Politics News: नेशनल हेराल्ड मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering) केस- सोनिया और राहुल गांधी (Rahul Gandhi) को दिल्ली कोर्ट का नोटिस, अगली सुनवाई 8 मई को।
नेशनल हेराल्ड अखबार से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering) मामले में एक बड़ा अपडेट सामने आया है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने कांग्रेस ....
नई दिल्ली: नेशनल हेराल्ड अखबार से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering) मामले में एक बड़ा अपडेट सामने आया है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने कांग्रेस (Congress) की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) को नोटिस जारी किया है। यह नोटिस प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा दायर की गई चार्जशीट के आधार पर जारी किया गया है, जिसमें दोनों नेताओं पर मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering) का आरोप लगाया गया है। इस मामले की अगली सुनवाई 8 मई, 2025 को होगी। यह दशक पुराना मामला एक बार फिर राजनीतिक और कानूनी चर्चा का केंद्र बन गया है।
- क्या है मामला ?
नेशनल हेराल्ड एक ऐतिहासिक अखबार है, जिसकी स्थापना 1938 में भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने की थी। यह अखबार एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) द्वारा प्रकाशित किया जाता है। इस मामले का मूल विवाद AJL और यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड (Young Indian Pvt Ltd) नामक कंपनी से जुड़ा है, जिसमें सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) और राहुल गांधी (Rahul Gandhi) की 76% हिस्सेदारी है (प्रत्येक के पास 38%)। ED का आरोप है कि यंग इंडियन ने AJL की संपत्तियों, जिनकी कीमत 2,000 करोड़ रुपये से अधिक बताई जाती है, को केवल 50 लाख रुपये में हासिल कर लिया।
ED के मुताबिक, यह एक "आपराधिक साजिश" थी, जिसमें सोनिया और राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के अलावा कांग्रेस (Congress) के अन्य नेता, जैसे स्वर्गीय मोतीलाल वोरा, ऑस्कर फर्नांडिस, सैम पित्रोदा, और सुमन दुबे शामिल थे। जांच एजेंसी का दावा है कि इस सौदे में मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering) की गई और AJL की संपत्तियों का गलत तरीके से अधिग्रहण किया गया। इसके अलावा, ED ने यंग इंडियन और AJL से जुड़ी संपत्तियों को 18 करोड़ रुपये की फर्जी दान राशि, 38 करोड़ रुपये की फर्जी अग्रिम किराया राशि, और 29 करोड़ रुपये के फर्जी विज्ञापनों के जरिए अपराध की आय उत्पन्न करने का आरोप लगाया है।
- कानूनी प्रक्रिया का सफर
इस मामले की शुरुआत 2012 में हुई, जब BJP नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने सोनिया और राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के खिलाफ नेशनल हेराल्ड में कथित वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज की थी। इसके बाद, ED ने 2014 में मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering) के तहत जांच शुरू की।
2022: ED ने सोनिया और राहुल गांधी (Rahul Gandhi) से इस मामले में लंबी पूछताछ की। राहुल गांधी (Rahul Gandhi) से 50 घंटे से अधिक समय तक पांच दिनों में पूछताछ हुई थी।
अप्रैल 2023: ED ने AJL और यंग इंडियन से जुड़ी 750 करोड़ रुपये की संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किया, जिसे बाद में PMLA के तहत अधिग्रहण प्राधिकरण ने वैध माना।
9 अप्रैल, 2025: ED ने विशेष अदालत में सोनिया, राहुल, सैम पित्रोदा, सुमन दुबे, और यंग इंडियन के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। यह चार्जशीट मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering) निवारण अधिनियम (PMLA) की धारा 3, 4, और 70 के तहत दायर की गई।
25 अप्रैल, 2025: राउज एवेन्यू कोर्ट ने ED की चार्जशीट में कुछ कमियां पाईं और नोटिस जारी करने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने ED को अधिक दस्तावेज और सबूत पेश करने का निर्देश दिया।
2 मई, 2025: कोर्ट ने ED की संशोधित चार्जशीट पर संज्ञान लेते हुए सोनिया, राहुल, और अन्य आरोपियों को नोटिस जारी किया। विशेष जज विशाल गोगने ने कहा कि सभी आरोपियों को "सुनवाई का अधिकार" दिया जाना जरूरी है, खासकर PMLA के तहत।
अब इस मामले की अगली सुनवाई 8 मई, 2025 को होगी, जब सोनिया और राहुल गांधी (Rahul Gandhi) को कोर्ट में पेश होकर आरोपों का जवाब देना होगा।
- ED के प्रमुख आरोप
ED ने अपनी चार्जशीट में कई गंभीर आरोप लगाए हैं:
संपत्ति का कम मूल्यांकन: यंग इंडियन ने AJL की 2,000 करोड़ रुपये की संपत्तियों को केवल 50 लाख रुपये में हासिल किया, जो कि संपत्ति के वास्तविक मूल्य से काफी कम है।
