चूल्हे के सेंसिटिव ग्लास टॉप और इंटरनल सर्किट को मिनटों में बर्बाद कर सकती हैं रसोई में होने वाली ये 5 आम गलतियां
दूसरी सबसे बड़ी और जानलेवा भूल जो इंडक्शन स्टोव की उम्र को तेजी से कम करती है, वह है इसके वेंटिलेशन सिस्टम यानी एयर वेंट्स को ब्लॉक या बंद कर देना। खाना पकाते समय इस उपकरण के आंतरिक हिस्से बहुत अधिक गर्म हो जाते हैं, और इस गर्मी को बाहर निकालने के
- इलेक्ट्रॉनिक कुकिंग के दौर में इंडक्शन स्टोव का इस्तेमाल करते समय बरतें विशेष सावधानी, छोटी सी चूक से हो सकता है बड़ा नुकसान
- स्मार्ट कुकिंग के लिए सही बर्तनों का चुनाव और वेंटिलेशन का ध्यान रखना है बेहद जरूरी, वरना जेब पर पड़ेगा भारी असर
आधुनिक और तकनीकी रूप से उन्नत होते जा रहे भारतीय शयनकक्षों और रसोइयों में अब पारंपरिक एलपीजी गैस सिलेंडरों के विकल्प के रूप में इंडक्शन कुकटॉप यानी इंडक्शन स्टोव का चलन बहुत तेजी से बढ़ा है। समय की बचत, ईंधन की कम खपत और प्रदूषण मुक्त खाना पकाने की सुविधा के कारण कामकाजी पेशेवरों से लेकर आम गृहिणियों तक, हर कोई इस इलेक्ट्रॉनिक उपकरण को प्राथमिकता दे रहा है। पहली नजर में बेहद सुरक्षित, कॉम्पैक्ट और उपयोग में आसान लगने वाला यह आधुनिक चूल्हा असल में एक बेहद संवेदनशील और जटिल इलेक्ट्रॉनिक मशीन है, जो इलेक्ट्रोमैग्नेटिक सिद्धांतों पर काम करती है। यही वजह है कि इसके रख-रखाव और संचालन के दौरान की जाने वाली छोटी से छोटी लापरवाही भी इस कीमती उपकरण को मिनटों में पूरी तरह से खराब कर सकती है, जिससे आपके पैसे और समय दोनों का भारी नुकसान होना तय है।
इंडक्शन स्टोव का उपयोग करते समय सबसे पहली और आम गलती जो अक्सर लोग करते हैं, वह है इसके ऊपर किसी भी प्रकार के सामान्य बर्तनों का इस्तेमाल करना। यह उपकरण एलपीजी गैस की तरह सीधी आंच पैदा नहीं करता, बल्कि इसके कांच के टॉप के नीचे लगी तांबे की कॉयल एक चुंबकीय क्षेत्र (इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड) बनाती है, जो केवल चुंबकीय क्षमता वाले बर्तनों को ही गर्म करती है। यदि आप इसके ऊपर एल्युमिनियम, तांबा, कांच, मिट्टी या सामान्य बिना मैग्नेटिक बेस वाले स्टेनलेस स्टील के बर्तनों का उपयोग करते हैं, तो चूल्हा बर्तन को डिटेक्ट नहीं कर पाएगा और बार-बार एरर कोड दिखाएगा। इस प्रक्रिया में मशीन के आंतरिक मदरबोर्ड और सेंसर पर अत्यधिक दबाव पड़ता है, जिससे उसकी कॉयल के जलने का खतरा बहुत अधिक बढ़ जाता है और चूल्हा हमेशा के लिए काम करना बंद कर सकता है।
सही बर्तनों की पहचान ऐसे करें
इंडक्शन स्टोव के लिए हमेशा फ्लैट बॉटम (सपाट तल) वाले और लोहे या चुंबकीय स्टेनलेस स्टील से बने बर्तनों का ही चुनाव करना चाहिए। बर्तनों की शुद्धता की जांच करने के लिए आप एक साधारण चुंबक को बर्तन के निचले हिस्से पर चिपकाकर देख सकते हैं; यदि चुंबक मजबूती से चिपक जाता है, तो वह बर्तन इंडक्शन पर खाना पकाने के लिए पूरी तरह से सुरक्षित और उपयुक्त माना जाता है।
दूसरी सबसे बड़ी और जानलेवा भूल जो इंडक्शन स्टोव की उम्र को तेजी से कम करती है, वह है इसके वेंटिलेशन सिस्टम यानी एयर वेंट्स को ब्लॉक या बंद कर देना। खाना पकाते समय इस उपकरण के आंतरिक हिस्से बहुत अधिक गर्म हो जाते हैं, और इस गर्मी को बाहर निकालने के लिए चूल्हे के निचले या पिछले हिस्से में एक छोटा कूलिंग फैन और जालीदार वेंट्स दिए जाते हैं। कई लोग जगह बचाने या सहूलियत के लिए इंडक्शन को किसी मोटे कपड़े, प्लास्टिक शीट, अखबार या सीधे गद्देदार सतह पर रखकर चलाने लगते हैं, जिससे ये हवा के रास्ते पूरी तरह बंद हो जाते हैं। वेंटिलेशन न मिलने के कारण चूल्हे के अंदरूनी हिस्से ओवरहीट हो जाते हैं, जिससे उसका मुख्य सर्किट बोर्ड शॉर्ट-सर्किट का शिकार हो जाता है।
इसके अलावा, खाना पकाने के तुरंत बाद इंडक्शन स्टोव का मुख्य पावर स्विच बंद कर देना भी एक ऐसी तकनीकी गलती है जो इस उपकरण को मिनटों में कबाड़ बना सकती है। जब आपका खाना पक जाता है और आप कुकटॉप के पैनल से 'ऑफ' का बटन दबाते हैं, तो चूल्हा केवल हीटिंग को बंद करता है, लेकिन उसका आंतरिक कूलिंग फैन तब भी कुछ मिनटों तक चलता रहता है ताकि कॉयल को ठंडा किया जा सके। यदि आप खाना पकते ही सीधे दीवार में लगे मुख्य स्विच को बंद कर देते हैं, तो फैन तुरंत रुक जाता है और कॉयल की बची हुई अत्यधिक गर्मी कांच के टॉप और सेंसर को अंदर ही अंदर पिघला देती है, जो बाद में चूल्हे के पूरी तरह डेड होने का कारण बनती है।
कांच के ऊपरी हिस्से यानी सेरामिक ग्लास टॉप की सफाई के दौरान बरती जाने वाली लापरवाही भी इस उपकरण की दुश्मन मानी जाती है। खाना बनाते समय यदि दाल, दूध या तेल की बूंदें ग्लास टॉप पर गिर जाती हैं, तो लोग उसे हटाने के लिए लोहे के स्क्रबर, चाकू या किसी नुकीली और खुरदरी चीज का इस्तेमाल करने लगते हैं। ऐसा करने से ग्लास पर गहरे स्क्रैच (खरोंच) आ जाते हैं और उसकी थर्मल शॉक झेलने की क्षमता कम हो जाती है। जब इस तरह के स्क्रैच वाले ग्लास पर दोबारा भारी बर्तन रखकर तेज तापमान पर खाना पकाया जाता है, तो वह कांच बीच से अचानक चटक या टूट जाता है, जिसके बाद पूरा इंडक्शन कुकटॉप बदलने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता है।
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