बर्धमान रेलवे स्टेशन पर फुट ओवरब्रिज पर हादसा: एक महिला के फिसलने से तीन यात्री घायल, रेलवे ने खारिज किया भगदड़ का दावा। 

पश्चिम बंगाल के बर्धमान रेलवे स्टेशन पर रविवार शाम एक छोटी सी चूक ने बड़ा हादसा कर दिया। 12 अक्टूबर 2025 को करीब शाम 5:15 से 5:25 बजे के बीच प्लेटफॉर्म नंबर 4 और 5 को जोड़ने

Oct 13, 2025 - 11:48
Oct 13, 2025 - 11:50
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बर्धमान रेलवे स्टेशन पर फुट ओवरब्रिज पर हादसा: एक महिला के फिसलने से तीन यात्री घायल, रेलवे ने खारिज किया भगदड़ का दावा। 
बर्धमान रेलवे स्टेशन पर फुट ओवरब्रिज पर हादसा: एक महिला के फिसलने से तीन यात्री घायल, रेलवे ने खारिज किया भगदड़ का दावा। 

पश्चिम बंगाल के बर्धमान रेलवे स्टेशन पर रविवार शाम एक छोटी सी चूक ने बड़ा हादसा कर दिया। 12 अक्टूबर 2025 को करीब शाम 5:15 से 5:25 बजे के बीच प्लेटफॉर्म नंबर 4 और 5 को जोड़ने वाली सीढ़ियों पर एक महिला फिसल गई। उसके गिरने से अन्य यात्रियों पर असर पड़ा और तीन लोग घायल हो गए। रेलवे ने साफ किया कि यह भगदड़ नहीं थी। स्टेशन पर भीड़ सामान्य थी और कोई घातक चोट या मौत नहीं हुई। लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने इसे भगदड़ बता दिया, जिससे अफवाहें फैलीं। घायलों को तुरंत बर्धमान मेडिकल कॉलेज भेजा गया। यह घटना त्योहारी सीजन में यात्रियों की बढ़ती संख्या के बीच एक चेतावनी है। रेलवे ने यात्रियों से सावधानी बरतने की अपील की है।

घटना की शुरुआत तब हुई जब एक महिला फुट ओवरब्रिज से उतर रही थी। वह प्लेटफॉर्म नंबर 4 की ओर जा रही थी। अचानक उसका पैर फिसल गया और वह सीढ़ियों पर गिर पड़ी। उसके गिरने की वजह से उसके ऊपर बैठे या खड़े दो अन्य यात्री भी संतुलन खो बैठे। तीनों नीचे लुढ़क गए। रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (आरपीएफ) और स्टेशन स्टाफ ने तुरंत मदद की। मौके पर रेलवे डॉक्टर मौजूद थे। उन्होंने प्राथमिक उपचार दिया। फिर घायलों को एम्बुलेंस से बर्धमान मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। ईस्टर्न रेलवे के प्रवक्ता ने बताया कि यात्रियों की संख्या सामान्य थी। कोई भगदड़ या अफरा-तफरी नहीं हुई। ट्रेनों का संचालन भी बाधित नहीं हुआ। लेकिन कुछ मीडिया रिपोर्टों ने इसे भगदड़ बता दिया, जिसमें 7 से 12 घायलों का जिक्र था। रेलवे ने इसे गलत बताया।

बर्धमान स्टेशन कोलकाता से करीब 100 किलोमीटर दूर एक व्यस्त जंक्शन है। यहां रोजाना हजारों यात्री गुजरते हैं। त्योहारों के समय यह संख्या दोगुनी हो जाती है। 12 अक्टूबर को दुर्गा पूजा और दिवाली की तैयारियां चल रही थीं। कई ट्रेनें जैसे हल्दीबाड़ी एक्सप्रेस (प्लेटफॉर्म 5) और हावड़ा मेन लाइन लोकल (प्लेटफॉर्म 4) एक साथ पहुंचीं। लेकिन रेलवे के अनुसार, भीड़ इतनी नहीं थी कि भगदड़ हो। फुट ओवरब्रिज की सीढ़ियां संकरी हैं। वहां यात्रियों के बैठने या खड़े होने से खतरा बढ़ जाता है। एक चश्मदीद ने बताया कि महिला तेजी से उतर रही थी। शायद थकान या जूते की वजह से फिसली। गिरते ही चीखें गूंजीं। आसपास के लोग दौड़े। लेकिन आरपीएफ ने जल्दी संभाल लिया। वीडियो में दिख रहा है कि स्टेशन पर हलचल है, लेकिन घबराहट नहीं।

