विधानसभा स्पीकर सतीश महाना ने योगी सरकार के मंत्रियों को लगाई फटकार, प्रश्नकाल में गरमाया माहौल।

उत्तर प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र इन दिनों चल रहा है और इस दौरान कई दिलचस्प घटनाएं देखने को मिल रही हैं। 19 फरवरी 2026 को

Feb 20, 2026 - 11:22
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विधानसभा स्पीकर सतीश महाना ने योगी सरकार के मंत्रियों को लगाई फटकार, प्रश्नकाल में गरमाया माहौल।
विधानसभा स्पीकर सतीश महाना ने योगी सरकार के मंत्रियों को लगाई फटकार, प्रश्नकाल में गरमाया माहौल।
  • मंत्री दिनेश प्रताप सिंह को स्पीकर की दो टूक- मुझे काम गिनाने की जरूरत नहीं
  • सपा विधायकों से बोले सतीश महाना- सब एक साथ खड़े होकर बोल लो, आज किसी को नहीं बैठाऊंगा

उत्तर प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र इन दिनों चल रहा है और इस दौरान कई दिलचस्प घटनाएं देखने को मिल रही हैं। 19 फरवरी 2026 को विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान स्पीकर सतीश महाना का गुस्सा फूट पड़ा। स्पीकर ने योगी सरकार के दो मंत्रियों को फटकार लगाई। पहले मंत्री दिनेश प्रताप सिंह से स्पीकर ने दो टूक में कहा कि मुझे काम क्यों गिना रहे हैं। उसके बाद दूसरे मंत्री को भी स्पीकर ने डांटा। स्पीकर कभी गरम तो कभी नरम नजर आए। उन्होंने सपा विधायकों से कहा कि सब लोग एक साथ खड़े होकर बोल लो, आज मैं किसी को भी नहीं बैठाऊंगा। यह घटना विधानसभा में हंगामे का कारण बनी। स्पीकर की फटकार के बाद सदन में कुछ देर के लिए शांति रही लेकिन प्रश्नकाल में बहस जारी रही। स्पीकर ने सदन की कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाने के लिए कड़े कदम उठाए।

प्रश्नकाल के दौरान जब मंत्री दिनेश प्रताप सिंह जवाब दे रहे थे तो स्पीकर ने उन्हें बीच में टोका। मंत्री अपनी सरकार के काम गिना रहे थे जिस पर स्पीकर ने आपत्ति जताई। स्पीकर ने कहा कि मुझे काम गिनाने की जरूरत नहीं है। यह फटकार मंत्री के लिए अप्रत्याशित थी। मंत्री ने अपना जवाब पूरा किया लेकिन स्पीकर की नाराजगी साफ दिखाई दे रही थी। यह घटना विधानसभा में चर्चा का विषय बनी। स्पीकर ने मंत्री से कहा कि जवाब सीधा और स्पष्ट दें, अनावश्यक बातें न करें। स्पीकर की इस फटकार से सदन में सन्नाटा छा गया। मंत्री ने अपनी बात रखी लेकिन स्पीकर की बात माननी पड़ी।

  • स्पीकर की फटकार

स्पीकर सतीश महाना ने मंत्री दिनेश प्रताप सिंह से कहा कि मुझे काम क्यों गिना रहे हैं। मंत्री सदन में अपनी सरकार के कामों का बखान कर रहे थे। स्पीकर ने उन्हें टोकते हुए कहा कि सदन में जवाब सीधा दें। स्पीकर ने मंत्री से कहा कि अनावश्यक बातें न करें। मंत्री ने अपना जवाब दिया लेकिन स्पीकर की फटकार के बाद चुप हो गए। यह घटना 19 फरवरी 2026 को हुई। स्पीकर ने मंत्री को चेतावनी दी कि सदन की गरिमा बनाए रखें। मंत्री ने स्पीकर की बात मान ली। स्पीकर ने सपा विधायकों को भी फटकार लगाई। सपा विधायक सदन में एक साथ बोलने लगे जिस पर स्पीकर ने कहा कि सब एक साथ खड़े होकर बोल लो। स्पीकर ने कहा कि आज मैं किसी को नहीं बैठाऊंगा। सपा विधायक अपनी बात रखने की कोशिश कर रहे थे। स्पीकर ने उन्हें शांत रहने को कहा। सपा विधायकों ने सदन में हंगामा किया लेकिन स्पीकर ने स्थिति संभाली। स्पीकर ने सपा विधायकों से कहा कि नियमों का पालन करें। सपा विधायक चुप हो गए। स्पीकर की फटकार से सदन में अनुशासन बना रहा।

