राहुल गांधी ने कहा- बी. सुदर्शन रेड्डी मजबूती से उप राष्ट्रपति का चुनाव लड़ेंगे, नामांकन की अंतिम तारीख आज।
Politics News: भारत में उपराष्ट्रपति चुनाव 2025 की तैयारियां जोरों पर हैं। विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश बी. सुदर्शन रेड्डी को अपना उम्मीदवार घोषित
भारत में उपराष्ट्रपति चुनाव 2025 की तैयारियां जोरों पर हैं। विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश बी. सुदर्शन रेड्डी को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। इस घोषणा के बाद कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि बी. सुदर्शन रेड्डी इस चुनाव को मजबूती से लड़ेंगे और देश को एक महत्वपूर्ण संदेश देंगे। यह चुनाव 9 सितंबर 2025 को होना है, और नामांकन की अंतिम तारीख 21 अगस्त 2025 है। बी. सुदर्शन रेड्डी का मुकाबला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के उम्मीदवार सी.पी. राधाकृष्णन से होगा।
- बी. सुदर्शन रेड्डी कौन हैं?
बी. सुदर्शन रेड्डी का जन्म 8 जुलाई 1946 को आंध्र प्रदेश के रंगा रेड्डी जिले के अकुला मैलारम गांव में एक किसान परिवार में हुआ था। उन्होंने हैदराबाद के उस्मानिया विश्वविद्यालय से बी.ए. और एलएल.बी. की पढ़ाई पूरी की। 1971 में वे आंध्र प्रदेश बार काउंसिल में वकील के रूप में शामिल हुए और आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट में रिट, सिविल और संवैधानिक मामलों में वकालत शुरू की। उनकी कानूनी विशेषज्ञता और निष्पक्ष छवि ने उन्हें न्यायपालिका में एक सम्मानित स्थान दिलाया।
1988 में वे आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट में सरकारी अधिवक्ता बने और बाद में केंद्र सरकार के लिए अतिरिक्त स्थायी अधिवक्ता के रूप में कार्य किया। 1995 में उन्हें आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट का स्थायी न्यायाधीश नियुक्त किया गया। 2005 में वे गौहाटी हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बने और 2007 में सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश नियुक्त हुए। उन्होंने 2011 में सुप्रीम कोर्ट से सेवानिवृत्ति ली। इसके बाद, 2013 में वे गोवा के पहले लोकायुक्त बने, लेकिन निजी कारणों से कुछ महीनों बाद इस्तीफा दे दिया।
बी. सुदर्शन रेड्डी ने तेलंगाना सरकार द्वारा कराए गए सामाजिक-आर्थिक, शैक्षिक, रोजगार और जातिगत सर्वेक्षण (SEEEPC) की निगरानी के लिए विशेषज्ञ पैनल की अध्यक्षता भी की। इस सर्वेक्षण को उन्होंने वैज्ञानिक और विश्वसनीय बताया, जिसे देश के लिए एक मॉडल माना गया। उनकी निष्पक्ष और प्रगतिशील छवि के कारण विपक्ष ने उन्हें उपराष्ट्रपति पद के लिए चुना।
- राहुल गांधी का बयान
20 अगस्त 2025 को नई दिल्ली में राहुल गांधी ने बी. सुदर्शन रेड्डी के समर्थन में बयान दिया। उन्होंने कहा, "हम बी. सुदर्शन रेड्डी जी का समर्थन कर रहे हैं, और मुझे विश्वास है कि वे इस चुनाव को बहुत मजबूती से लड़ेंगे। देश हमारा संदेश देखेगा, जो हम देना चाहते हैं।" राहुल गांधी ने रेड्डी को विपक्षी एकता का प्रतीक बताया और उनकी उम्मीदवारी को लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण कदम करार दिया।
राहुल गांधी ने यह बयान बिहार में अपनी 'वोटर अधिकार यात्रा' के दौरान भी दोहराया, जहां वे मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं और 'वोट चोरी' के मुद्दे को उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सुदर्शन रेड्डी की उम्मीदवारी संवैधानिक मूल्यों को मजबूत करने की दिशा में एक कदम है।
- विपक्ष की रणनीति और एकजुटता
