Delhi Police Scorpio Fire: दिल्ली में थाना प्रभारी की स्कॉर्पियो कार में लगी भीषण आग, बाल-बाल बचे SHO और ड्राइवर
Delhi Police Scorpio Fire: दिल्ली में एक थाना प्रभारी (SHO) की आधिकारिक स्कॉर्पियो गाड़ी में अचानक भयानक आग लग गई। हादसे में पुलिस अधिकारी और ड्राइवर बाल-बाल बचे।

- Delhi Car Fire News: दिल्ली पुलिस अधिकारी की चलती स्कॉर्पियो बनी आग का गोला, सूझबूझ से बची थाना प्रभारी की जान
- दिल्ली में बीच सड़क धूं-धूं कर जली थाना प्रभारी की सरकारी स्कॉर्पियो, केबिन से कूदकर SHO और ड्राइवर ने ऐसे बचाई जान
- दिल्ली में बड़ा हादसा टला: थाना प्रभारी की स्कॉर्पियो गाड़ी में लगी अचानक आग, पुलिस अधिकारी और चालक सुरक्षित
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में गुरुवार को एक बड़ा हादसा होने से टल गया, जहां गश्त पर निकले एक थाना प्रभारी (SHO) की आधिकारिक महिंद्रा स्कॉर्पियो गाड़ी में अचानक बीच सड़क पर भीषण आग लग गई। यह हादसा उस समय हुआ जब पुलिस अधिकारी अपने चालक के साथ क्षेत्र के नियमित दौरे पर थे। गाड़ी के अगले हिस्से (बोनट) से अचानक धुआं निकलने के बाद सक्रिय हुए पुलिस अधिकारी और ड्राइवर ने तुरंत सूझबूझ दिखाई और समय रहते वाहन से बाहर कूद गए। इसके कुछ ही पलों के भीतर पूरी कार आग की लपटों की चपेट में आ गई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और दमकल विभाग की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाया। इस हादसे में दोनों पुलिसकर्मी पूरी तरह सुरक्षित हैं, जबकि गाड़ी बुरी तरह जलकर खाक हो गई है।
दिल्ली के एक व्यस्त इलाके में कानून व्यवस्था का जायजा लेने निकले दिल्ली पुलिस के एक थाना प्रभारी की सरकारी गाड़ी अचानक धूं-धूं कर जल उठी। शुरुआती तकनीकी इनपुट के अनुसार, कार के इंजन कंपार्टमेंट में हुए किसी शॉर्ट सर्किट या ओवरहीटिंग के कारण यह घटना होना माना जा रहा है। जिस समय कार में आग लगी, वह मुख्य सड़क पर चल रही थी, जिससे कुछ समय के लिए आसपास के यातायात में भी बाधा उत्पन्न हुई। राहत की सबसे बड़ी बात यह रही कि गाड़ी लॉक नहीं हुई और सेंट्रल लॉकिंग फेल होने से पहले ही दोनों सवार सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब रहे, जिससे एक बेहद दुखद हादसा टल गया।
यह वाकया गुरुवार दोपहर का है, जब संबंधित थाने के एसएचओ अपनी सरकारी स्कॉर्पियो एसयूवी (SUV) में बैठकर रूटीन गश्त पर निकले थे। गाड़ी को उनका आधिकारिक पुलिस ड्राइवर चला रहा था। चश्मदीदों के मुताबिक, गाड़ी जैसे ही एक मुख्य चौराहे के पास पहुंची, अचानक उसके बोनट के नीचे से गाढ़ा काला धुआं निकलने लगा।
ड्राइवर ने तुरंत खतरे को भांपते हुए गाड़ी को सड़क के किनारे लगाया। इसी दौरान कार के केबिन के भीतर भी प्लास्टिक जलने की तेज गंध फैल गई। ड्राइवर और थाना प्रभारी ने बिना एक सेकंड गंवाए तुरंत गाड़ी के दरवाजे खोले और बाहर की तरफ भागे। उनके बाहर निकलते ही इंजन के हिस्से से तेज लपटें उठीं और देखते ही देखते पूरी स्कॉर्पियो आग का गोला बन गई। स्थानीय पुलिस ने तुरंत दमकल केंद्र को सूचित किया। फायर ब्रिगेड की एक गाड़ी ने मौके पर पहुंचकर करीब 15-20 मिनट की मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया, लेकिन तब तक गाड़ी का आंतरिक और बाहरी ढांचा पूरी तरह नष्ट हो चुका था।
हादसे के बाद दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके का मुआयना किया और राहत की सांस ली कि उनके जवान सुरक्षित हैं। जिले के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "हमारे अधिकारी और जवान सुरक्षित हैं, यह हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण है। ऑन-ड्यूटी पुलिस वाहनों की तकनीकी स्थिति और मेंटेनेंस की नियमित जांच की जाती है, लेकिन यह एक अचानक हुई यांत्रिक खराबी प्रतीत होती है। इसके वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए एमवी एक्ट (MV Act) के तहत तकनीकी विशेषज्ञों से गाड़ी की जांच कराई जाएगी।"
वहीं, दिल्ली दमकल सेवा (DFS) के अधिकारी ने बताया कि उन्हें दोपहर के वक्त गाड़ी में आग लगने की कॉल मिली थी। टीम ने त्वरित कार्रवाई की जिससे आग पेट्रोल टैंक तक पहुंचने से पहले ही नियंत्रित कर ली गई, अन्यथा बड़ा विस्फोट हो सकता था।
इस अचानक हुई दुर्घटना का असर स्थानीय क्षेत्र और विभागीय स्तर पर देखा जा रहा है:
यातायात व्यवस्था: मुख्य मार्ग पर चलती गाड़ी में आग लगने के कारण एहतियातन दोनों तरफ के ट्रैफिक को कुछ समय के लिए रोक दिया गया था, जिससे दोपहर के समय वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
विभागीय जांच: इस घटना के बाद दिल्ली पुलिस के बेड़े में शामिल अन्य पुराने सरकारी वाहनों के फिटनेस और वायरिंग सुरक्षा को लेकर आंतरिक समीक्षा शुरू की जा सकती है।
सुरक्षा प्रोटोकॉल: चलती गाड़ी में आग लगने की स्थिति में कैसे तुरंत बाहर निकलना है, इस त्वरित निर्णय क्षमता की आम जनता द्वारा भी सराहना की जा रही है।
स्थानीय पुलिस ने इस घटना के संबंध में रोजनामचे (डीडी एंट्री) में मामला दर्ज कर लिया है। जली हुई स्कॉर्पियो को क्रेन की मदद से सड़क से हटाकर थाने परिसर में सुरक्षित रखवा दिया गया है, जहां फॉरेंसिक और ऑटोमोबाइल इंजीनियर्स की टीम इसकी जांच करेगी ताकि आग लगने की सटीक वजह (जैसे शॉर्ट सर्किट, फ्यूल पाइप लीकेज या रेडिएटर की खराबी) का पता लगाया जा सके। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने आधे घंटे की मशक्कत के बाद प्रभावित मार्ग पर यातायात को पूरी तरह से सामान्य करा दिया है।
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