दिल्ली-आगरा हाईवे पर काल बनकर दौड़ी बस, 20 यात्री गंभीर रूप से घायल, अधिकांश हरियाणा के निवासी।

उत्तर प्रदेश के मथुरा जनपद में दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर सोमवार की देर रात एक हृदय विदारक सड़क हादसा घटित हुआ,

Apr 21, 2026 - 16:42
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दिल्ली-आगरा हाईवे पर काल बनकर दौड़ी बस, 20 यात्री गंभीर रूप से घायल, अधिकांश हरियाणा के निवासी।
दिल्ली-आगरा हाईवे पर काल बनकर दौड़ी बस, 20 यात्री गंभीर रूप से घायल, अधिकांश हरियाणा के निवासी।
  • मथुरा हाईवे पर भीषण सड़क हादसा: खड़े डंपर में पीछे से घुसी रोडवेज बस, मची चीख-पुकार
  • नींद की झपकी बनी हादसे का सबब, जैंत क्षेत्र के शिवा ढाबा के पास चकनाचूर हुई यूपी रोडवेज की बस

उत्तर प्रदेश के मथुरा जनपद में दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर सोमवार की देर रात एक हृदय विदारक सड़क हादसा घटित हुआ, जिसने राहगीरों और स्थानीय प्रशासन को हिलाकर रख दिया। थाना जैंत क्षेत्र के अंतर्गत चौमुहां के समीप आम्रपाली संस्थान के सामने स्थित शिवा ढाबा के पास एक अनियंत्रित रोडवेज बस सड़क किनारे खड़े डंपर में पीछे से जा घुसी। रात के सन्नाटे में हुई इस टक्कर की आवाज इतनी जोरदार थी कि आसपास के गांवों और ढाबों पर सो रहे लोग सहम गए। बस का अगला हिस्सा, विशेषकर कंडक्टर की ओर वाला भाग, डंपर के नीचे बुरी तरह दब गया, जिससे बस में सवार दर्जनों यात्रियों के बीच कोहराम मच गया। अंधेरे और मलबे के बीच दबे यात्रियों की चीख-पुकार ने माहौल को और अधिक खौफनाक बना दिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की यह बस सोमवार रात को दिल्ली से सवारियां लेकर आगरा की ओर प्रस्थान कर रही थी। बस अपनी निर्धारित गति से हाईवे पर दौड़ रही थी, लेकिन जैसे ही वह चौमुहां जैंत क्षेत्र में शिवा ढाबा के पास पहुंची, चालक अपना नियंत्रण खो बैठा। सड़क किनारे पहले से ही एक डंपर खड़ा था, जिसे चालक देख नहीं पाया और तेज रफ्तार बस सीधे उसमें समा गई। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि टक्कर इतनी भीषण थी कि बस के परखच्चे उड़ गए और लोहे की चादरें मुड़कर यात्रियों के ऊपर गिर गईं। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय ढाबा कर्मियों और राहगीरों ने साहस दिखाते हुए राहत कार्य शुरू किया और पुलिस को सूचना दी।

घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई की और 108 आपातकालीन सेवा की चार एंबुलेंस मौके पर रवाना की गईं। पुलिस बल के साथ पहुंचे बचाव दल ने बस की खिड़कियों और मलबे को काटकर घायलों को बाहर निकालना शुरू किया। इस अफरा-तफरी के बीच करीब 20 यात्रियों को लहूलुहान अवस्था में बस से बाहर निकाला गया। घायलों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे, जिनकी स्थिति देखकर बचाव दल के सदस्य भी सिहर उठे। प्राथमिक स्तर पर घायलों को नजदीकी अस्पतालों और मथुरा के जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की टीम ने तुरंत उपचार शुरू कर दिया। हादसे का शिकार हुए अधिकांश यात्री हरियाणा के फरीदाबाद और बल्लभगढ़ क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे हैं, जो काम के सिलसिले में या अपने गंतव्य की ओर जाने के लिए दिल्ली से बस में सवार हुए थे। घायलों की पहचान आदर्श नगर बल्लभगढ़ निवासी सीता देवी, फरीदाबाद के नगला एन्क्लेव निवासी नरेंद्र, कमलेश, पूजा और नेहा के रूप में हुई है। इनके अतिरिक्त शाहजहांपुर के अभिषेक, मैनपुरी की ज्योति और बल्लभगढ़ की इच्छा भी इस हादसे में गंभीर रूप से चोटिल हुई हैं। घायलों के परिजनों को सूचित करने का प्रयास किया जा रहा है ताकि वे समय पर अस्पताल पहुंच सकें।

हाईवे पर खड़े वाहन बने मौत का जाल

दिल्ली-आगरा हाईवे पर अक्सर ढाबों और होटलों के सामने अवैध रूप से खड़े भारी वाहन बड़े हादसों का कारण बनते हैं। रात के समय रोशनी की कमी और चालकों की थकान के कारण खड़े वाहनों से टकराने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। परिवहन विभाग और पुलिस को इन अवैध पार्किंग स्थलों पर सख्त कार्रवाई करने की आवश्यकता है ताकि निर्दोष लोगों की जान बचाई जा सके।

हादसे के कारणों की जांच कर रहे सीओ सदर पीतम पाल सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में चालक को नींद की झपकी आना मुख्य वजह प्रतीत हो रही है। अक्सर लंबी दूरी की यात्रा के दौरान देर रात चालकों को थकान महसूस होती है और पल भर की लापरवाही एक बड़ी त्रासदी को जन्म दे देती है। हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस भीषण भिड़ंत के बावजूद अब तक किसी जनहानि की सूचना प्राप्त नहीं हुई है। कुछ यात्रियों को मामूली चोटें आई थीं, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है, जबकि गंभीर रूप से घायल यात्रियों का सघन उपचार जारी है। पुलिस ने क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त रोडवेज बस और डंपर को हाईवे से हटाकर किनारे किया है ताकि यातायात बाधित न हो। क्षतिग्रस्त बस की स्थिति को देखकर यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि यदि बस की रफ्तार थोड़ी और अधिक होती या टक्कर पूरी तरह बीचो-बीच होती, तो परिणाम और भी भयावह हो सकते थे। पुलिस अब डंपर चालक की भी तलाश कर रही है कि उसने सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर वाहन को हाईवे पर असुरक्षित तरीके से क्यों खड़ा किया था। परिवहन निगम के अधिकारियों को भी घटना की जानकारी दे दी गई है और विभाग अपने स्तर पर इस तकनीकी और मानवीय चूक की समीक्षा कर रहा है।

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