19 अगस्त 2025 को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बी. सुदर्शन रेड्डी को विपक्ष का साझा उम्मीदवार घोषित किया। इस घोषणा के दौरान विपक्षी गठबंधन के कई बड़े नेता, जैसे सोनिया गांधी, शरद पवार, संजय राउत, अखिलेश यादव, और तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ'ब्रायन मौजूद थे। खरगे ने कहा, "बी. सुदर्शन रेड्डी भारत के सबसे प्रतिष्ठित और प्रगतिशील न्यायविदों में से एक हैं। सभी विपक्षी दल एकजुट होकर उनके साथ हैं। यह लोकतंत्र और संविधान के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।"
विपक्षी गठबंधन ने रेड्डी को चुनकर एक गैर-राजनीतिक और निष्पक्ष छवि वाले उम्मीदवार को सामने लाने की रणनीति अपनाई है। उनका मानना है कि रेड्डी की कानूनी पृष्ठभूमि और संवैधानिक ज्ञान इस चुनाव को वैचारिक स्तर पर ले जाएगा। विपक्ष ने इसे संविधान और लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई बताया है। तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ'ब्रायन ने कहा, "आम आदमी पार्टी सहित सभी विपक्षी दल बी. सुदर्शन रेड्डी के साथ हैं।"
21 अगस्त 2025 को बी. सुदर्शन रेड्डी ने अपना नामांकन दाखिल किया। इस दौरान सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, अखिलेश यादव, और अन्य विपक्षी नेता मौजूद थे। विपक्ष के 80 सांसदों ने प्रस्तावक और अनुमोदक के रूप में हस्ताक्षर किए, जिसमें सोनिया गांधी का नाम भी शामिल है।
- एनडीए का उम्मीदवार: सी.पी. राधाकृष्णन
एनडीए ने महाराष्ट्र के राज्यपाल और तमिलनाडु के वरिष्ठ भाजपा नेता सी.पी. राधाकृष्णन को अपना उम्मीदवार बनाया है। उनका जन्म 20 अक्टूबर 1957 को तमिलनाडु के तिरुप्पुर में हुआ था। वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की पृष्ठभूमि से आते हैं और लंबे समय से भाजपा के सक्रिय नेता रहे हैं। राधाकृष्णन ने 20 अगस्त 2025 को अपना नामांकन दाखिल किया, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य प्रस्तावक थे। उनके नामांकन के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, और भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा मौजूद थे।
उपराष्ट्रपति का चुनाव लोकसभा और राज्यसभा के सांसदों के एक निर्वाचक मंडल द्वारा किया जाता है। वर्तमान में इस मंडल में 782 सदस्य हैं, और जीत के लिए कम से कम 392 वोट चाहिए। एनडीए के पास लोकसभा में 293 और राज्यसभा में 133 सीटें हैं, जिससे उनकी स्थिति मजबूत दिखती है। दूसरी ओर, विपक्षी गठबंधन के पास पर्याप्त संख्याबल नहीं है, लेकिन वे क्षेत्रीय दलों, खासकर आंध्र प्रदेश की तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) और वाईएसआर कांग्रेस से समर्थन की उम्मीद कर रहे हैं।
विपक्ष का मानना है कि बी. सुदर्शन रेड्डी की उम्मीदवारी आंध्र प्रदेश के क्षेत्रीय दलों को आकर्षित कर सकती है, क्योंकि रेड्डी आंध्र प्रदेश से हैं। इससे टीडीपी के नेता चंद्रबाबू नायडू के सामने एक कठिन स्थिति पैदा हो सकती है, क्योंकि उनकी पार्टी एनडीए की सहयोगी है। यदि टीडीपी अपना समर्थन बदलती है, तो एनडीए की स्थिति कमजोर हो सकती है।
- राहुल गांधी की 'वोटर अधिकार यात्रा'
राहुल गांधी ने बिहार में अपनी 'वोटर अधिकार यात्रा' के दौरान मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों को गलत तरीके से मृत घोषित कर उनकी वोटर सूची से नाम हटाए गए हैं। इस मुद्दे पर विपक्षी दलों ने एकजुट होकर चुनाव आयोग के खिलाफ महाभियोग की बात भी उठाई है। राहुल गांधी ने कहा कि उनकी लड़ाई जनता के जनादेश और लोकतंत्र की रक्षा के लिए है।
Also Read- सीएम रेखा को थप्पड़ मारा गया, बहुत तेज आवाज आई, चश्मदीद ने दिया बयान, मेडिकल ट्रीटमेंट जारी।
What's Your Reaction?