Arvind Kejriwal on Petrol Price: 'शुद्ध पेट्रोल 82 और E20 पेट्रोल 70 रुपये प्रति लीटर होना चाहिए', केजरीवाल का बड़ा बयान

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार से मांग की है कि देश में शुद्ध पेट्रोल 82 रुपये और E20 पेट्रोल 70 रुपये प्रति लीटर बिकना चाहिए।

Jul 10, 2026 - 12:38
Jul 10, 2026 - 12:43
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Arvind Kejriwal on Petrol Price: 'शुद्ध पेट्रोल 82 और E20 पेट्रोल 70 रुपये प्रति लीटर होना चाहिए', केजरीवाल का बड़ा बयान
आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल
  • Petrol Price Reduction Demand: अरविंद केजरीवाल ने समझाया E20 पेट्रोल की कीमत का गणित, केंद्र से की कीमतें घटाने की मांग
  • पेट्रोल 70 रुपये लीटर! अरविंद केजरीवाल ने समझाया E20 पेट्रोल की कीमत का पूरा गणित, केंद्र सरकार से की ये बड़ी मांग
  • अरविंद केजरीवाल का बड़ा बयान: 'शुद्ध पेट्रोल 82 और E20 पेट्रोल 70 रुपये प्रति लीटर मिले', केंद्र सरकार से की कीमतों में कटौती की मांग

आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने देश में पेट्रोल-डीजल की ऊंची कीमतों को लेकर केंद्र सरकार पर बड़ा राजनीतिक हमला बोला है। शुक्रवार को एक बयान जारी करते हुए केजरीवाल ने ईंधन की कीमतों का गणित समझाया और स्पष्ट मांग की कि उपभोक्ताओं को 'शुद्ध पेट्रोल 82 रुपये प्रति लीटर और E20 (इथेनॉल मिश्रित) पेट्रोल करीब 70 रुपये प्रति लीटर' की दर से मिलना चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि जब केंद्र सरकार पेट्रोल में 20 प्रतिशत सस्ता इथेनॉल मिला रही है, तो उसकी कम हुई लागत का सीधा आर्थिक लाभ आम जनता की जेब तक क्यों नहीं पहुंच रहा। केजरीवाल के इस बयान ने महंगाई के मुद्दे पर देश में एक नई राजनीतिक बहस छेड़ दी है, जिसका असर आगामी विधानसभा चुनावों पर भी पड़ सकता है।

देश में बढ़ती महंगाई और पेट्रोल-डीजल की स्थिर लेकिन ऊंची कीमतों के बीच आम आदमी पार्टी के सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने ईंधन की मूल्य निर्धारण नीति (Fuel Pricing Policy) पर सवाल खड़े किए हैं। केजरीवाल ने केंद्र सरकार के 'इथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम' (Ethanol Blending Program) का हवाला देते हुए कहा है कि सरकार पेट्रोल में 20 फीसदी इथेनॉल मिला रही है, जो कच्चे तेल से बनने वाले पेट्रोल की तुलना में काफी सस्ता है। उनका सीधा सवाल यह है कि यदि उत्पादन लागत कम हो रही है, तो पेट्रोल अभी भी 95 से 100 रुपये प्रति लीटर के आसपास क्यों बिक रहा है? उन्होंने अपनी गणना के आधार पर दावा किया कि अगर सही तरीके से मुनाफाखोरी रोकी जाए, तो शुद्ध पेट्रोल 82 रुपये और E20 पेट्रोल 70 रुपये प्रति लीटर की दर से जनता को आसानी से उपलब्ध कराया जा सकता है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव और घरेलू बाजार में तेल कंपनियों के मुनाफे को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठाता रहा है। इसी कड़ी में अरविंद केजरीवाल ने E20 पेट्रोल (जिसमें 80% पेट्रोल और 20% इथेनॉल होता है) को अपना मुख्य मुद्दा बनाया है।

