पटना में प्रसिद्ध शिक्षक खान सर के कोचिंग संस्थान के बाहर छात्रों का भारी हंगामा, सुरक्षा व्यवस्था को लेकर इलाके में बढ़ा भारी तनाव।
बिहार की राजधानी पटना के सबसे प्रमुख कोचिंग हब माने जाने वाले इलाके नया टोला स्थित प्रसिद्ध शिक्षक खान सर के कोचिंग
- परिसर के पास हवाई फायरिंग और हिंसक झड़प की अफवाहों का पुलिस प्रशासन ने किया खंडन, स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में बताने का दावा
- प्रवेश प्रक्रिया और टेस्ट सीरीज में अव्यवस्था को लेकर भड़का था परीक्षार्थियों का गुस्सा, प्रशासनिक मुस्तैदी से शांत कराया गया पूरा मामला
बिहार की राजधानी पटना के सबसे प्रमुख कोचिंग हब माने जाने वाले इलाके नया टोला स्थित प्रसिद्ध शिक्षक खान सर के कोचिंग रिसर्च सेंटर के बाहर अचानक छात्रों के एक बड़े गुट द्वारा जोरदार हंगामा और नारेबाजी किए जाने का मामला सामने आया है। इस घटना के बाद पूरे इलाके में अफरातफरी का माहौल बन गया और देखते ही देखते वहां सड़क पर जाम जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। हंगामा इतना बढ़ गया कि स्थानीय पुलिस प्रशासन को तुरंत भारी संख्या में सुरक्षा बलों के साथ मौके पर पहुंचना पड़ा। सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर इस तरह की खबरें बेहद तेजी से फैलने लगीं कि प्रदर्शन के दौरान उपद्रवी तत्वों द्वारा हवाई फायरिंग भी की गई है, जिससे कोचिंग में पढ़ रहे हजारों छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों के बीच गहरे डर और दहशत का माहौल बन गया। हालांकि, स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पूरे मामले पर आधिकारिक बयान जारी किया है।
स्थानीय प्रशासन और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने कोचिंग परिसर के बाहर किसी भी तरह की गोलीबारी या हवाई फायरिंग की घटना से पूरी तरह से इनकार किया है। पुलिस का कहना है कि कुछ असामाजिक तत्वों और उपद्रवियों द्वारा माहौल को खराब करने और कानून व्यवस्था को चुनौती देने के उद्देश्य से फायरिंग की झूठी अफवाह फैलाई गई थी। पुलिस के मुताबिक, मौके पर किसी भी तरह के कारतूस के खोखे या गोलाबारी के साक्ष्य नहीं मिले हैं। स्थिति को अनियंत्रित होने से रोकने के लिए पुलिस ने हल्के बल का प्रयोग जरूर किया ताकि परिसर के मुख्य द्वार पर जमा प्रदर्शनकारी छात्रों की अनियंत्रित भीड़ को तितर-बितर किया जा सके। प्रशासनिक टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए कोचिंग संस्थान के आसपास के पूरे संवेदनशील क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया है और किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है।
इस पूरे विवाद की जमीनी हकीकत और हंगामे के मुख्य कारणों की पड़ताल करने पर यह बात सामने आई है कि यह पूरा विवाद आगामी सिविल सेवा और अन्य महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षाओं की नई टेस्ट सीरीज और ऑफलाइन कक्षाओं में प्रवेश की प्रक्रिया को लेकर शुरू हुआ था। संस्थान में पढ़ने वाले छात्रों के एक बड़े समूह का आरोप था कि प्रबंधन द्वारा अचानक सीटों की संख्या सीमित कर दी गई और बिना किसी पूर्व सूचना के प्रवेश के नियमों में बड़े बदलाव कर दिए गए, जिसके कारण सुबह से ही कतारों में खड़े हजारों छात्रों को बिना फॉर्म लिए वापस लौटना पड़ा। इसी अव्यवस्था और प्रबंधन के कथित अड़ियल रवैये को लेकर छात्रों का धैर्य जवाब दे गया और उन्होंने मुख्य द्वार के सामने बैठकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। देखते ही देखते इस प्रदर्शन ने एक उग्र आंदोलन का रूप ले लिया, जिसमें कुछ बाहरी तत्वों के शामिल होने के बाद मामला पूरी तरह से हाथ से बाहर निकल गया।
कोचिंग हब में हुए इस बड़े हंगामे के बाद पटना के कदमकुआं और आसपास के थाना क्षेत्रों की पुलिस ने पूरे इलाके में सघन गश्त तेज कर दी है। पुलिस के आला अधिकारियों ने कोचिंग संचालकों और वहां पढ़ने वाले छात्रों से किसी भी तरह की भ्रामक खबरों और सोशल मीडिया पर चल रहे असत्यापित वीडियो पर भरोसा न करने की सख्त अपील की है। पुलिस ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जो भी व्यक्ति या समूह इस संवेदनशील मामले को लेकर इंटरनेट पर झूठी अफवाहें फैलाएगा या सांप्रदायिक व सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास करेगा, उसके खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की कड़े प्रावधानों के तहत त्वरित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस टीम सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाल रही है ताकि उन शरारती तत्वों की पहचान की जा सके जिन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शन को हिंसक मोड़ देने और फायरिंग की अफवाह उड़ाने का काम किया था।
शिक्षा के इस सबसे बड़े केंद्र में कानून व्यवस्था की ऐसी स्थिति उत्पन्न होना पटना के जिला प्रशासन के लिए भी एक बड़ी चिंता का विषय बन गया है। नया टोला और भिखना पहाड़ी जैसे इलाकों में हर दिन लाखों की संख्या में छात्र देश के कोने-कोने से आकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, ऐसे में किसी भी एक संस्थान के बाहर होने वाली गड़बड़ी का सीधा असर पूरे शैक्षणिक माहौल पर पड़ता है। इस घटना के बाद जिला मुस्तैदी तंत्र ने सभी बड़े कोचिंग संस्थानों को अपनी आंतरिक प्रबंधन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और छात्र-अनुकूल बनाने के सख्त निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने कहा है कि यदि किसी भी संस्थान में प्रवेश या परीक्षा को लेकर छात्रों में असंतोष है, तो उसके निवारण के लिए एक उचित शिकायत प्रकोष्ठ होना चाहिए ताकि छात्र सड़क पर उतरकर कानून को अपने हाथ में लेने के लिए मजबूर न हों।
मामले को पूरी तरह शांत कराने के लिए दोपहर बाद कोचिंग संस्थान के वरिष्ठ प्रबंधकों और प्रदर्शनकारी छात्रों के एक चुने हुए प्रतिनिधिमंडल के बीच बंद कमरे में एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बातचीत में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने भी मध्यस्थ की भूमिका निभाई। संस्थान की ओर से छात्रों को आश्वस्त किया गया है कि उनकी मांगों पर पूरी सहानुभूति के साथ विचार किया जाएगा और टेस्ट सीरीज की सीटों में बढ़ोतरी के साथ-साथ फॉर्म वितरण की समय सीमा को भी आगे बढ़ाया जाएगा। इस सकारात्मक आश्वासन के बाद छात्र शांत हुए और उन्होंने अपना धरना पूरी तरह से समाप्त करने का फैसला किया। कोचिंग प्रबंधन ने भी स्वीकार किया है कि अचानक भीड़ बढ़ने के कारण सुबह के समय कुछ तकनीकी और व्यावहारिक दिक्कतें जरूर आई थीं, जिन्हें अब पूरी तरह से दुरुस्त कर लिया गया है।
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