Jitu Patwari Brother Statement: '3 साल पहले लेता था ड्रग्स, अब शराब भी नहीं पीता', जीतू पटवारी के भाई नाना का बड़ा बयान

Jitu Patwari Brother Nana Statement: मध्य प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जीतू पटवारी के भाई नाना पटवारी ने अपने अतीत को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा बयान दिया है।

Jul 10, 2026 - 12:24
 0  1
Jitu Patwari Brother Statement: '3 साल पहले लेता था ड्रग्स, अब शराब भी नहीं पीता', जीतू पटवारी के भाई नाना का बड़ा बयान
मध्य प्रदेश के इंदौर में मीडिया कर्मियों के समक्ष अपना पक्ष रखते और व्यक्तिगत जीवन के बदलावों पर बयान देते नाना पटवारी।
  • MP Politics: कांग्रेस नेता जीतू पटवारी के भाई नाना पटवारी ने कबूली अतीत की बात, बोले- अब नशे से दूर हूं
  • मध्य प्रदेश में सियासी सरगर्मी: जीतू पटवारी के भाई नाना का बड़ा बयान, 'हाँ मैं पहले ड्रग्स लेता था, लेकिन अब...'
  • एमपी की सियासत से बड़ी खबर: कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई नाना पटवारी का बयान, अतीत के नशे की लत पर खुलकर की बात

मध्य प्रदेश की सियासत में इन दिनों बयानों और व्यक्तिगत आरोपों-प्रत्यारोपों का दौर तेज है। इसी बीच मध्य प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री जीतू पटवारी के भाई नाना पटवारी का एक बेहद चौंकाने वाला और बेबाक बयान सामने आया है। मीडिया और राजनीतिक हलकों में चल रही विभिन्न चर्चाओं के बीच नाना पटवारी ने अपने व्यक्तिगत जीवन को लेकर एक बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया कि वे आज से करीब तीन साल पहले ड्रग्स (मादक पदार्थों) के आदी थे और इसका सेवन करते थे, लेकिन अब वे पूरी तरह से बदल चुके हैं और स्थिति यह है कि वे शराब को हाथ भी नहीं लगाते। इस सीधे और स्पष्ट बयान के बाद सूबे की राजनीति में एक नई बहस छिड़ गई है।

यह पूरा मामला राजनीतिक विरोधियों और सोशल मीडिया पर लग रहे कुछ व्यक्तिगत आरोपों के जवाब में सामने आए एक सीधे बयान का है। कांग्रेस के कद्दावर नेता जीतू पटवारी के भाई नाना पटवारी को लेकर पिछले कुछ समय से स्थानीय स्तर पर कई तरह की राजनीतिक और सामाजिक सुगबुगाहट चल रही थी। इन तमाम कयासों और चर्चाओं पर खुद विराम लगाते हुए नाना पटवारी ने सामने आकर सच्चाई स्वीकार की। उन्होंने इसे अपने जीवन का एक पुराना और बंद हो चुका अध्याय बताया। राजनीतिक गलियारों में इस बयान को साहस और राजनीति के घालमेल, दोनों ही नजरिए से देखा जा रहा है।

प्राप्त विवरण के अनुसार, मध्य प्रदेश के मालवा क्षेत्र, विशेषकर इंदौर और आसपास के इलाकों में राजनीतिक सरगर्मियां हमेशा तेज रहती हैं। हाल ही में कुछ स्थानीय मुद्दों को लेकर जब पटवारी परिवार के संदर्भ में कुछ बातें उठीं, तो नाना पटवारी ने प्रेस और सार्वजनिक मंच के जरिए अपनी स्थिति स्पष्ट की।

उन्होंने बिना किसी हिचकिचाहट के कहा, "यह सच है कि आज से तीन साल पहले मैं गलत संगत और परिस्थितियों के कारण ड्रग्स लेता था। मैं इस बात को छुपा नहीं रहा हूँ। लेकिन इंसान गलतियों से सीखता है। मैंने अपनी उस कमजोरी पर पूरी तरह से विजय पा ली है। आज स्थिति यह है कि मैं ड्रग्स तो बहुत दूर की बात है, शराब की एक बूंद भी नहीं पीता और पूरी तरह से सात्विक और नशामुक्त जीवन जी रहा हूँ।" उन्होंने आगे कहा कि उनके अतीत को लेकर अब राजनीति करना और उनके भाई की राजनीतिक छवि को धूमिल करने का प्रयास करना पूरी तरह से गलत और अनुचित है।