  • सपा विधायकों पर स्पीकर की टिप्पणी

स्पीकर सतीश महाना ने सपा विधायकों से कहा कि सब लोग एक साथ खड़े होकर बोल लो। सपा विधायक सदन में एक साथ बोलने लगे थे। स्पीकर ने कहा कि आज किसी को नहीं बैठाऊंगा। सपा विधायक अपनी बात रख रहे थे। स्पीकर ने उन्हें टोका। सपा विधायकों ने स्पीकर की बात मानी। स्पीकर ने सदन की कार्यवाही जारी रखी। यह घटना प्रश्नकाल के दौरान हुई। स्पीकर ने सपा विधायकों को चेतावनी दी। स्पीकर ने दूसरे मंत्री को भी फटकार लगाई। मंत्री जवाब दे रहे थे लेकिन स्पीकर ने उन्हें टोका। स्पीकर ने मंत्री से कहा कि जवाब सीधा दें। मंत्री ने स्पीकर की बात मान ली। स्पीकर की फटकार से मंत्री चुप हो गए। स्पीकर ने सदन में अनुशासन बनाए रखा। यह घटना बजट सत्र के दौरान हुई। स्पीकर ने मंत्री को चेतावनी दी कि सदन की गरिमा बनाए रखें। मंत्री ने अपनी बात पूरी की।

  • दूसरे मंत्री पर स्पीकर की फटकार

स्पीकर सतीश महाना ने दूसरे मंत्री को फटकार लगाई। मंत्री सदन में जवाब दे रहे थे। स्पीकर ने उन्हें बीच में टोका। स्पीकर ने कहा कि जवाब सीधा और स्पष्ट दें। मंत्री ने स्पीकर की बात मानी। स्पीकर की फटकार से सदन में सन्नाटा छा गया। मंत्री ने अपना जवाब पूरा किया। स्पीकर ने सदन की कार्यवाही जारी रखी। यह घटना 19 फरवरी 2026 को हुई। बजट सत्र के दौरान यह घटना विधानसभा में हंगामे का कारण बनी। स्पीकर ने सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने के लिए कड़े कदम उठाए। स्पीकर कभी गरम तो कभी नरम नजर आए। स्पीकर ने सभी सदस्यों से नियमों का पालन करने को कहा। सदन में प्रश्नकाल के दौरान यह हंगामा हुआ। स्पीकर ने स्थिति संभाली। स्पीकर की फटकार से सदन में अनुशासन बना रहा। बजट सत्र 10 फरवरी से शुरू हुआ था और 20 फरवरी को समाप्त होना था। सत्र के दौरान कई मुद्दों पर बहस हुई।

उत्तर प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 10 फरवरी 2026 से शुरू हुआ था। सत्र के दौरान बजट पेश किया गया। सत्र 20 फरवरी को समाप्त होना था। सत्र में कई मुद्दों पर बहस हुई। प्रश्नकाल के दौरान कई सवाल उठाए गए। स्पीकर ने सदन की कार्यवाही चलाई। सत्र में योगी सरकार के कामों पर चर्चा हुई। सत्र के दौरान विपक्ष ने कई मुद्दे उठाए। स्पीकर ने सभी सदस्यों से अनुशासन बनाए रखने को कहा। स्पीकर सतीश महाना ने सदन में अनुशासन बनाए रखने के लिए फटकार लगाई। स्पीकर की फटकार से सदस्य चुप हो गए। स्पीकर ने सदन की कार्यवाही जारी रखी। यह घटना विधानसभा में चर्चा का विषय बनी। स्पीकर की फटकार से सदन में सन्नाटा छा गया। स्पीकर ने सभी सदस्यों से नियमों का पालन करने को कहा। सदन में प्रश्नकाल के दौरान यह हंगामा हुआ। स्पीकर ने स्थिति संभाली। स्पीकर की फटकार से सदन में अनुशासन बना रहा।

स्पीकर सतीश महाना ने सदन में अनुशासन बनाए रखा। स्पीकर ने सदस्यों को फटकार लगाई। स्पीकर कभी गरम तो कभी नरम नजर आए। स्पीकर ने सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाई। स्पीकर ने सदस्यों से नियमों का पालन करने को कहा। स्पीकर की फटकार से सदस्य चुप हो गए। स्पीकर ने सदन की गरिमा बनाए रखी। यह घटना 19 फरवरी 2026 को हुई। विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान स्पीकर की फटकार चर्चा का विषय बनी। स्पीकर ने मंत्री और विधायकों को डांटा। स्पीकर की फटकार से सदन में हंगामा थम गया। स्पीकर ने सदन की कार्यवाही जारी रखी। यह घटना बजट सत्र के दौरान हुई। स्पीकर ने सभी सदस्यों से अनुशासन बनाए रखने को कहा। सदन में कई मुद्दों पर बहस हुई। स्पीकर की फटकार से सदस्यों में अनुशासन आया।