केंद्र सरकार ने कच्चे तेल के आयात बिल को कम करने और पर्यावरण को स्वच्छ रखने के उद्देश्य से पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने की योजना शुरू की थी, जिसका लक्ष्य देश भर में E20 पेट्रोल की आपूर्ति करना है। केजरीवाल का तर्क है कि इथेनॉल की कीमत पारंपरिक पेट्रोल की रिफाइनिंग लागत से काफी कम होती है। ऐसे में एक लीटर E20 पेट्रोल की मूल लागत काफी घट जाती है।

केजरीवाल ने कहा, "सरकार ने आयात कम करने के लिए अच्छा कदम उठाया, लेकिन इसका फायदा सिर्फ तेल कंपनियों के खजाने में क्यों जा रहा है? आम आदमी जो रोजमर्रा की महंगाई से जूझ रहा है, उसे सस्ता पेट्रोल क्यों नहीं मिल रहा? हमारी मांग है कि उत्पाद शुल्क (Excise Duty) और मुनाफे को तर्कसंगत बनाकर शुद्ध पेट्रोल 82 रुपये और E20 पेट्रोल 70 रुपये में बेचा जाए।"

केजरीवाल के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है:

आम आदमी पार्टी (AAP): पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने केजरीवाल के बयान का समर्थन करते हुए कहा है कि यह सीधे तौर पर जनता की जेब पर डाका है। जब उत्पाद सस्ता तैयार हो रहा है, तो उसे महंगे दाम पर बेचना सरकारी तेल कंपनियों की मनमानी है।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) का रुख: भाजपा नेताओं ने केजरीवाल के इस गणित को 'राजनीतिक स्टंट' करार दिया है। उनका तर्क है कि केंद्र सरकार ने पहले भी एक्साइज ड्यूटी घटाकर जनता को राहत दी है। भाजपा का यह भी कहना है कि यदि केजरीवाल वास्तव में पेट्रोल सस्ता करना चाहते हैं, तो आम आदमी पार्टी शासित राज्यों (जैसे पंजाब) में राज्य सरकार द्वारा लगाया जाने वाला वैट (VAT) कम क्यों नहीं कर देती।

आर्थिक विश्लेषक: विशेषज्ञों का मानना है कि यद्यपि E20 पेट्रोल की उत्पादन लागत कम है, लेकिन इथेनॉल उत्पादन, परिवहन, और बुनियादी ढांचे (पेट्रोल पंपों पर नए डिस्पेंसर) के लिए भी भारी पूंजी निवेश की आवश्यकता होती है। हालांकि, वे इस बात से सहमत हैं कि एक सीमा तक कीमतों में कटौती की गुंजाइश बन सकती है।

अरविंद केजरीवाल के इस बयान का प्रभाव केवल राजनीतिक गलियारों तक सीमित नहीं है:

जनता के बीच विमर्श: आम आदमी अब E20 पेट्रोल और उसकी लागत के बारे में अधिक जागरूक हो रहा है। सोशल मीडिया पर यह बहस तेज हो गई है कि क्या वाकई पेट्रोल 70 रुपये लीटर हो सकता है।

चुनावी मुद्दा: पेट्रोल-डीजल की कीमतें हमेशा से भारत में एक बड़ा चुनावी मुद्दा रही हैं। आगामी विधानसभा चुनावों में AAP इस गणित को जनता के सामने पेश कर महंगाई के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरने की कोशिश करेगी।

सरकार पर दबाव: यदि इस मांग को जनता का व्यापक समर्थन मिलता है, तो पेट्रोलियम मंत्रालय और तेल विपणन कंपनियों (OMCs) पर कीमतों की समीक्षा करने का दबाव बढ़ सकता है।

अब सबकी निगाहें पेट्रोलियम मंत्रालय और केंद्र सरकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया पर टिकी हैं। क्या तेल कंपनियां अपने लाभ के आंकड़े और E20 पेट्रोल की वास्तविक लागत का सार्वजनिक ब्योरा पेश करेंगी? इसके साथ ही, यह देखना दिलचस्प होगा कि आम आदमी पार्टी इस मुद्दे को सड़क पर ले जाकर जनआंदोलन का रूप देती है या यह केवल बयानों तक सीमित रहता है। त्योहारी सीजन से पहले पेट्रोल की कीमतों में किसी भी प्रकार की राहत मध्यवर्गीय परिवारों के लिए एक बड़ा मुद्दा साबित हो सकती है।

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