इस बेहद व्यक्तिगत और संवेदनशील मुद्दे पर मध्य प्रदेश के दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों की तरफ से संतुलित और कड़े रुख सामने आ रहे हैं:

भारतीय जनता पार्टी (BJP) का रुख: बीजेपी के कुछ स्थानीय प्रवक्ताओं का कहना है कि यह मामला केवल किसी के व्यक्तिगत जीवन का नहीं है, बल्कि यह देखना जरूरी है कि युवाओं को प्रभावित करने वाले राजनीतिक परिवारों के तार किस तरह के माहौल से जुड़े रहे हैं। हालांकि, पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं का यह भी मानना है कि यदि कोई व्यक्ति नशे की लत छोड़कर मुख्यधारा में वापस आया है, तो इसे सामाजिक सुधार के चश्मे से देखा जाना चाहिए, न कि इस पर केवल राजनीति हो।

कांग्रेस पार्टी का पक्ष: कांग्रेस नेताओं ने मजबूती से अपने अध्यक्ष और उनके परिवार का बचाव किया है। पार्टी पदाधिकारियों ने कहा, "नाना पटवारी जी ने जो बात कही है, वह उनकी ईमानदारी और दृढ़ इच्छाशक्ति को दर्शाती है। उन्होंने तीन साल पहले ही नशा छोड़ दिया था और आज वे एक स्वस्थ जीवन जी रहे हैं। राजनीतिक विरोधियों के पास जब कोई मुद्दा नहीं बचता, तो वे नेताओं के परिवारों के पुराने और व्यक्तिगत मामलों को उछालने लगते हैं, जो कि बेहद निचले स्तर की राजनीति है।"

नाना पटवारी के इस बयान का राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर कई तरह से विश्लेषण किया जा रहा है:

राजनीतिक छवि पर असर: जीतू पटवारी मध्य प्रदेश कांग्रेस के सबसे मुखर चेहरों में से एक हैं। उनके भाई के इस स्पष्टीकरण से विपक्ष के उस आक्रामक प्रचार की धार थोड़ी कम हो सकती है जो इस मुद्दे को बड़ा बनाने की कोशिश में था।

नशामुक्त अभियान को संबल: सामाजिक कार्यकर्ताओं का मानना है कि किसी बड़े राजनीतिक परिवार के व्यक्ति द्वारा सार्वजनिक रूप से नशे की लत को स्वीकार करना और फिर उससे बाहर आने की कहानी बयां करना, समाज के अन्य युवाओं को भी प्रेरणा दे सकता है जो इस लत से जूझ रहे हैं।

इस बयान के बाद अब यह देखना होगा कि मध्य प्रदेश की राजनीति में यह मुद्दा कितना लंबा खिंचता है। कांग्रेस इस मुद्दे को पूरी तरह से व्यक्तिगत और बंद हो चुका मामला बताकर खारिज करने का प्रयास कर रही है, जबकि चुनावी और सांगठनिक मोर्चों पर विरोधी दल इस संदर्भ का उपयोग सांकेतिक रूप से कर सकते हैं। कानूनी तौर पर, चूंकि यह बयान केवल अतीत की एक आदत के सुधार से जुड़ा हुआ है और वर्तमान में किसी प्रकार की अवैध गतिविधि की बात सामने नहीं आई है, इसलिए इस पर कोई प्रशासनिक या पुलिसिया कार्रवाई की संभावना नहीं दिखती। पटवारी परिवार अब इस विवाद से आगे बढ़कर संगठन के कार्यों पर ध्यान केंद्रित करने की रणनीति बना रहा है।

Also Read- स्मार्टफोन बाजार में तहलका मचाने आ रहा है रियलमी का शक्तिशाली डिवाइस, 8,000 mAh की टाइटन बैटरी के साथ आज होगा मुकाबला

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow