Stock Market Opening Today: लाल निशान पर खुला शेयर बाजार, सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट; Titan, Reliance और ICICI Bank के शेयर फिसले

Share Market Today 13 August 2026: भारतीय शेयर बाजार लगातार तीसरे दिन लाल निशान पर खुला। सेंसेक्स 150 अंक से अधिक लुढ़ककर 77,786 के स्तर पर आया। रिलायंस और टाइटन में बिकवाली जारी।

Aug 13, 2026 - 12:05
 0  1
Stock Market Opening Today: लाल निशान पर खुला शेयर बाजार, सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट; Titan, Reliance और ICICI Bank के शेयर फिसले
  • शेयर बाजार में लगातार तीसरे दिन मंदी! शुरुआती कारोबार में 150 अंक लुढ़का सेंसेक्स, रिलायंस और टाइटन के शेयरों में भारी गिरावट
  • Stock Market Open Today: भारतीय शेयर बाजार में लगातार तीसरे दिन गिरावट, सेंसेक्स 150 से अधिक अंक फिसला, निफ्टी 24,350 के पास

भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार, 13 अगस्त 2026 को लगातार तीसरे दिन मंदी और बिकवाली का रुख देखा जा रहा है। द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक, वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेतों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की ऊंची दरों के बीच बंबई स्टॉक एक्सचेंज का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स (Sensex) शुरुआती कारोबार में 150 अंक से ज्यादा लुढ़ककर 77,786 के स्तर पर आ गया। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी (Nifty 50) भी दबाव में आकर 24,350 के आसपास कारोबार करता दिखा। शुरुआती बाजार में रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाइटन कंपनी, अल्ट्राटेक सीमेंट और आईसीआईसीआई बैंक जैसे दिग्गज शेयरों में तेज गिरावट दर्ज की गई। भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के कारण निवेशकों में सतर्कता का माहौल बना हुआ है।

13 अगस्त 2026 को भारतीय इक्विटी बाजारों की शुरुआत निराशाजनक रही। बीते दो कारोबारी सत्रों की गिरावट के सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए घरेलू बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी एक बार फिर लाल निशान में खुले। द हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार, 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स शुरुआती सत्र में 172.48 अंक गिरकर 77,786.41 पर पहुंच गया, जबकि एनएससी का निफ्टी 50 सूचकांक 90.35 अंक टूटकर 24,343.50 के स्तर पर फिसल गया।

बाजार की इस सुस्ती का मुख्य कारण वैश्विक ऊर्जा बाजारों में अनिश्चितता और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के चलते कच्चे तेल (Crude Oil) की ऊंची कीमतें हैं। इसके अतिरिक्त विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की ओर से हो रही लगातार बिकवाली ने भी भारतीय शेयरों पर दबाव बढ़ा दिया है।

बुधवार के कारोबारी सत्र में भी सेंसेक्स 187.90 अंक घटकर 77,966.35 और निफ्टी 35.75 अंक टूटकर 24,435.95 पर बंद हुआ था। गुरुवार सुबह जब बाजार खुला तो गिफ्ट निफ्टी (GIFT Nifty) से ही सुस्त शुरुआत के संकेत मिल रहे थे। बाजार खुलते ही बड़े और हैवीवेट शेयरों में मुनाफावसूली का दौर शुरू हो गया।

सेंसेक्स के 30 प्रमुख शेयरों में से टाइटन कंपनी (Titan) और देश की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) के शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली देखने को मिली। इसके साथ ही अल्ट्राटेक सीमेंट, आईसीआईसीआई बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक और इंफोसिस जैसी दिग्गज दिग्गज कंपनियों के शेयर भी लाल निशान में कारोबार करते पाए गए। हालांकि, इस भारी बिकवाली के बावजूद इंडिगो (InterGlobe Aviation), टेक महिंद्रा और एनटीपीसी जैसे शेयरों में हल्की खरीदारी देखी गई, जिससे इंडेक्स को निचले स्तरों पर कुछ सहारा मिला।