प्रश्नकाल विधानसभा में महत्वपूर्ण होता है। प्रश्नकाल में विधायक सरकार से सवाल पूछते हैं। प्रश्नकाल में मंत्री जवाब देते हैं। प्रश्नकाल के दौरान हंगामा हुआ। स्पीकर ने हंगामा शांत किया। प्रश्नकाल में कई सवाल उठाए गए। स्पीकर ने प्रश्नकाल सुचारू रूप से चलाया। प्रश्नकाल में स्पीकर की फटकार लगी।

स्पीकर सतीश महाना ने सदन में कड़ा रुख अपनाया। स्पीकर की फटकार से सदस्य चुप हो गए। स्पीकर ने सदन की कार्यवाही जारी रखी। यह घटना विधानसभा में चर्चा का विषय बनी। स्पीकर की फटकार से सदन में सन्नाटा छा गया। स्पीकर ने सभी सदस्यों से नियमों का पालन करने को कहा। सदन में प्रश्नकाल के दौरान यह हंगामा हुआ। स्पीकर ने स्थिति संभाली। स्पीकर की फटकार से सदन में अनुशासन बना रहा। स्पीकर विधानसभा की कार्यवाही चलाते हैं। स्पीकर सदन में अनुशासन बनाए रखते हैं। स्पीकर सदस्यों को फटकार लगाते हैं। स्पीकर सदन की गरिमा बनाए रखते हैं। स्पीकर नियमों का पालन कराते हैं। स्पीकर की फटकार से सदन में अनुशासन आता है। स्पीकर सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाते हैं। स्पीकर सदस्यों से अनुशासन की अपेक्षा करते हैं।

बजट सत्र के दौरान स्पीकर की फटकार चर्चा का विषय बनी। स्पीकर ने मंत्री और विधायकों को डांटा। स्पीकर की फटकार से सदन में हंगामा थम गया। स्पीकर ने सदन की कार्यवाही जारी रखी। यह घटना बजट सत्र के दौरान हुई। स्पीकर ने सभी सदस्यों से अनुशासन बनाए रखने को कहा। सदन में कई मुद्दों पर बहस हुई। स्पीकर की फटकार से सदस्यों में अनुशासन आया।

  • योगी सरकार के मंत्रियों पर फटकार

स्पीकर ने योगी सरकार के दो मंत्रियों को फटकार लगाई। मंत्रियों ने सदन में जवाब दिए। स्पीकर ने मंत्रियों को टोका। स्पीकर की फटकार से मंत्रियों चुप हो गए। स्पीकर ने मंत्रियों से सीधा जवाब मांगा। स्पीकर की फटकार 19 फरवरी 2026 को लगी। स्पीकर ने मंत्रियों को चेतावनी दी। स्पीकर की फटकार से सदन में अनुशासन बना। स्पीकर ने सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाई। स्पीकर की फटकार चर्चा का विषय बनी। स्पीकर ने सदस्यों से नियमों का पालन करने को कहा। सदन में प्रश्नकाल के दौरान हंगामा हुआ। स्पीकर ने स्थिति संभाली। स्पीकर की फटकार से सदन में शांति रही। बजट सत्र में कई घटनाएं हुईं।

  • बजट सत्र में अन्य घटनाएं

बजट सत्र में कई मुद्दों पर बहस हुई। सत्र में बजट पेश किया गया। सत्र में विपक्ष ने सवाल उठाए। सत्र में सरकार ने जवाब दिए। सत्र में स्पीकर ने सदन चलाया। सत्र में हंगामा हुआ। सत्र में अनुशासन बना रहा। सत्र 10 फरवरी से शुरू हुआ। विधानसभा में स्पीकर की फटकार से सदस्य चुप हो गए। स्पीकर ने सदन की कार्यवाही जारी रखी। यह घटना विधानसभा में चर्चा का विषय बनी। स्पीकर की फटकार से सदन में सन्नाटा छा गया। स्पीकर ने सभी सदस्यों से नियमों का पालन करने को कहा। सदन में प्रश्नकाल के दौरान यह हंगामा हुआ। स्पीकर ने स्थिति संभाली। स्पीकर की फटकार से सदन में अनुशासन बना रहा। बजट सत्र 20 फरवरी 2026 को समाप्त हुआ। सत्र में कई विधेयक पारित हुए। सत्र में बहस हुई। सत्र में स्पीकर ने कार्यवाही चलाई। सत्र में सदस्यों ने भाग लिया। सत्र में अनुशासन बना रहा। सत्र के दौरान कई घटनाएं हुईं। सत्र सफल रहा।

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