Patna Lineman Death Case: पटना में लाइनमैन की मौत के बाद भारी बवाल, परिजनों का आरोप- पीट-पीटकर हुई हत्या, सड़क जाम और आगजनी

Patna Lineman Death News: पटना में एक बिजली लाइनमैन की मौत के बाद परिजनों ने पीट-पीटकर हत्या का आरोप लगाते हुए सड़क जाम कर दी और जमकर आगजनी की।

Jul 10, 2026 - 12:01
 0  3
Patna Lineman Death Case: पटना में लाइनमैन की मौत के बाद भारी बवाल, परिजनों का आरोप- पीट-पीटकर हुई हत्या, सड़क जाम और आगजनी
Lineman Murder Allegation Patna
  • Patna Crime News: पटना में बिजली विभाग के लाइनमैन की संदिग्ध मौत, परिजनों ने काटा हंगामा, बीच सड़क टायर जलाकर प्रदर्शन
  • पटना में लाइनमैन की मौत पर उग्र हुआ बवाल: परिजनों ने लगाया मॉब लिंचिंग का आरोप, सड़कों पर आगजनी और पथराव के बाद भारी पुलिस बल तैनात
  • पटना में मची खलबली: बिजली लाइनमैन की मौत के बाद सड़क पर उतरी उग्र भीड़, पीट-पीटकर हत्या का आरोप लगा की आगजनी

बिहार की राजधानी पटना में एक बिजली विभाग के लाइनमैन की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद शुक्रवार को जबरदस्त हंगामा और बवाल खड़ा हो गया। यह घटना पटना के स्थानीय थाना क्षेत्र की है, जहां लाइनमैन का शव मिलने के बाद भड़के परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों ने मुख्य मार्ग को पूरी तरह जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर टायर जलाकर उग्र प्रदर्शन किया और इस दौरान कुछ वाहनों में तोड़फोड़ व आगजनी की घटनाएं भी सामने आईं। मृतक के परिजनों ने बिजली विभाग के कुछ स्थानीय दबंगों या असामाजिक तत्वों पर पीट-पीटकर हत्या (मॉब लिंचिंग) करने का गंभीर आरोप लगाया है। घटना की सूचना मिलते ही कई थानों की पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास शुरू कर दिया है, और मामले की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है।

पटना के ग्रामीण और शहरी सीमा को जोड़ने वाले इलाके में तैनात बिजली विभाग के एक संविदाकर्मी (लाइनमैन) की रहस्यमयी हालात में मौत हो गई। शुक्रवार सुबह जब उसका शव बरामद हुआ, तो हड़कंप मच गया। मृतक के शरीर पर चोट के कुछ निशान होने की बात सामने आ रही है, जिसे आधार बनाकर परिजनों ने इसे स्वाभाविक मौत या दुर्घटना मानने से साफ इनकार कर दिया है। परिजनों का दावा है कि लाइनमैन को ड्यूटी के दौरान या उसके तुरंत बाद कुछ अज्ञात लोगों द्वारा बेरहमी से पीटा गया, जिससे उसकी जान चली गई। इसी मांग को लेकर कि आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी हो, लोग शव को सड़क पर रखकर धरने पर बैठ गए।

प्राप्त विवरण के अनुसार, लाइनमैन गुरुवार शाम को बिजली की खराबी को दुरुस्त करने के लिए अपने निर्धारित क्षेत्र में निकला था, लेकिन देर रात तक वह घर नहीं लौटा। शुक्रवार की सुबह उसका शव मिलने के बाद परिजन आक्रोशित हो गए। देखते ही देखते सैकड़ों की संख्या में स्थानीय ग्रामीण लाठी-डंडों के साथ मुख्य सड़क पर उतर आए।

गुस्साई भीड़ ने सड़क के बीचों-बीच टायर और लकड़ी के गुटके रखकर आग लगा दी, जिससे मार्ग पर वाहनों का आवागमन पूरी तरह ठप हो गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन और बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जब पुलिस ने स्थिति को समझाने और शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने का प्रयास किया, तो भीड़ और उग्र हो गई। कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा पथराव किए जाने की भी अपुष्ट खबरें हैं। हालात बेकाबू होते देख जिला मुख्यालय से अतिरिक्त पुलिस बल और दंगा रोधी वाहनों को मौके पर रवाना किया गया, जिसके बाद इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया है।

इस बेहद तनावपूर्ण मामले पर पुलिस प्रशासन और मृतक के परिजनों की तरफ से अलग-अलग बयान सामने आए हैं:

परिजनों का आरोप: मृतक के भाई ने रोते हुए बताया, "हमारे भाई की किसी से कोई निजी दुश्मनी नहीं थी। वे ड्यूटी पर गए थे। उनके शरीर पर दिख रहे निशान साफ बता रहे हैं कि उन्हें बेरहमी से लाठियों से पीटा गया है। यह हत्या का मामला है, लेकिन पुलिस इसे दबाने की कोशिश कर रही है। जब तक दोषियों को पकड़ा नहीं जाता, हम प्रदर्शन बंद नहीं करेंगे।"

बिहार पुलिस का रुख: मामले की कमान संभाल रहे स्थानीय अनुमंडल पुलिस अधिकारी (SDPO) ने बहुत ही संतुलित और गैर-सनसनीखेज भाषा में कहा, "परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों को दर्ज कर लिया गया है। कानून व्यवस्था को हाथ में लेने वालों पर नजर रखी जा रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। पोस्टमार्टम की मेडिकल रिपोर्ट और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर ही मौत के सही कारणों का पता चलेगा। पुलिस निष्पक्षता से जांच कर रही है और किसी भी निर्दोष को परेशान नहीं किया जाएगा, न ही किसी दोषी को बख्शा जाएगा।"

इस बड़े बवाल और आगजनी के कारण पटना के इस हिस्से में जनजीवन पर व्यापक प्रभाव पड़ा है:

ट्रैफिक डायवर्जन: मुख्य मार्ग के पूरी तरह जाम होने से एंबुलेंस, स्कूली बसों और आवश्यक सेवाओं के वाहन घंटों फंसे रहे। बाद में यातायात पुलिस ने रूट डायवर्ट कर वाहनों को निकाला।

बाजार बंद: सुरक्षा के मद्देनजर और किसी अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए कार्यक्रम स्थल के आसपास की सभी दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के शटर गिर गए।

तनाव की स्थिति: इलाके में अभी भी तनाव का माहौल बना हुआ है, जिसे देखते हुए रैपिड एक्शन फोर्स या अतिरिक्त पीएसी (PAC) के जवानों को तैनात रखने का निर्णय लिया गया है।

पुलिस प्रशासन ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रबुद्ध नागरिकों की मदद से प्रदर्शनकारियों के साथ बातचीत का दौर शुरू किया है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि अगले 24 घंटे के भीतर प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर संदिग्धों से पूछताछ शुरू कर दी जाएगी। शव के पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी कराने की भी मांग परिजनों द्वारा की जा रही है, जिसे पुलिस ने स्वीकार कर लिया है। एक बार जब मेडिकल रिपोर्ट सार्वजनिक हो जाएगी, तभी यह स्पष्ट हो पाएगा कि यह हत्या का मामला है या इसके पीछे कोई अन्य तकनीकी वजह रही है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है लेकिन पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद है।

Also Read- राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: चंपत राय के इस्तीफे से संत समाज निराश, नए अंतरिम महासचिव कृष्णचंद्र के सामने बड़ी चुनौती

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow