में दहशत: बेला और असीम चक्रवर्ती की मौत का रहस्य, पुलिस जांच तेज
लखनऊ के रविंद्रपल्ली इलाके में एक दिल दहला देने वाली घटना घटी, जहां एक घर के अंदर बुजुर्ग मां बेला चक्रवर्ती (90 वर्ष) और उनके बेटे असीम चक्रवर्ती (65 वर्ष) के शव मिले। यह घटना 23 अगस्त 2025 को शाम के समय सामने आई, जब पड़ोसियों ने घर से कोई हलचल न होने पर पुलिस को सूचना दी। गाजीपुर थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दरवाजा तोड़ा और अंदर जाकर देखा तो बेला का शव ड्राइंग रूम के सोफे पर पड़ा था, जबकि असीम का शव गेट के पास पोर्टिको में था। घर में उनका पालतू कुत्ता टोजो (जर्मन शेफर्ड) भी था, जो किसी को करीब आने नहीं दे रहा था और लगातार भौंक रहा था। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से कुत्ते को काबू में किया और शवों को कब्जे में लिया। घटना की सूचना मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई और लोग घर के बाहर जमा हो गए। पुलिस ने तुरंत फील्ड यूनिट को बुलाया और मौके का निरीक्षण किया। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया, ताकि मौत का कारण पता लगाया जा सके। अपडेट्स के अनुसार, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट अभी नहीं आई है, लेकिन प्रारंभिक जांच में कोई स्पष्ट चोट के निशान नहीं मिले हैं, फिर भी हालात संदिग्ध बताए जा रहे हैं। परिवार के सदस्यों की कमी और घर की स्थिति ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
घटना की जांच में पुलिस ने पाया कि मां-बेटे घर में अकेले रहते थे और उनका कोई करीबी रिश्तेदार नहीं था। बेला चक्रवर्ती के पति का कई साल पहले देहांत हो चुका था, और असीम की पत्नी चंद्ररानी का भी दो साल पहले निधन हो गया था। परिवार में दो बेटे अमित और रंजीत थे, लेकिन उनकी मौत हो चुकी है। पुलिस को घटना की जानकारी पड़ोसियों से मिली, जो बताते हैं कि घर से एक दिन से कोई आवाज नहीं आ रही थी। पड़ोसियों ने पुलिस को बताया कि असीम और बेला बहुत शांत स्वभाव के थे और ज्यादा लोगों से मिलते-जुलते नहीं थे। घर में कुत्ता होने की वजह से कोई आसानी से अंदर नहीं आता था। पुलिस ने घर की तलाशी ली और पाया कि अलमारी खुली हुई थी और उसका सामान बिखरा पड़ा था। सोफे पर भी कपड़े बिखरे थे, जो सामान्य नहीं लग रहा था। अपडेट्स से पता चलता है कि पुलिस ने फोरेंसिक टीम को बुलाकर फिंगरप्रिंट्स और अन्य सबूत इकट्ठा किए हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि घर में लाखों के जेवरात और कीमती सामान था, जो बेला का पुश्तैनी था और चंद्ररानी का भी। लेकिन घटना के बाद ये जेवरात गायब होने का शक जताया जा रहा है, जिससे मौत को हत्या का रूप देने की आशंका बढ़ गई है।
