कानपुर में चलते-फिरते आग का गोला बनी लग्जरी एसयूवी: सपा विधायक की फॉर्च्यूनर जलकर खाक
सूचना मिलते ही दमकल विभाग की गाड़ियां मौके पर पहुँचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग को पूरी तरह बुझाया गया। प्रारंभिक जांच में अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने आग का प्राथमिक कारण शॉर्ट सर्किट को बताया है। विशेषज्ञों का कहना
- जाजमऊ में बीच सड़क पर मची अफरा-तफरी: शॉर्ट सर्किट ने करोड़ों की गाड़ी को पलों में किया स्वाहा
- सवार दो युवकों ने कूदकर बचाई जान: विधायक मोहम्मद हसन रूमी की कार में लगी भीषण आग
उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के जाजमऊ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली डिफेंस कॉलोनी में बीते शनिवार की शाम एक भयावह मंजर देखने को मिला। यहाँ एक टोयोटा फॉर्च्यूनर लग्जरी एसयूवी अचानक भीषण आग की चपेट में आ गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना के समय कार मुख्य मार्ग पर काफी तेज रफ्तार में थी। जैसे ही इंजन के पास से धुंआ निकलना शुरू हुआ, चालक ने नियंत्रण खोने से पहले गाड़ी को रोकने की कोशिश की, लेकिन रफ्तार के कारण हवा के घर्षण ने आग की लपटों को और अधिक भड़का दिया। देखते ही देखते कार का अगला हिस्सा पूरी तरह से आग की लपटों में घिर गया। गनीमत यह रही कि कार के भीतर सवार दो युवकों ने समय रहते खतरे को भांप लिया और चलती गाड़ी से बाहर कूदकर अपनी जान बचाई। यदि चंद सेकंड की भी देरी होती, तो यह घटना एक बड़ी मानवीय त्रासदी में बदल सकती थी।
इस हाई-प्रोफाइल घटना की जब जांच की गई और गाड़ी के पंजीकरण नंबर के जरिए मालिक की जानकारी जुटाई गई, तो पता चला कि यह लग्जरी कार समाजवादी पार्टी के कानपुर कैंट से विधायक मोहम्मद हसन रूमी के नाम पर पंजीकृत है। हालांकि, राहत की बात यह रही कि घटना के समय विधायक स्वयं कार में मौजूद नहीं थे। कार में सवार दोनों युवक उनके परिचित या स्टाफ के सदस्य बताए जा रहे हैं, जो किसी व्यक्तिगत कार्य से जाजमऊ की ओर जा रहे थे। विधायक हसन रूमी को जैसे ही इस दुर्घटना की सूचना मिली, उन्होंने तत्काल घटनास्थल की जानकारी ली और राहत कार्य में तेजी लाने का अनुरोध किया। स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने मौके पर पहुँचकर स्थिति को संभाला, लेकिन तब तक आग की विभीषिका ने करोड़ों रुपये की इस गाड़ी के अगले हिस्से को मलबे के ढेर में तब्दील कर दिया था।
घटनास्थल पर मौजूद लोगों के लिए सबसे स्तब्ध कर देने वाला नजारा वह था जब आग लगने के बावजूद कार लगभग 50 मीटर तक सड़क पर आगे बढ़ती रही। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि संभवतः चालक के बाहर कूदने और इंजन के शॉर्ट सर्किट होने के कारण गाड़ी का गियर या एक्सीलेटर जाम हो गया था, जिससे वह धकते हुए आग के गोले की तरह सड़क पर दौड़ती रही। इसे देखकर आसपास के वाहन चालकों और राहगीरों में खलबली मच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। सड़क पर इस तरह चलती हुई आग की लपटों ने एक डरावना दृश्य पैदा कर दिया था। बाद में एक डिवाइडर से टकराने के बाद कार की रफ्तार थमी, जिसके बाद स्थानीय निवासियों ने साहस दिखाते हुए पानी और रेत डालकर आग पर काबू पाने की कोशिश की, लेकिन लपटें इतनी विकराल थीं कि साधारण संसाधनों से उन्हें बुझाना असंभव था। ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों का मानना है कि गर्मियों के मौसम में या इंजन पर अत्यधिक दबाव के कारण वायर हार्नेस में घर्षण होता है, जिससे शॉर्ट सर्किट की संभावना बढ़ जाती है। लग्जरी कारों में इलेक्ट्रॉनिक फीचर्स अधिक होने के कारण तारों का जाल काफी जटिल होता है। यदि कोई भी तार लूज हो या आफ्टर-मार्केट एक्सेसरीज लगवाई गई हो, तो आग लगने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
सूचना मिलते ही दमकल विभाग की गाड़ियां मौके पर पहुँचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग को पूरी तरह बुझाया गया। प्रारंभिक जांच में अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने आग का प्राथमिक कारण शॉर्ट सर्किट को बताया है। विशेषज्ञों का कहना है कि इंजन कम्पार्टमेंट में हुई किसी गड़बड़ी के कारण स्पार्किंग हुई होगी, जिसने ईंधन लाइन या प्लास्टिक पार्ट्स को अपनी चपेट में ले लिया। डिफेंस कॉलोनी जैसे रिहायशी इलाके में इस घटना के होने से लोग काफी डरे हुए हैं। पुलिस ने क्रेन की मदद से जली हुई कार को सड़क के बीच से हटवाकर यातायात सुचारू करवाया। कार का अगला हिस्सा, डैशबोर्ड और इंजन पूरी तरह जलकर खाक हो चुका है, जबकि पिछला हिस्सा आंशिक रूप से सुरक्षित बचा है।
विधायक मोहम्मद हसन रूमी की कार के साथ हुई इस दुर्घटना ने वीआईपी सुरक्षा और वाहनों के रखरखाव पर भी नई चर्चा छेड़ दी है। अक्सर देखा जाता है कि हाई-प्रोफाइल लोगों की गाड़ियां अत्यधिक चलती हैं और उनका मेंटेनेंस भी उच्च स्तर का होता है, बावजूद इसके ऐसी तकनीकी खराबी का आना चिंताजनक है। विधायक के समर्थकों और स्थानीय नेताओं ने घटनास्थल पर पहुँचकर स्थिति का जायजा लिया। पुलिस अब इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि क्या हाल ही में कार की कोई सर्विसिंग हुई थी या उसमें कोई नया इलेक्ट्रॉनिक गैजेट लगवाया गया था, जिससे शॉर्ट सर्किट की घटना हुई हो। इस बीच, विधायक के कार्यालय की ओर से बयान आया है कि सभी सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था और यह महज एक दुर्भाग्यपूर्ण तकनीकी विफलता थी।
कानपुर में सड़कों पर गाड़ियों में आग लगने की यह पहली घटना नहीं है। पिछले कुछ महीनों में शहर के अलग-अलग इलाकों से आधा दर्जन से अधिक ऐसे मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें चलती कारों ने आग पकड़ी है। सुरक्षा विशेषज्ञों ने वाहन स्वामियों को सलाह दी है कि वे अपनी गाड़ियों में आग बुझाने वाला छोटा सिलेंडर (Fire Extinguisher) अवश्य रखें और नियमित अंतराल पर वायरिंग की जांच करवाएं। खासकर चिलचिलाती धूप और लंबे सफर के दौरान इंजन के तापमान पर नजर रखना बेहद जरूरी है। जाजमऊ की घटना ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि सड़क पर सावधानी और समय पर लिया गया फैसला ही जान बचा सकता है, जैसा कि कार सवार दो युवकों ने कूदकर किया।
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