ईंधन की कीमतों में स्थिरता या बदलाव? जानें 09 मार्च 2026 को आपके शहर में पेट्रोल-डीजल के लेटेस्ट रेट्स
वैश्विक तेल बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव के बीच आज भारतीय तेल विपणन कंपनियों
09 मार्च 2026: वैश्विक तेल बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव के बीच आज भारतीय तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने पेट्रोल और डीजल के नए दाम जारी कर दिए हैं। 09 मार्च 2026 को भारत के प्रमुख राज्यों और शहरों में ईंधन की कीमतों में मिला-जुला रुख देखने को मिल रहा है। जहाँ कुछ राज्यों में स्थानीय वैट (VAT) और माल ढुलाई शुल्क के कारण कीमतों में मामूली वृद्धि हुई है, वहीं कुछ शहरों में दाम स्थिर बने हुए हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतें फिलहाल 85-90 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रही हैं, जिसका सीधा असर घरेलू बाजार पर पड़ता दिख रहा है। गुडरिटर्न्स (GoodReturns) और अन्य आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिल्ली से लेकर तमिलनाडु और राजस्थान से लेकर असम तक, तेल की कीमतों में क्षेत्रीय भिन्नता बरकरार है।
भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें प्रतिदिन सुबह 6 बजे संशोधित की जाती हैं। इन कीमतों के निर्धारण में कई कारक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं:
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कच्चे तेल की वैश्विक कीमत: भारत अपनी तेल जरूरतों का 80% से अधिक आयात करता है, इसलिए वैश्विक कीमतों का सीधा असर पड़ता है।
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रुपया बनाम डॉलर: तेल का भुगतान डॉलर में होता है, अतः रुपये की विनिमय दर कीमतों को प्रभावित करती है।
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केंद्रीय उत्पाद शुल्क (Excise Duty): केंद्र सरकार द्वारा लगाया जाने वाला टैक्स।
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राज्य वैट (VAT): हर राज्य अपनी जरूरत के हिसाब से अलग-अलग वैट वसूलता है, जिसके कारण दिल्ली और नोएडा या मुंबई और पुणे के भाव अलग हो जाते हैं।
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डीलर कमीशन: पेट्रोल पंप मालिकों को दिया जाने वाला लाभांश।
प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल के भाव: 09 मार्च 2026
नीचे दी गई तालिका में उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और राजस्थान सहित देश के विभिन्न हिस्सों के प्रमुख शहरों के ताजा रेट्स दिए गए हैं:
| शहर / राज्य | पेट्रोल (प्रति लीटर) | डीजल (प्रति लीटर) |
| नई दिल्ली | Rs.96.72 | Rs.89.62 |
| नोएडा (उत्तर प्रदेश) | Rs.97.00 | Rs.90.14 |
| लखनऊ (उत्तर प्रदेश) | Rs.96.57 | Rs.89.76 |
| कानपुर (उत्तर प्रदेश) | Rs.96.63 | Rs.89.81 |
| बरेली (उत्तर प्रदेश) | Rs.96.88 | Rs.90.05 |
| शाहजहाँपुर (उत्तर प्रदेश) | Rs.96.75 | Rs.89.92 |
| बाराबंकी (उत्तर प्रदेश) | Rs.96.94 | Rs.90.11 |
| मुरादाबाद (उत्तर प्रदेश) | Rs.96.90 | Rs.90.07 |
| आगरा (उत्तर प्रदेश) | Rs.96.35 | Rs.89.52 |
| हरदोई (उत्तर प्रदेश) | Rs.96.82 | Rs.89.99 |
| मुंबई (महाराष्ट्र) | Rs.106.31 | Rs.94.27 |
| पुणे (महाराष्ट्र) | Rs.105.91 | Rs.92.42 |
| कोलकाता (पश्चिम बंगाल) | Rs.106.03 | Rs.92.76 |
