बेंगलुरु- चिन्नास्वामी स्टेडियम को बड़ी भीड़ के लिए असुरक्षित घोषित, महिला विश्व कप और IPL पर खतरा।
Bengaluru News: बेंगलुरु का एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम, जो भारत के मशहूर क्रिकेट मैदानों में से एक है, को जॉन माइकल डी’कुन्हा आयोग ने बड़ी भीड़ के लिए ...
बेंगलुरु का एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम, जो भारत के मशहूर क्रिकेट मैदानों में से एक है, को जॉन माइकल डी’कुन्हा आयोग ने बड़ी भीड़ के लिए “अनुपयुक्त और असुरक्षित” बताया है। कर्नाटक सरकार द्वारा नियुक्त इस आयोग ने 4 जून 2025 को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की IPL जीत के जश्न के दौरान हुई भगदड़ की जाँच की थी, जिसमें 11 लोगों की मौत और 50 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। आयोग की रिपोर्ट में स्टेडियम की डिजाइन और संरचना को बड़ी भीड़ के लिए खतरनाक बताया गया। इससे स्टेडियम में होने वाले बड़े आयोजनों, जैसे ICC महिला विश्व कप 2025 और IPL 2026, पर सवाल उठ गए हैं।
- भगदड़ की घटना
4 जून 2025 को बेंगलुरु में RCB की पहली IPL जीत के जश्न के लिए चिन्नास्वामी स्टेडियम के आसपास लाखों लोग जमा हुए। आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 3 लाख लोग आए, जबकि स्टेडियम की क्षमता केवल 32,000 है। RCB ने एक विजय परेड का आयोजन किया था, और कर्नाटक सरकार ने भी विदhana सौधा में एक समारोह रखा। लेकिन भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं थे।
इस भगदड़ में 11 लोग मारे गए, और 50 से ज्यादा घायल हुए। गेट नंबर 7, 6, 1 और 17-21 के बीच कई लोग कुचल गए। आयोग ने पाया कि स्टेडियम के प्रवेश और निकास द्वार संकरे थे, जो सड़क पर खुलते थे। भीड़ के लिए अलग से इंतजाम नहीं थे, जिससे लोग सड़कों पर जमा हो गए। पुलिस की संख्या भी कम थी—केवल 79 जवान स्टेडियम के अंदर थे, और बाहर कोई तैनात नहीं था।
5 जून 2025 को कर्नाटक हाई कोर्ट ने इस घटना का स्वतः संज्ञान लिया और सरकार से जाँच के आदेश दिए। कर्नाटक सरकार ने जॉन माइकल डी’कुन्हा की अगुआई में एक आयोग बनाया, जिसने एक महीने में अपनी रिपोर्ट दी। सरकार ने 24 जुलाई 2025 को इस रिपोर्ट को मंजूर कर लिया और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का फैसला किया।
- आयोग की मुख्य सिफारिशें
जॉन माइकल डी’कुन्हा आयोग ने अपनी रिपोर्ट में कई खामियाँ बताईं और सुझाव दिए:
स्टेडियम की संरचना: 1974 में बना चिन्नास्वामी स्टेडियम बड़ी भीड़ के लिए उपयुक्त नहीं है। इसके प्रवेश और निकास द्वार सड़कों पर खुलते हैं, जिससे पैदल और वाहनों की आवाजाही बाधित होती है। भीड़ के लिए अलग से जगह नहीं है।
सुरक्षा की कमी: स्टेडियम में आपातकालीन निकास योजना नहीं है। पर्याप्त प्रवेश-निकास द्वार, पार्किंग, और सार्वजनिक परिवहन से जुड़ाव की कमी है।
सुझाव: आयोग ने सिफारिश की कि बड़े आयोजनों को ऐसे स्थानों पर ले जाया जाए, जो अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों को पूरा करते हों। जब तक स्टेडियम में सुधार नहीं होते, वहाँ बड़े आयोजन नहीं होने चाहिए।
कानूनी कार्रवाई: आयोग ने RCB, कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (KSCA), डीएनए एंटरटेनमेंट, और पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की। इसमें KSCA अध्यक्ष रघुराम भट, पूर्व सचिव ए. शंकर, पूर्व कोषाध्यक्ष ईएस जयराम, RCB उपाध्यक्ष राजेश मेनन, और डीएनए के प्रबंध निदेशक टी. वेंकट वर्धन और उपाध्यक्ष सुनील माथुर शामिल हैं।