पुलिस की जांच में कई संदिग्ध बिंदु सामने आए हैं, जैसे कि घर का दरवाजा अंदर से बंद था, लेकिन कोई जबरदस्ती के निशान नहीं थे। कुत्ता घर के अंदर था और वह किसी अजनबी पर हमला करता था, फिर भी अगर कोई बाहरी व्यक्ति आया होता तो कुत्ते की प्रतिक्रिया होती। पुलिस ने पड़ोसियों से पूछताछ की और पता चला कि असीम कभी-कभी घर से बाहर जाता था, लेकिन बेला घर से नहीं निकलती थी। अपडेट्स के अनुसार, पुलिस ने एक व्यक्ति अनिल बनर्जी को पूछताछ के लिए बुलाया, जो खुद को बेला की बहू चंद्ररानी का भाई बताता है। लेकिन उसका बयान असंगत था और वह मृतकों का नाम सही से नहीं बता सका। पुलिस को शक है कि वह जेवरात या प्रॉपर्टी के लिए दावा करने आया हो। अनिल ने पुलिस को बताया कि चंद्ररानी की मौत के बाद कोई संपर्क नहीं था, लेकिन घर में जेवरात थे। पुलिस ने उसे हिरासत में लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच में बैंक अकाउंट्स और प्रॉपर्टी दस्तावेजों की जांच की जा रही है, ताकि कोई आर्थिक विवाद का पता लगाया जा सके।
घटना की मुख्य जानकारी
मृतक: बेला चक्रवर्ती (90 वर्ष), असीम चक्रवर्ती (65 वर्ष) स्थान: घर संख्या 96, रविंद्रपल्ली, गाजीपुर थाना क्षेत्र, लखनऊ खोज: पड़ोसियों की सूचना पर पुलिस ने दरवाजा तोड़ा शव की स्थिति: बेला सोफे पर, असीम गेट के पास संदिग्ध बिंदु: अलमारी बिखरी, जेवरात गायब का शक, घर अंदर से बंद पालतू: जर्मन शेफर्ड कुत्ता टोजो, जिसे एनजीओ ने बचाया जांच: पोस्टमॉर्टम, फोरेंसिक, रिश्तेदारों से पूछताछ
इस घटना ने लखनऊ में अपराध और संदिग्ध मौतों के मामलों पर एक बार फिर ध्यान केंद्रित किया है। शहर में हाल के महीनों में कई ऐसी घटनाएं हुई हैं, जहां बुजुर्ग लोग अकेले रहते हैं और उनकी मौत संदिग्ध हालात में होती है। पुलिस का कहना है कि बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं, लेकिन ऐसी घटनाएं चुनौती बनी हुई हैं। अपडेट्स से पता चलता है कि पुलिस ने इलाके में सीसीटीवी कैमरे चेक किए हैं और कोई संदिग्ध व्यक्ति नजर नहीं आया है। फिर भी, घर में बिखरा सामान और गायब जेवरात पुलिस को हत्या की ओर इशारा कर रहे हैं। पुलिस ने कहा है कि यदि पोस्टमॉर्टम में जहर या अन्य अस्वाभाविक कारण पाया गया तो मामला हत्या का दर्ज किया जाएगा। फिलहाल, शवों का अंतिम संस्कार रुका हुआ है, क्योंकि कोई रिश्तेदार शव लेने नहीं आया है। अनिल बनर्जी ने शव लेने से मना कर दिया है, कहते हुए कि वह केवल सूचना देने आया था। पुलिस ने सामाजिक संगठनों से संपर्क किया है ताकि अंतिम संस्कार किया जा सके।
घटना की जांच में पुलिस ने परिवार की पृष्ठभूमि खंगाली है और पता चला कि बेला चक्रवर्ती का परिवार मूल रूप से बंगाली था और वे लखनऊ में लंबे समय से रह रहे थे। असीम किसी कंपनी में काम करते थे, लेकिन रिटायरमेंट के बाद घर पर रहते थे। उनके कोई करीबी दोस्त या रिश्तेदार नहीं थे, जो उनकी मौत को और रहस्यमय बनाता है। अपडेट्स के अनुसार, पुलिस ने घर से मिले दस्तावेजों की जांच की है और बैंक लॉकर की जानकारी ले रही है। यदि जेवरात लॉकर में हैं तो संदेह कम होगा, लेकिन यदि घर में थे तो चोरी या लूट का मामला बन सकता है। पड़ोसियों ने बताया कि घर में कभी कोई मेहमान नहीं आता था और मां-बेटे बहुत एकांतप्रिय थे। कुत्ते की वजह से कोई अजनबी करीब नहीं फटकता था। पुलिस का मानना है कि यदि हत्या हुई है तो कोई परिचित व्यक्ति शामिल हो सकता है, क्योंकि कुत्ता अजनबियों पर हमला करता था। जांच में मोबाइल कॉल रिकॉर्ड्स और बैंक ट्रांजेक्शन की जांच की जा रही है।
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