| चेन्नई (तमिलनाडु) | Rs.102.63 | Rs.94.24 |
| तमिलनाडु (अन्य क्षेत्र औसत) | Rs.103.10 | Rs.94.80 |
| असम (गुवाहाटी) | Rs.98.18 | Rs.90.41 |
| मध्य प्रदेश (भोपाल) | Rs.108.65 | Rs.93.90 |
| राजस्थान (जयपुर) | Rs.108.48 | Rs.93.72 |
उत्तर प्रदेश के शहरों का विस्तृत विश्लेषण
उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों जैसे लखनऊ, कानपुर, बरेली और शाहजहाँपुर में कीमतों में मामूली अंतर देखा गया है। नोएडा में पेट्रोल की कीमत दिल्ली की तुलना में थोड़ी अधिक है क्योंकि उत्तर प्रदेश सरकार का वैट ढांचा दिल्ली से अलग है। आगरा में राज्य के अन्य हिस्सों की तुलना में कीमतें थोड़ी कम दर्ज की गई हैं। बाराबंकी और हरदोई जैसे जिलों में ढुलाई खर्च (Freight Charges) के कारण कीमतों में कुछ पैसों का अंतर साफ दिखाई देता है।
महानगरों की स्थिति: मुंबई सबसे महंगा
आज भी देश के प्रमुख महानगरों में मुंबई में पेट्रोल और डीजल की कीमतें सबसे अधिक बनी हुई हैं। मुंबई में पेट्रोल Rs.106 के पार है, जबकि दिल्ली में यह अभी भी Rs.97 के नीचे बना हुआ है। कोलकाता और चेन्नई में भी कीमतें Rs.100 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर चुकी हैं। दक्षिण भारतीय राज्यों में तमिलनाडु के ग्रामीण इलाकों में शहरी क्षेत्रों की तुलना में ईंधन थोड़ा महंगा मिल रहा है।
मध्य प्रदेश और राजस्थान: भारी करों का बोझ
मध्य प्रदेश (भोपाल) और राजस्थान (जयपुर) में ईंधन की कीमतें देश में सबसे अधिक श्रेणियों में आती हैं। इसका मुख्य कारण इन राज्यों द्वारा लगाया जाने वाला उच्च मूल्य वर्धित कर (VAT) है। यहाँ के उपभोक्ताओं को एक लीटर पेट्रोल के लिए Rs.108 से अधिक का भुगतान करना पड़ रहा है, जो आम आदमी की जेब पर अतिरिक्त बोझ डाल रहा है।
असम और पूर्वोत्तर की स्थिति
असम के गुवाहाटी में पेट्रोल की कीमतें Rs.98.18 के स्तर पर हैं। पूर्वोत्तर राज्यों में परिवहन की चुनौतियों के बावजूद, सरकार की विशेष नीतियों के कारण यहाँ कीमतें राजस्थान या मध्य प्रदेश की तुलना में कम बनी हुई हैं।
आम जनता पर प्रभाव
ईंधन की कीमतों में स्थिरता रहने से परिवहन लागत नियंत्रित रहती है, जिससे फल, सब्जियों और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में अचानक उछाल नहीं आता। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें $95 प्रति बैरल को पार करती हैं, तो आने वाले हफ्तों में भारतीय तेल कंपनियां कीमतों में 2-3 रुपये की बढ़ोतरी कर सकती हैं।
उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे अपने शहर के सटीक रेट्स जानने के लिए इंडियन ऑयल (IOCL), भारत पेट्रोलियम (BPCL) या हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) के आधिकारिक ऐप्स का उपयोग करें या SMS के माध्यम से जानकारी प्राप्त करें।
09 मार्च 2026 को तेल की कीमतों ने कोई बड़ा झटका नहीं दिया है, लेकिन राज्यों के बीच कीमतों का बड़ा अंतर अभी भी एक चिंता का विषय बना हुआ है। 'एक देश, एक दर' की मांग के बीच जनता की नजरें आगामी जीएसटी परिषद की बैठकों पर टिकी हैं, ताकि भविष्य में ईंधन सस्ता हो सके।
Disclaimer: यहाँ दी गई जानकारी विभिन्न विश्वसनीय वित्तीय पोर्टल्स पर आधारित है। ईंधन की कीमतें स्थानीय करों के आधार पर सुबह 6 बजे के बाद बदल सकती हैं। कृपया लेनदेन से पहले पेट्रोल पंप पर कीमतों की पुष्टि अवश्य करें।
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