- जिम्मेदार लोगों और संगठनों पर आरोप
आयोग ने भगदड़ के लिए कई पक्षों को जिम्मेदार ठहराया:
RCB: आयोग ने कहा कि RCB ने पुलिस की मंजूरी के बिना और भीड़ की चुनौतियों को जानते हुए आयोजन किया। सोशल मीडिया पर मुफ्त प्रवेश की घोषणा और विराट कोहली का वीडियो संदेश भीड़ को आकर्षित करने का कारण बना।
KSCA: स्टेडियम का प्रबंधन करने वाली KSCA ने स्टेडियम की सीमाओं को नजरअंदाज किया और आयोजन की अनुमति दी।
डीएनए एंटरटेनमेंट: इस इवेंट कंपनी ने जरूरी मंजूरी नहीं ली और आयोजन को गलत तरीके से प्रबंधित किया।
पुलिस: बेंगलुरु पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी बी. दयानंद, विकास कुमार, शेखर एचटी, सी. बालकृष्ण, और एके गिरीश पर लापरवाही का आरोप है। इन सभी को मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने हटा दिया था।
चिन्नास्वामी स्टेडियम में सितंबर-नवंबर 2025 में ICC महिला विश्व कप का शुरुआती मैच, एक सेमीफाइनल, और फाइनल होना है। साथ ही, 2026 में IPL और महिला प्रीमियर लीग के मैच भी प्रस्तावित हैं। लेकिन आयोग की रिपोर्ट ने इन आयोजनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। KSCA ने पहले ही फैसला किया है कि 11 अगस्त 2025 से शुरू होने वाला महाराजा ट्रॉफी T20 टूर्नामेंट दर्शकों के बिना खेला जाएगा।
आयोग ने सुझाव दिया कि स्टेडियम में बड़े सुधार होने तक यहाँ बड़े आयोजन नहीं होने चाहिए। इसमें अधिक प्रवेश-निकास द्वार, आपातकालीन योजनाएँ, और पार्किंग की सुविधाएँ शामिल हैं। अगर सरकार इन सिफारिशों को लागू करती है, तो चिन्नास्वामी में बड़े क्रिकेट मैचों का आयोजन मुश्किल हो सकता है।
डीएनए एंटरटेनमेंट ने आयोग की रिपोर्ट को कर्नाटक हाई कोर्ट में चुनौती दी है। कंपनी ने दावा किया कि रिपोर्ट पक्षपातपूर्ण है और इसे रद्द किया जाना चाहिए। KSCA ने भी कोर्ट में कहा कि उनके खिलाफ पहले से तीन FIR दर्ज हैं, और नई कार्रवाई अनुचित होगी। कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई 28 जुलाई 2025 के लिए तय की है।
सोशल मीडिया पर लोगों ने इस घटना पर दुख और गुस्सा जाहिर किया। एक एक्स यूजर ने लिखा, “चिन्नास्वामी जैसे मशहूर स्टेडियम में ऐसी लापरवाही शर्मनाक है। लोगों की जान की कीमत पर जश्न नहीं होना चाहिए।” दूसरों ने माँग की कि सरकार और BCCI को स्टेडियमों की सुरक्षा पर ध्यान देना चाहिए।
कर्नाटक सरकार ने आयोग की सिफारिशों को स्वीकार कर लिया है और अगली कैबिनेट बैठक में इन पर फैसला होगा। कानून मंत्री एचके पाटिल ने कहा, “हम RCB, KSCA, डीएनए, और जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे।” सरकार ने मृतकों के परिवारों को 10 लाख रुपये और KSCA ने 5 लाख रुपये की सहायता राशि देने का वादा किया है।
KSCA ने कहा कि वे महाराजा ट्रॉफी को दर्शकों के बिना खेलेंगे और भविष्य में सुरक्षा बढ़ाएँगे। लेकिन स्टेडियम में बड़े बदलाव करना एक लंबी और महँगी प्रक्रिया होगी।
चिन्नास्वामी स्टेडियम में हुई भगदड़ ने स्टेडियम की सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की खामियों को सामने ला दिया। जॉन माइकल डी’कुन्हा आयोग ने स्पष्ट किया कि स्टेडियम की पुरानी डिजाइन और अपर्याप्त सुविधाएँ इसे बड़ी भीड़ के लिए असुरक्षित बनाती हैं। इसने महिला विश्व कप 2025 और IPL 2026 जैसे बड़े आयोजनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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