आपराधिक साजिश: ED का दावा है कि यह सौदा एक सुनियोजित साजिश थी, जिसमें कांग्रेस (Congress) के शीर्ष नेताओं ने अपनी राजनीतिक पहुंच का दुरुपयोग किया।
अपराध की आय: ED ने इस मामले में अपराध की आय को 988 करोड़ रुपये आंका है, और संबंधित संपत्तियों का वर्तमान बाजार मूल्य 5,000 करोड़ रुपये बताया है।
संपत्ति जब्ती: अप्रैल 2025 में, ED ने दिल्ली, मुंबई, और लखनऊ में AJL की 661 करोड़ रुपये की संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया शुरू की। इसमें हेराल्ड हाउस (मुंबई) जैसे प्रमुख संपत्तियां शामिल हैं।
- कांग्रेस (Congress) का जवाब
कांग्रेस (Congress) ने इस मामले को "राजनीतिक प्रतिशोध" करार दिया है। पार्टी के प्रवक्ता जयराम रमेश ने कहा, "सोनिया और राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बदले की राजनीति और डराने-धमकाने की नीति का हिस्सा है।" कांग्रेस (Congress) ने देशभर में 57 शहरों में 27 अप्रैल तक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर इस मामले को "फर्जी" बताया। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि यह मामला "हास्यास्पद" है और इसे बार-बार उछाला जा रहा है।
कांग्रेस (Congress) सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने भी इस मामले में सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) का बचाव करते हुए कहा, "ये वही सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) हैं, जिन्होंने प्रधानमंत्री पद का ताज ठुकराकर देश की सेवा की।" पार्टी का दावा है कि नेशनल हेराल्ड मामले में कोई पैसा हस्तांतरित नहीं हुआ, और केवल शेयरों का हस्तांतरण हुआ, जिसे गलत तरीके से मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering) बताया जा रहा है।
- राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएं
इस मामले ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। BJP नेताओं ने इसे कांग्रेस (Congress) की "भ्रष्टाचार की संस्कृति" का सबूत बताया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा, "नेशनल हेराल्ड मामला कांग्रेस (Congress) के भ्रष्टाचार का एक और अध्याय है।" वहीं, सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर दोनों पक्षों के समर्थक सक्रिय हैं। X पर कई यूजर्स ने इसे "कांग्रेस (Congress) के लिए बड़ा झटका" बताया, जबकि कुछ ने इसे "राजनीति से प्रेरित" कार्रवाई करार दिया।
Delhi's Rouse Avenue Court issues notice to Congress leaders Sonia Gandhi, Rahul Gandhi, and others on a chargesheet filed against them by the Enforcement Directorate in connection with the National Herald money laundering case. — ANI (@ANI) May 2, 2025
- सोशल मीडिया पर वायरल
X पर इस खबर ने खूब चर्चा बटोरी है। @ANI और @PTI_News जैसे हैंडल्स ने इसकी जानकारी दी, जिसे हजारों लोगों ने रीट्वीट किया। कुछ यूजर्स ने मजाक में लिखा, "सांड स्कूटी चला सकता है, तो ED भी गांधी परिवार को नोटिस भेज सकता है!" (हालांकि यह टिप्पणी मजाकिया थी और ऋषिकेश के सांड वाले वीडियो से प्रेरित थी।) दूसरी ओर, कांग्रेस (Congress) समर्थकों ने इसे "फर्जी केस" बताते हुए ED की मंशा पर सवाल उठाए।
ED files chargesheet against Congress leaders Sonia Gandhi, Rahul Gandhi in a money laundering case related to National Herald case — Press Trust of India (@PTI_News) April 15, 2025
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह मामला अभी लंबा खिंच सकता है। PMLA के तहत मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering) के मामले जटिल होते हैं, और कोर्ट में सबूतों की गहन जांच होगी। अगर कोर्ट ED की चार्जशीट को स्वीकार करता है, तो सोनिया और राहुल गांधी (Rahul Gandhi) को नियमित रूप से सुनवाई में शामिल होना पड़ सकता है। हालांकि, कांग्रेस (Congress) का दावा है कि उनके पास मजबूत कानूनी आधार है और वे इस मामले में बरी होंगे।
नेशनल हेराल्ड मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering) मामला न सिर्फ एक कानूनी विवाद है, बल्कि यह भारत की राजनीति में एक बड़ा मुद्दा बन गया है। सोनिया और राहुल गांधी (Rahul Gandhi) को जारी नोटिस ने कांग्रेस (Congress) और BJP के बीच तनाव को और बढ़ा दिया है। जहां BJP इसे भ्रष्टाचार का सबूत बता रही है, वहीं कांग्रेस (Congress) इसे राजनीतिक साजिश करार दे रही है। 8 मई, 2025 को होने वाली अगली सुनवाई इस मामले में नया मोड़ ला सकती है। तब तक, यह मामला सोशल मीडिया और राजनीतिक चर्चाओं में छाया रहेगा।
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