तमिलनाडु में दिल दहला देने वाली घटना: सत्यमंगलम टाइगर रिजर्व में 2 साल की मादा हाथी के बच्चे ने देसी बम निगला, मौत हुई, पोस्टमॉर्टम से पुष्टि, किसान कलिमुथु गिरफ्तार।
तमिलनाडु के इरोड जिले में सत्यमंगलम टाइगर रिजर्व के अंदर एक 2 साल की मादा हाथी के बच्चे की मौत हो गई। मौत का कारण देसी बम निगलना था जिसकी
तमिलनाडु के इरोड जिले में सत्यमंगलम टाइगर रिजर्व के अंदर एक 2 साल की मादा हाथी के बच्चे की मौत हो गई। मौत का कारण देसी बम निगलना था जिसकी पुष्टि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से हुई। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि गश्त के दौरान वनकर्मियों को हाथी के बच्चे का शव मिला जिसमें सूंड और मुंह पर खून बहने वाली चोटें थीं। पशु चिकित्सक ने पोस्टमॉर्टम किया और मौत का कारण देसी बम का सेवन पाया गया।
यह घटना 12 जनवरी 2026 को सामने आई जब वन अधिकारियों ने हाथी के बच्चे का शव देखा। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि बम मुंह में फटने से घातक चोटें आईं जिससे मौत हुई। वन विभाग ने जांच शुरू की और शक जताया कि बम किसी शिकारी या किसान ने फेंका होगा जो खेतों में हाथियों के घुसने से रोकना चाहता था। जांच के बाद इलाके के एक किसान कलिमुथु उम्र 43 वर्ष को गिरफ्तार कर लिया गया।
वन अधिकारियों के अनुसार यह बम खेतों की फसलों को हाथियों से बचाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। किसान या शिकारी ऐसे बम फेंकते हैं ताकि जंगली जानवर खेतों में न आएं। हाथी के बच्चे ने इसे खा लिया और बम मुंह में फट गया जिससे सूंड और मुंह में गंभीर चोटें आईं। मौत के बाद शव को मौके पर ही दफनाया गया।
यह घटना मानव-वन्यजीव संघर्ष को दर्शाती है जहां किसान फसलों की सुरक्षा के लिए ऐसे खतरनाक तरीके अपनाते हैं। सत्यमंगलम टाइगर रिजर्व में हाथियों की मौजूदगी ज्यादा है और आसपास के इलाकों में कृषि भूमि होने से ऐसी घटनाएं होती रहती हैं। वन विभाग ने मामले की गहन जांच की और किसान को गिरफ्तार किया।
पोस्टमॉर्टम के दौरान पाया गया कि बम के विस्फोट से मुंह और सूंड में घाव थे जिससे जानवर को भोजन करने में असमर्थता हुई और मौत हो गई। वन अधिकारी ने कहा कि बम देसी बना हुआ था जो आमतौर पर शिकार या फसल सुरक्षा के लिए इस्तेमाल होता है। गिरफ्तार किसान कलिमुथु स्थानीय निवासी है और जांच में उसका नाम सामने आया। यह घटना तमिलनाडु में हाथियों की मौत के सिलसिले में एक और उदाहरण है जहां मानव गतिविधियां जंगली जानवरों के लिए खतरा बन रही हैं। वन विभाग ने कहा कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जागरूकता जरूरी है और किसानों को वैकल्पिक तरीकों से फसल सुरक्षा करनी चाहिए। हाथी के बच्चे की मौत से इलाके में शोक की लहर है। सत्यमंगलम टाइगर रिजर्व इरोड जिले में स्थित है और यहां हाथियों का बड़ा आवास है। आसपास के गांवों में किसान अक्सर हाथियों से फसल नुकसान की शिकायत करते हैं। इस घटना में बम का इस्तेमाल फसल सुरक्षा के लिए किया गया था लेकिन इसका नतीजा हाथी के बच्चे की मौत हुआ। वन विभाग ने किसान की गिरफ्तारी के बाद आगे की कार्रवाई शुरू की है।
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