घायलों की हालत स्थिर बताई जा रही है। वे तीनों सामान्य यात्री थे। एक महिला और दो पुरुष। डॉक्टरों ने कहा कि चोटें मामूली हैं। हड्डी टूटने या सिर में चोट की आशंका थी, लेकिन एक्सरे सामान्य आए। अस्पताल में उन्हें दवा देकर रखा गया है। परिवार वाले पहुंचे। रेलवे ने उन्हें सहायता का भरोसा दिया। ईस्टर्न रेलवे ने जांच के आदेश दिए हैं। स्टेशन मास्टर और आरपीएफ इंस्पेक्टर से पूछताछ होगी। फुट ओवरब्रिज की सुरक्षा पर नजर डाली जाएगी। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी घटनाएं सीढ़ियों पर रेलिंग मजबूत करने और सीसीटीवी बढ़ाने से रोकी जा सकती हैं। बर्धमान स्टेशन पर अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत काम चल रहा है। लेकिन अभी ब्रिज पुराना है।

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो गया। एएनआई ने एक वीडियो शेयर किया, जिसमें घायलों को ले जाते दिखाया गया। ट्विटर पर #BardhamanStampede ट्रेंड करने लगा। कुछ यूजर्स ने रेलवे पर लापरवाही का आरोप लगाया। एक ने लिखा, त्योहारों में भीड़ बढ़ती है, फिर भी इंतजाम कम। दूसरा बोला, सीढ़ियों पर चेतावनी बोर्ड लगाओ। लेकिन कई ने रेलवे की तारीफ की। कहा कि मदद तुरंत पहुंची। एनआई न्यूज और इंडिया टीवी ने रिपोर्ट कीं। उन्होंने बताया कि त्योहारी रश में स्टेशन पर 3-4 ट्रेनें एक साथ आईं। लेकिन रेलवे ने खारिज किया। एबीपी न्यूज ने भी कन्फर्म किया कि केवल तीन घायल। यह घटना दिल्ली के नई दिल्ली स्टेशन हादसे की याद दिलाती है। फरवरी 2025 में वहां 18 मौतें हुई थीं। वहां भगदड़ हुई थी। यहां मामला छोटा था।

रेलवे ने यात्रियों से अपील की है। फुट ओवरब्रिज और सीढ़ियों पर सावधानी बरतें। तेज न चलें। बच्चों और बुजुर्गों का ख्याल रखें। त्योहारों में स्पेशल ट्रेनें चल रही हैं। लेकिन भीड़ से बचें। बर्धमान डिवीजन में आरपीएफ की संख्या बढ़ाई गई है। स्टेशन पर एलान हो रहे हैं। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। एसडीआरएफ को अलर्ट किया गया। लेकिन फिलहाल खतरा टल गया। स्थानीय लोग कहते हैं कि स्टेशन सुंदर है, लेकिन रखरखाव की जरूरत। पंचायत ने रेलवे को ज्ञापन दिया। इसमें ब्रिज चौड़ा करने की मांग है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ट्वीट किया। कहा कि जांच पूरी होने पर कार्रवाई होगी। यात्रियों की सुरक्षा प्राथमिकता।

यह हादसा हमें सोचने पर मजबूर करता है। रेलवे नेटवर्क दुनिया का चौथा सबसे बड़ा है। रोज 2 करोड़ यात्री सफर करते हैं। त्योहारों में यह संख्या 50 लाख बढ़ जाती है। छोटी लापरवाही बड़ा नुकसान कर सकती है। विशेषज्ञ कहते हैं कि डिजिटल टिकटिंग और एआई से भीड़ प्रबंधन बेहतर हो सकता है। बर्धमान जैसे स्टेशनों पर वीडियो एनालिटिक्स लगाएं। जहां भीड़ बढ़े, अलार्म बजे। पिछले साल मुंबई के बांद्रा स्टेशन पर भी ऐसा हुआ था। 10 घायल हुए। वहां प्लेटफॉर्म टिकट बंद किए गए। यहां भी ऐसा कदम उठ सकता है। ग्रामीण इलाकों में स्टेशन छोटे होते हैं। सुविधाएं कम। लेकिन यात्री ज्यादा। सरकार को बजट बढ़ाना चाहिए।

परिवार वाले दुखी हैं। एक घायल के भाई ने कहा, बहन ट्रेन पकड़ने आई थी। अब अस्पताल में है। लेकिन रेलवे ने अच्छा किया। तुरंत मदद मिली। स्टेशन अब सामान्य हो गया। ट्रेनें समय पर चल रही हैं। लेकिन लोग सतर्क हैं। अगली बार सावधानी बरतेंगे। यह घटना एक सबक है। यात्रा में जल्दबाजी न करें। सीढ़ियों पर धीरे चलें। जूते मजबूत पहनें। रेलवे ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए। 139 पर कॉल करें। बर्धमान स्टेशन मास्टर ने कहा कि हम सतर्क रहेंगे। त्योहार खत्म होने तक विशेष निगरानी। उम्मीद है कि ऐसी घटनाएं न हों। और सफर सुरक्षित रहे। रेलवे परिवार है। सबका ख्याल रखना जरूरी।

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