अंतरराष्ट्रीय मोर्चे पर बेंट क्रूड का भाव भले ही थोड़ा गिरकर 88.25 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आया हो, लेकिन होर्मुज जलडमरूमध्य क्षेत्र में बने तनाव ने ऊर्जा बाजारों में रिस्क प्रीमियम को ऊंचा बनाए रखा है। इसका सीधा असर भारत जैसे कच्चे तेल के बड़े आयातकों के घरेलू बाजार पर देखने को मिल रहा है।

बाजार विशेषज्ञों और ब्रोकरेज फर्मों का मानना है कि भारतीय बाजार में मौजूदा गिरावट वैश्विक वजहों और विदेशी फंडों की निकासी का नतीजा है। समृद्ध मनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पोनमुडी आर के अनुसार, "होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर जारी तनाव और कच्चे तेल के ऊंचे दाम घरेलू इक्विटी के लिए सबसे बड़ी चुनौती बने हुए हैं। यही कारण है कि निवेशक इस समय नया जोखिम लेने से बच रहे हैं।"

एचएसटी वेल्थ के संस्थापक और मुख्य शोध विश्लेषक हरिसेलवन राधाकृष्णन ने कहा कि अमेरिका में महंगाई के आंकड़े कुछ हद तक नियंत्रण में आने से एशियाई बाजारों (जैसे दक्षिण कोरिया का कोस्पी और जापान का निकेई) में तेजी दिखी है, लेकिन भारतीय बाजार ऊर्जा कीमतों के दबाव के कारण पूरी तरह से सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं दे पा रहे हैं।

शेयर बाजार में लगातार तीसरे दिन आई इस गिरावट से दलाल स्ट्रीट के निवेशकों को संपत्ति का नुकसान उठाना पड़ा है। विशेष रूप से रिटेल और स्मॉलकैप निवेशक, जो हालिया तेजी के भरोसे बाजार में डटे हुए थे, अब सतर्क रुख अपना रहे हैं। रिलायंस और बैंकिंग दिग्गजों के शेयरों में कमजोरी आने से निफ्टी बैंक और निफ्टी एनर्जी जैसे प्रमुख सेक्टोरल इंडेक्स भी दबाव में आ गए हैं।

लाइव मिंट की रिपोर्ट के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने पिछले कारोबारी सत्र में भी लगभग 1,002.50 करोड़ रुपये के शेयर बेचे थे। लगातार हो रही इस पूंजी निकासी का सीधा प्रभाव भारतीय रुपये की सेहत और शेयर बाजार की तरलता पर पड़ रहा है। हालांकि, व्यापक बाजार का दायरा (Market Breadth) पूरी तरह से नकारात्मक नहीं है और निचले स्तरों पर कुछ मिडकैप शेयरों में सपोर्ट देखने को मिल रहा है।

तकनीकी विश्लेषकों का मानना है कि निफ्टी के लिए 24,300 से 24,350 का स्तर बेहद महत्वपूर्ण सपोर्ट जोन है। यदि निफ्टी 24,300 के स्तर से नीचे टिकता है, तो बाजार में बिकवाली का दबाव और गहरा सकता है, जिससे सूचकांक 24,100 तक नीचे आ सकता है। वहीं ऊपर की ओर वापसी के लिए निफ्टी को 24,550-24,600 के पार मजबूती से बंद होना होगा।

सेंसेक्स के लिए 77,250 से 77,500 के बीच मजबूत सपोर्ट मौजूद है, जबकि 78,200 का स्तर तात्कालिक प्रतिरोध (Resistance) का काम करेगा। विश्लेषकों ने खुदरा निवेशकों को सलाह दी है कि जब तक कच्चे तेल की दरें पूरी तरह से स्थिर नहीं हो जातीं और एफआईआई की बिकवाली नहीं थमती, तब तक आक्रामक खरीदारी से बचें और गुणवत्ता वाले शेयरों में 'डिप्स पर खरीदारी' (Buy on Dips) की रणनीति अपनाएं।

Also Read- Rodri Transfer News: रोड्री के ट्रांसफर को लेकर फुटबॉल बाजार में मची हलचल, बार्सिलोना ने रियल मैड्रिड को दी पटखनी

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow