बिहार हिजाब विवाद: AIMIM नेता इम्तियाज जलील ने नीतीश कुमार और संजय निषाद पर खुली धमकी दी, वीडियो वायरल।
बिहार में हिजाब विवाद ने राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक सरकारी
बिहार में हिजाब विवाद ने राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक सरकारी कार्यक्रम में नवनिुक्त आयुष डॉक्टरों को नियुक्ति पत्र वितरित करते समय एक मुस्लिम महिला डॉक्टर नुसरत परवीन का हिजाब या नकाब खींचकर नीचे कर दिया। यह घटना पटना में मुख्यमंत्री सचिवालय में आयोजित समारोह के दौरान हुई, जहां नीतीश कुमार नियुक्ति पत्र दे रहे थे। वीडियो में दिख रहा है कि महिला अपना नियुक्ति पत्र लेने आईं, तो नीतीश कुमार ने उनके हिजाब की ओर इशारा किया और फिर खुद उसे नीचे खींच दिया। इस घटना का वीडियो तेजी से वायरल हो गया, जिससे पूरे देश में विवाद खड़ा हो गया। इस कृत्य की कई राजनीतिक दलों और संगठनों ने निंदा की, जबकि कुछ नेताओं ने इसे पहचान सत्यापन के लिए जरूरी बताया। विवाद बढ़ने पर उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने नीतीश कुमार का बचाव करते हुए एक बयान दिया, जिसमें उन्होंने कहा कि हिजाब छू लिया तो इतना हल्ला क्यों, अगर कहीं और छू देते तो क्या होता। इस बयान पर भी व्यापक आलोचना हुई और संजय निषाद ने बाद में स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि उनके शब्दों का गलत अनुवाद हुआ और कोई बुरी मंशा नहीं थी।
इस पूरे विवाद ने महाराष्ट्र तक तूल पकड़ लिया, जहां छत्रपति संभाजीनगर में नगर परिषद चुनाव प्रचार के दौरान AIMIM के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद इम्तियाज जलील ने नीतीश कुमार और संजय निषाद पर तीखा हमला बोला। यवतमाल में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए इम्तियाज जलील ने कहा कि अगर संजय निषाद उनके सामने होते तो वे उनका एक हाथ तोड़कर दूसरे हाथ में दे देते। उन्होंने नीतीश कुमार पर भी कड़े शब्दों का उपयोग किया और कहा कि अच्छा हुआ यह घटना महाराष्ट्र में नहीं हुई, वरना वे सलामत नहीं जाते। जलील ने संजय निषाद की टिप्पणी को महिलाओं के सम्मान पर हमला बताया और कहा कि मुस्लिम समाज अपनी बेटियों के सम्मान के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेगा। इम्तियाज जलील का यह बयान बेहद आक्रामक लहजे में था, जिसमें उन्होंने खुली धमकी दी कि अगर ऐसे लोग उनके हत्थे चढ़ते तो वे उन्हें नहीं छोड़ते। इस भाषण का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे राजनीतिक बहस और गरमा गई है। जलील ने यह भी कहा कि संजय निषाद उत्तर प्रदेश में हैं, इसलिए बच गए, लेकिन हिम्मत है तो महाराष्ट्र आकर दिखाएं।
विवाद की शुरुआत बिहार में हुई घटना से हुई, जहां नीतीश कुमार आयुष डॉक्टरों को नियुक्ति पत्र दे रहे थे। महिला डॉक्टर हिजाब पहने मंच पर आईं, तो नीतीश कुमार ने पहले इशारा किया और फिर खुद हिजाब नीचे कर दिया। इस घटना के बाद कई जगहों पर शिकायतें दर्ज की गईं। लखनऊ में समाजवादी पार्टी की नेता सुमैया राणा ने कैसरबाग पुलिस स्टेशन में नीतीश कुमार और संजय निषाद के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई, जिसमें उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार का कृत्य महिलाओं का अपमान है और संजय निषाद का बयान धार्मिक भावनाओं को भड़काने वाला है। मुजफ्फरपुर में भी एक कांग्रेस नेता ने स्थानीय अदालत में नीतीश कुमार और संजय निषाद के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। जम्मू-कश्मीर में पीडीपी नेता इल्तिजा मुफ्ती ने श्रीनगर के कोठी बाग पुलिस स्टेशन में नीतीश कुमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की। विवाद बढ़ने पर नीतीश कुमार की सुरक्षा बढ़ा दी गई, क्योंकि खुफिया एजेंसियों से अलर्ट मिला था। पटना पुलिस ने एक पाकिस्तान आधारित व्यक्ति के वीडियो संदेश पर एफआईआर दर्ज की, जिसमें नीतीश कुमार को धमकी दी गई थी।
संजय निषाद ने अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा कि उनके शब्दों को गलत तरीके से पेश किया गया और यह भोजपुरी क्षेत्र की बोलचाल की शैली है, जिसमें कोई अपमान करने का इरादा नहीं था। उन्होंने कहा कि अगर किसी को ठेस पहुंची तो वे शब्द वापस लेते हैं। नीतीश कुमार की घटना पर बिहार के कुछ मंत्रियों ने कहा कि यह पहचान जांचने के लिए था, जबकि अन्य ने इसे पिता जैसा व्यवहार बताया। महिला डॉक्टर नुसरत परवीन के जॉइनिंग को लेकर भी अफवाहें उड़ीं, लेकिन बाद में स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि वे 20 दिसंबर को ड्यूटी जॉइन करेंगी। इम्तियाज जलील का वीडियो यवतमाल की सभा से है, जहां वे नगर परिषद चुनाव प्रचार कर रहे थे। उनका यह बयान AIMIM की ओर से विवाद पर सबसे तीखी प्रतिक्रिया मानी जा रही है। जलील ने कहा कि महिलाओं के हिजाब के साथ छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी और ऐसे बयान देने वालों को सबक सिखाया जाएगा। इस वीडियो के वायरल होने से महाराष्ट्र और बिहार दोनों जगहों पर राजनीतिक माहौल गरमा गया है।
यह विवाद अब राष्ट्रीय स्तर पर पहुंच गया है, जहां विभिन्न दलों के नेता इसमें शामिल हो रहे हैं। संजय निषाद का बयान पहले वायरल हुआ, फिर इम्तियाज जलील की प्रतिक्रिया ने इसे नया मोड़ दिया। जलील ने सभा में कहा कि नीतीश कुमार और संजय निषाद जैसे लोग मुस्लिम महिलाओं के सम्मान से खिलवाड़ कर रहे हैं, जो स्वीकार्य नहीं है। उनका वीडियो विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर साझा हो रहा है, जिसमें वे आक्रामक अंदाज में बोलते दिख रहे हैं। इस घटना क्रम से हिजाब विवाद ने सियासी रंग ले लिया है, जहां एक तरफ नीतीश कुमार की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं, तो दूसरी तरफ संजय निषाद और इम्तियाज जलील के बयानों पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। विवाद की जड़ बिहार की उस घटना में है, जो अब कई राज्यों तक फैल गई है। इम्तियाज जलील ने अपनी सभा में स्पष्ट कहा कि अगर ऐसे कृत्य महाराष्ट्र में होते तो परिणाम अलग होते। इस पूरे मामले में कई जगहों पर कानूनी शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं, और जांच जारी है। विवाद ने महिलाओं की गरिमा और धार्मिक स्वतंत्रता के मुद्दे को फिर से उजागर किया है।
इम्तियाज जलील का बयान चुनावी सभा में दिया गया, जहां वे AIMIM के उम्मीदवारों के प्रचार में थे। उन्होंने नीतीश कुमार को अपशब्द कहे और संजय निषाद को सीधी धमकी दी। यह वीडियो 18 दिसंबर के आसपास रिकॉर्ड किया गया और तेजी से फैल रहा है। संजय निषाद ने अपने बयान को हल्का-फुल्का बताया और कहा कि यह अनुवाद की समस्या है।
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